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लेखा टीम ने चेक किया चुनाव प्रचार खर्च
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चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को व्यय लेख टीम ने प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में खर्च किए गए धनराशि का लेखा जोखा तैयार किया। इस दौरान व्यय प्रेक्षक महेश कुमार और प्रत्याशियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिनसे व्यय लेखा टीम ने चुनाव में खर्च की गई धनराशि का ब्योरा लिया।
निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के दौरान अधिकतम 70 लाख तक खर्च करने की सीमा निर्धारित की है। वहीं चुनाव खर्च के मद्देनजर वस्तुओं के मूल्य भी तय किए गए हैं। चाय,
समोसा से लेकर फूल-माला तक के दाम निर्धारित किए गए हैं। चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे प्रत्याशियों का अलग बैंक खाता खुलवाया गया है।
वहीं चुनाव खर्च का लेखा-जोखा दर्ज करने को अलग से रजिस्टर बनाया गया है। इसमें पाइ-पाइ के हिसाब का ब्यौरा नोट किया जाएगा। वहीं लेन-देन की रसीद भी दिखानी होगी। चुनाव के दौरान व्यय प्रेक्षक की ओर से तीन बार रजिस्टर चेक किया जाएगा। व्यय का लेखा-जोखा लेखा टीम के सामने प्रस्तुत न करने पर आयोग सख्त रुख अख्तियार कर सकता है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में व्यय लेखा रजिस्टर की चेकिंग के दौरान प्रत्याशी व उनके एजेंट मौजूद रहे। मुख्य कोषाधिकारी सदन गोपाल मिश्रा, वित्त व लेखाधिकारी बजरंगबहादुर सिंह, जियालाल, व्यासमुनि, अर्जून पांडेय उपस्थित रहे।
निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के दौरान अधिकतम 70 लाख तक खर्च करने की सीमा निर्धारित की है। वहीं चुनाव खर्च के मद्देनजर वस्तुओं के मूल्य भी तय किए गए हैं। चाय,
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समोसा से लेकर फूल-माला तक के दाम निर्धारित किए गए हैं। चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे प्रत्याशियों का अलग बैंक खाता खुलवाया गया है।
वहीं चुनाव खर्च का लेखा-जोखा दर्ज करने को अलग से रजिस्टर बनाया गया है। इसमें पाइ-पाइ के हिसाब का ब्यौरा नोट किया जाएगा। वहीं लेन-देन की रसीद भी दिखानी होगी। चुनाव के दौरान व्यय प्रेक्षक की ओर से तीन बार रजिस्टर चेक किया जाएगा। व्यय का लेखा-जोखा लेखा टीम के सामने प्रस्तुत न करने पर आयोग सख्त रुख अख्तियार कर सकता है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में व्यय लेखा रजिस्टर की चेकिंग के दौरान प्रत्याशी व उनके एजेंट मौजूद रहे। मुख्य कोषाधिकारी सदन गोपाल मिश्रा, वित्त व लेखाधिकारी बजरंगबहादुर सिंह, जियालाल, व्यासमुनि, अर्जून पांडेय उपस्थित रहे।
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