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समितियों पर डंप गेहूं ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:51 AM IST
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गेहूं
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जिले में भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण सहकारी समितियों में रखे गये गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। जिससे समितियों में खाली जगह नहीं बची है और खाद नहीं आ पा रहें हैं। जिससे किसानों को दिक्कत हो रही है। होने से खाली जगह नहीं बची है जिससे की खाद नहीं आ पा रहा है। जससे किसानों को परेशानी हो रही है। पर रख दिया गया मगर उसका वहां से उठान नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। कारण कि अधिकांश समितियों पर गेहूं डंप होने से वहां खाद रखने की जगह ही नहीं बची है। इसके चलते वहां तक खाद नहीं पहुंचने से अब रोपाई के सीजन मेें किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब सहकारी समिति के अधिकारी गेहूं भंडारण की जगह के लिए तलाश कर रहे हैं।
जिले में बने 86 गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन गेहूं लक्ष्य से अधिक लगभग 70 हजार मीट्रिक टन खरीद होने पर जगह के अभाव में गेहूं को समितियों में रख दिया गया। लेकिन अब वहां से उसका उठान ही नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में या फिर समितियों में डंप पड़ा हुआ है।
धानापुर क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ पीसीएफ केंद्र पर अभी तक लगभग 1500 बोरी गेहू रखा गया है जिससे पूरा केंद्र भरा पड़ा है। वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि जब तक गेहूं खाली नहीं हो जाता तब तक खाद नहीं आएगा। वहीं रामपुर सघन सहकारी केंद्र खाद के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। बरहनी साधन सहकारी समिति पर 5000 हजार और घोसवा साधन सहकारी समिति पर 3200 गेंहूं की बोरियां रखी हुई हैं। बरहनी और घोसवा साधन सहकारी समिति पर एक भी बोरी खाद उपलब्ध नहीं है। इलिया में सहकारी समिति पर गोदाम में गेहूं रखा गया है जिससे खाद रखने के लिए जगह नहीं है। सचिव भोला यादव का कहना है कि जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा तब तक खाद नहीं आ पाएगी। इसी तरह सकलडीहा विकासखंड में कुल 13 साधन सहकारी समिति है लेकिन सभी समिति पर नाम मात्र भर खाद उपलब्ध है। वहां भी गेहूं भरा पड़ा है। इससे वहां खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सहकारी समिति और पीसीएफ की लापरवाही से समितियों से खाद का उठान नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं और खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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मुगलसराय। जिला प्रशासन ने गेहूं की खरीद तो कर ली मगर उसके पास रखने की जगह ही नहीं है। अब प्रशासन बिहार के गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर मोहनिया गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल जिले में गेहूं रखने की क्षमता एक लाख टन की है। इसी में इस साल उत्पादन अच्छा होने और खरीद करीब दो गुना होने से गेहूं रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके लिए अब बिहार सरकार से संपर्क कर वहां गेहूं रखा जाएगा।
कोट
-सहकारी समितियों से गेहूं के उठान के लिए पीसीएफ प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं। व्यासनगर, मंडुवाडीह गोदाम पर गेेहूं भेजा जाएगा। समितियों को खाली कराने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
डीके अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव।
-समितियों से गेहूं उठान के लिए बिहार सरकार से संपर्क कर मोहनिया गोदाम पर रखने की सहमति बनी है। समितियों से गेहूं को उठाकर वहां भेजा जाएगा ताकि खाली होने पर वहां किसानों के लिए खाद उपलब्ध हो सके। शशिकांत भारती, पीसीएफ प्रबंधक
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समितियों पर खाद रखने की जगह नहीं
समितियों पर डंप गेहूं ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें
गेहूूं भरे होने से समितियों पर नहीं पहुंच पा रही खाद
अभी 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान बाकी
रोपाई के सीजन में अब खाद के लिए भटक रहे किसान
सहकारी समिति और पीसीएफ प्रबंधक की लापरवाही से हो रही दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
मुुगलसराय। सहकारी समितियों में रखे गये गेहूं का उठान नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। कारण कि अधिकांश समितियों पर गेहूं डंप होने से वहां खाद रखने की जगह ही नहीं बची है। इसके चलते वहां तक खाद नहीं पहुंचने से अब रोपाई के सीजन मेें किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब सहकारी समिति के अधिकारी गेहूं भंडारण की जगह के लिए तलाश कर रहे हैं।
जिले में बने 86 गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन गेहूं लक्ष्य से अधिक लगभग 70 हजार मीट्रिक टन खरीद होने पर जगह के अभाव में गेहूं को समितियों में रख दिया गया। लेकिन अब वहां से उसका उठान ही नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में या फिर समितियों में डंप पड़ा हुआ है।
धानापुर क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ पीसीएफ केंद्र पर अभी तक लगभग 1500 बोरी गेहू रखा गया है जिससे पूरा केंद्र भरा पड़ा है। वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि जब तक गेहूं खाली नहीं हो जाता तब तक खाद नहीं आएगा। वहीं रामपुर सघन सहकारी केंद्र खाद के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। बरहनी साधन सहकारी समिति पर 5000 हजार और घोसवा साधन सहकारी समिति पर 3200 गेंहूं की बोरियां रखी हुई हैं। बरहनी और घोसवा साधन सहकारी समिति पर एक भी बोरी खाद उपलब्ध नहीं है। इलिया में सहकारी समिति पर गोदाम में गेहूं रखा गया है जिससे खाद रखने के लिए जगह नहीं है। सचिव भोला यादव का कहना है कि जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा तब तक खाद नहीं आ पाएगी। इसी तरह सकलडीहा विकासखंड में कुल 13 साधन सहकारी समिति है लेकिन सभी समिति पर नाम मात्र भर खाद उपलब्ध है। वहां भी गेहूं भरा पड़ा है। इससे वहां खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सहकारी समिति और पीसीएफ की लापरवाही से समितियों से खाद का उठान नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं और खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इनसेट
अब बिहार के गोदाम में रखंा जाएगा यूपी का गेहूं
मुगलसराय। जिला प्रशासन ने गेहूं की खरीद तो कर ली मगर उसके पास रखने की जगह ही नहीं है। अब प्रशासन बिहार के गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर मोहनिया गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल जिले में गेहूं रखने की क्षमता एक लाख टन की है। इसी में इस साल उत्पादन अच्छा होने और खरीद करीब दो गुना होने से गेहूं रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके लिए अब बिहार सरकार से संपर्क कर वहां गेहूं रखा जाएगा।
कोट
-सहकारी समितियों से गेहूं के उठान के लिए पीसीएफ प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं। व्यासनगर, मंडुवाडीह गोदाम पर गेेहूं भेजा जाएगा। समितियों को खाली कराने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
डीके अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव।
-समितियों से गेहूं उठान के लिए बिहार सरकार से संपर्क कर मोहनिया गोदाम पर रखने की सहमति बनी है। समितियों से गेहूं को उठाकर वहां भेजा जाएगा ताकि खाली होने पर वहां किसानों के लिए खाद उपलब्ध हो सके। शशिकांत भारती, पीसीएफ प्रबंधक
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जिले में बने 86 गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन गेहूं लक्ष्य से अधिक लगभग 70 हजार मीट्रिक टन खरीद होने पर जगह के अभाव में गेहूं को समितियों में रख दिया गया। लेकिन अब वहां से उसका उठान ही नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में या फिर समितियों में डंप पड़ा हुआ है।
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धानापुर क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ पीसीएफ केंद्र पर अभी तक लगभग 1500 बोरी गेहू रखा गया है जिससे पूरा केंद्र भरा पड़ा है। वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि जब तक गेहूं खाली नहीं हो जाता तब तक खाद नहीं आएगा। वहीं रामपुर सघन सहकारी केंद्र खाद के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। बरहनी साधन सहकारी समिति पर 5000 हजार और घोसवा साधन सहकारी समिति पर 3200 गेंहूं की बोरियां रखी हुई हैं। बरहनी और घोसवा साधन सहकारी समिति पर एक भी बोरी खाद उपलब्ध नहीं है। इलिया में सहकारी समिति पर गोदाम में गेहूं रखा गया है जिससे खाद रखने के लिए जगह नहीं है। सचिव भोला यादव का कहना है कि जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा तब तक खाद नहीं आ पाएगी। इसी तरह सकलडीहा विकासखंड में कुल 13 साधन सहकारी समिति है लेकिन सभी समिति पर नाम मात्र भर खाद उपलब्ध है। वहां भी गेहूं भरा पड़ा है। इससे वहां खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सहकारी समिति और पीसीएफ की लापरवाही से समितियों से खाद का उठान नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं और खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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मुगलसराय। जिला प्रशासन ने गेहूं की खरीद तो कर ली मगर उसके पास रखने की जगह ही नहीं है। अब प्रशासन बिहार के गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर मोहनिया गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल जिले में गेहूं रखने की क्षमता एक लाख टन की है। इसी में इस साल उत्पादन अच्छा होने और खरीद करीब दो गुना होने से गेहूं रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके लिए अब बिहार सरकार से संपर्क कर वहां गेहूं रखा जाएगा।
कोट
-सहकारी समितियों से गेहूं के उठान के लिए पीसीएफ प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं। व्यासनगर, मंडुवाडीह गोदाम पर गेेहूं भेजा जाएगा। समितियों को खाली कराने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
डीके अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव।
-समितियों से गेहूं उठान के लिए बिहार सरकार से संपर्क कर मोहनिया गोदाम पर रखने की सहमति बनी है। समितियों से गेहूं को उठाकर वहां भेजा जाएगा ताकि खाली होने पर वहां किसानों के लिए खाद उपलब्ध हो सके। शशिकांत भारती, पीसीएफ प्रबंधक
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समितियों पर खाद रखने की जगह नहीं
समितियों पर डंप गेहूं ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें
गेहूूं भरे होने से समितियों पर नहीं पहुंच पा रही खाद
अभी 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान बाकी
रोपाई के सीजन में अब खाद के लिए भटक रहे किसान
सहकारी समिति और पीसीएफ प्रबंधक की लापरवाही से हो रही दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
मुुगलसराय। सहकारी समितियों में रखे गये गेहूं का उठान नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। कारण कि अधिकांश समितियों पर गेहूं डंप होने से वहां खाद रखने की जगह ही नहीं बची है। इसके चलते वहां तक खाद नहीं पहुंचने से अब रोपाई के सीजन मेें किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब सहकारी समिति के अधिकारी गेहूं भंडारण की जगह के लिए तलाश कर रहे हैं।
जिले में बने 86 गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था लेकिन गेहूं लक्ष्य से अधिक लगभग 70 हजार मीट्रिक टन खरीद होने पर जगह के अभाव में गेहूं को समितियों में रख दिया गया। लेकिन अब वहां से उसका उठान ही नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से करीब 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में या फिर समितियों में डंप पड़ा हुआ है।
धानापुर क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ पीसीएफ केंद्र पर अभी तक लगभग 1500 बोरी गेहू रखा गया है जिससे पूरा केंद्र भरा पड़ा है। वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि जब तक गेहूं खाली नहीं हो जाता तब तक खाद नहीं आएगा। वहीं रामपुर सघन सहकारी केंद्र खाद के अभाव में बंद पड़ा हुआ है। बरहनी साधन सहकारी समिति पर 5000 हजार और घोसवा साधन सहकारी समिति पर 3200 गेंहूं की बोरियां रखी हुई हैं। बरहनी और घोसवा साधन सहकारी समिति पर एक भी बोरी खाद उपलब्ध नहीं है। इलिया में सहकारी समिति पर गोदाम में गेहूं रखा गया है जिससे खाद रखने के लिए जगह नहीं है। सचिव भोला यादव का कहना है कि जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा तब तक खाद नहीं आ पाएगी। इसी तरह सकलडीहा विकासखंड में कुल 13 साधन सहकारी समिति है लेकिन सभी समिति पर नाम मात्र भर खाद उपलब्ध है। वहां भी गेहूं भरा पड़ा है। इससे वहां खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सहकारी समिति और पीसीएफ की लापरवाही से समितियों से खाद का उठान नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं और खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इनसेट
अब बिहार के गोदाम में रखंा जाएगा यूपी का गेहूं
मुगलसराय। जिला प्रशासन ने गेहूं की खरीद तो कर ली मगर उसके पास रखने की जगह ही नहीं है। अब प्रशासन बिहार के गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर मोहनिया गोदाम में गेहूं भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल जिले में गेहूं रखने की क्षमता एक लाख टन की है। इसी में इस साल उत्पादन अच्छा होने और खरीद करीब दो गुना होने से गेहूं रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके लिए अब बिहार सरकार से संपर्क कर वहां गेहूं रखा जाएगा।
कोट
-सहकारी समितियों से गेहूं के उठान के लिए पीसीएफ प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं। व्यासनगर, मंडुवाडीह गोदाम पर गेेहूं भेजा जाएगा। समितियों को खाली कराने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
डीके अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव।
-समितियों से गेहूं उठान के लिए बिहार सरकार से संपर्क कर मोहनिया गोदाम पर रखने की सहमति बनी है। समितियों से गेहूं को उठाकर वहां भेजा जाएगा ताकि खाली होने पर वहां किसानों के लिए खाद उपलब्ध हो सके। शशिकांत भारती, पीसीएफ प्रबंधक