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शिक्षामित्रों ने जड़ा ताला
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:07 AM IST
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चंदौली। दस हजार रुपये मानदेय देने के यूपी कैबिनेट के फैसले से नाराज शिक्षामित्रों ने गुरुवार को सुबह दस बजे बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान शिक्षामित्रों और पुलिसकर्मियों संग हल्की नोंकझोक भी हुई। शिक्षामित्रों के तेवर देख विभागीय कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकाल आए और दोबारा कार्यालय में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके चलते कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पुरुष शिक्षामित्रों ने अर्ध नग्न होकर नगर में जुलूस निकाला और सरकार के प्रति अपने गुस्से का इजहार किया।
समायोजन रद्द होने के बाद से ही आंदोलन की राह पकड़ चुके शिक्षामित्र गुरुवार को उग्र हो उठे। भारी संख्या में बीएसए कार्यालय पर जमा होकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इसके बाद पास में ही संचालित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में भी तालाबंदी की और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों संग विश्वासघात किया है। बगैर संज्ञान में लिए दस हजार रुपये मानदेय का फैसला लेना अनुचित है। कहा कि अब शिक्षामित्रों को रोक पाना सरकार के लिए संभव नहीं है। जब तक शिक्षामित्रों की समान कार्य समान वेतन की मांग पूरी नहीं हो जाती है आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को देखते हुए बीएसए कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील रहा। हालांकि कार्यालय में पूरे दिन न तो अधिकारी आए और ना ही कर्मचारी। इस अवसर पर इंद्रजीत यादव, मनोज तिवारी, भूपेंद्र सिंह, श्यामसुंदर सिंह, जेपी पांडेय, जेपी सिंह आदि रहे।
समायोजन रद्द होने के बाद से ही आंदोलन की राह पकड़ चुके शिक्षामित्र गुरुवार को उग्र हो उठे। भारी संख्या में बीएसए कार्यालय पर जमा होकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इसके बाद पास में ही संचालित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में भी तालाबंदी की और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों संग विश्वासघात किया है। बगैर संज्ञान में लिए दस हजार रुपये मानदेय का फैसला लेना अनुचित है। कहा कि अब शिक्षामित्रों को रोक पाना सरकार के लिए संभव नहीं है। जब तक शिक्षामित्रों की समान कार्य समान वेतन की मांग पूरी नहीं हो जाती है आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को देखते हुए बीएसए कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील रहा। हालांकि कार्यालय में पूरे दिन न तो अधिकारी आए और ना ही कर्मचारी। इस अवसर पर इंद्रजीत यादव, मनोज तिवारी, भूपेंद्र सिंह, श्यामसुंदर सिंह, जेपी पांडेय, जेपी सिंह आदि रहे।
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