फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   खुदरा व्यापारियों के लिए मुसीबत बने सिक्के

खुदरा व्यापारियों के लिए मुसीबत बने सिक्के

Mon, 17 Jul 2017 01:18 AM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
खुदरा व्यापारियों के लिए मुसीबत बने सिक्के

विज्ञापन
चंदौली। बैंकों द्वारा दस का सिक्का स्वीकार नहीं किए जाने से व्यापारियों में खलबली मची हुई है। एक, दो, पांच व दस के सिक्के चलन से बाहर होने की अफवाह ने छोटे व्यापारियों, हाकरों के साथ ठेले-खुमचे वालों को परेशानी में डाल दिया है, क्योंकि इनका अधिकांश लेन-देन छोटे नोट व सिक्कों के माध्यम से होता है। इस समस्या को लेकर जब बैंक अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बैंक शाखाओं में सिक्के रखने की व्यवस्था नहीं होने का हवाला दिया। हालांकि बैंक अधिकारियों ने यह भी बताया कि सिक्कों को न जमा करने का कोई अधिकारिक व लिखित आदेश नहीं है। विगत कुछ दिनों से जनपद के अलग-अलग हिस्सों में सिक्कों को जमा करने को लेकर बैंक शाखाओं में हंगामा व विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, छोटे दूकानदार ने जहां सिक्कों के लेन-देन को पूरी तरह से बंद कर दिया है। जिससे ग्राहकों को परेशानी हो रही है। चाय व पान बेचने वाले दूकानदार से लेकर परचून की दूकान संचालित करने वाले छोटे व्यापारी काफी परेशान हैं। इतना ही नहीं सुबह-सुबह लोगों तक देश-दुनिया की खबरें पहुंचाने वाले हाकर भी इस अफवाह की चपेट में आ गए हैं। ग्राहकों द्वारा दिए गए सिक्के बाजार में स्वीकार नहीं किए जाने से इनकी चिंता बढ़ गई है। सिक्कों के चलन से बाहर होने की अफवाह से स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों की आजीविका पर इसका सीधा असर दिख रहा है। वहीं जिला प्रशासन मौन साधे हुए है। लोगों की माने तो शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अफसर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर रहे हैं, जिससे बैंक अफसरों व कर्मियों की मनमानी बढ़ती जा रही है।
सिक्के न लेने पर होगी कार्रवाई
चंदौली। जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि बैंक अधिकारियों से इस संबंध वार्ता की गई है। रिजर्व बैंक का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी बैंक एक ग्राहक से एक हजार रुपये के सिक्के स्वीकार हर हाल में करेगा। यदि किसी बैंक द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिक्के नहीं चलने की अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अग्रणी जिला प्रबंधक श्याम सुंदर देवगम ने बताया कि वे 26 जून से अवकाश पर चल रहे है और ऐसा किसी भी प्रकार की मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
विज्ञापन

कोतवाल से मिले समाचार पत्र वितरक
चंदौली(ब्यूरो)। सिक्कों के चलन से बाहर होने की अफवाह से प्रभावित समाचार पत्र विक्रेता रविवार को आक्रोशित दिखे। उनको एक प्रतिनिधिमंडल सदर कोतवाल से मिला और अपनी समस्याएं रखी। हाकरों का कहना था कि अखबार बिक्री के दौरान अधिकांश लोग फुटकर में सिक्के दे देते हैं। इन दिनों बाजार में न परचून की दूकान वाला सिक्के ले रहा है और ना ही अन्य दूकानों पर सिक्कों को स्वीकार किया जा रहा है। ऐसे में हमारे पास काफी मात्रा में सिक्के एकत्रित हो गए हैं। शहाबुद्दीन व सुशील पटेल का कहना है कि बाजार में सिक्के नहीं चल रहे हैं, जिससे हम सभी के समक्ष आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो गयी है। रमेश कन्नौजिया और कुद्दुस अंसारी ने कहा कि अखबार वितरण के एवज में ग्राहकों द्वारा सिक्के ही मिलते हैं, जो इन दिनों बाजार में नहीं चल रहे हैं। यह समस्या गंभीर होती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुकानदार नही ले रहे सिक्के, लोग परेशान
धानापुर(ब्यूरो)। नोटबंदी के दौरान सिक्कों की हुई भरमार के कारण इस समय कस्बा के दुकानदार सिक्का लेने में आना कानी कर रहे है। इसको लेकर रोज तू तू मैं मैं हो रही है। लोगों का कहना है कि दुकानदार पहले ही पूछ लें रहे है कि सिक्का होगा तो सामान नही मिलेगा। दुकानदारों का कहना है कि इस समय फुटकर सिक्का बड़े पैमाने पर मार्केट में आ गये हैं।जिन्हें हम लोग बैंक में जमा करने जा रहे है। बैंक वाले सिक्कों को नही ले रहे हैं। जब कि बैंक वाले अपने यहां से सबको सिक्का लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लगने से नगद कार्य नही होगा ऐसे में बैंक सिक्का ले नहीं रह है इसलिए परेशानी बढ़ गई है।

हाकरों ने नहीं बांटा समाचार पत्र
सैयदराजा(ब्यूरो)। सिक्कों को लेकर हो रही किचकिच से परेशान होकर रविवार को क्षेत्र के समाचार पत्र विक्रेताओं ने समाचार पत्र नहीं बांटे। समाचार पत्र विक्रेताओं काकहना है हमे मार्केट में पेपर बिक्री करने पर सिक्का मिलता है, लेकिन उसे बैंक नहीं ले रहे हैं। बाजार में दूकानदार भी सिक्का लेने से इनकार कर रहे हैं। सिक्के के लेनदेन में प्रतिदिन किचकिच हो रही है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जिला प्रशासन इस और कोई कदम नहीं उठाता है तो समाचार पत्र विक्रेता आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed