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तुर्बत और अलम का जुलूस निकला
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:32 AM IST
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दुलहीपुर। इमाम हुसैन की याद में अलम व तुर्बत का जुलूस क्षेत्र के जाफरी स्ट्रीट स्थित इमाम बारगाह हकीम साहब से निकला। जुलूस उठने से पूर्व मजलिस को खिताब फरमाते हुए दुलहीपुर जुमा जमात आली जनाब मौलाना कैसर हुसैन नजफ़ी ने इमाम हसन के जीवन पर प्रकाश डाला।
कहा कि इमाम हुसैन के जमाने में उनके साथ के लोगों ने उस वक़्त के बादशाह माविया से सांठगांठ कर ली और इमाम पर संधि का दबाव बनाने लगे। माविया इमाम हसन से हर हाल में संधि करना चाहता था क्योंकि वह जानता था कि ऐसा नहीं होने पर लोग उसकी बातों का यकीन नहीं करेंगे। वहीं इमाम अगर माविया से संधि नहीं करते, तो उन्हें जंग लड़नी पड़ती। इमाम हसन नहीं चाहते थे कि जंग हो और बेगुनाहों का खून बहे। इसलिए उन्होंने माविया से कुछ अहम शर्तों पर संधि की। जुलूस में अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने नौहाख्वानी और मातम किया। जुलूस कदीमी रास्तों से होता हुआ आगा नजफ़ अली साहब की इमाम बारगाह पहुंचा, जहां अलहाज समर हसन हुसैनी ने तकरीर की। यहां से जुलूस जीटी रोड होता हुआ दुलहीपुर कर्बला पर समाप्त हुआ।
जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोतवाल शिवानंद मिश्रा के निर्देशन में चौकी प्रभारी दुलहीपुर एडी खान अपने हमराहियों संग मौजूद रहे। जुलूस में अशफाक हैदर जाफरी, कासिम जाफरी, फ़ैजी जाफरी, मक़सूद हसन, शौकत हुसैन, कल्बे अब्बास जाफरी, लईक जाफरी, रहत हुसैन, हैदर रजा जाफरी, अजहर, मुज्जम्मिल, शम्स हैदर, फरहान जाफरी शामिल रहे।
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कहा कि इमाम हुसैन के जमाने में उनके साथ के लोगों ने उस वक़्त के बादशाह माविया से सांठगांठ कर ली और इमाम पर संधि का दबाव बनाने लगे। माविया इमाम हसन से हर हाल में संधि करना चाहता था क्योंकि वह जानता था कि ऐसा नहीं होने पर लोग उसकी बातों का यकीन नहीं करेंगे। वहीं इमाम अगर माविया से संधि नहीं करते, तो उन्हें जंग लड़नी पड़ती। इमाम हसन नहीं चाहते थे कि जंग हो और बेगुनाहों का खून बहे। इसलिए उन्होंने माविया से कुछ अहम शर्तों पर संधि की। जुलूस में अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने नौहाख्वानी और मातम किया। जुलूस कदीमी रास्तों से होता हुआ आगा नजफ़ अली साहब की इमाम बारगाह पहुंचा, जहां अलहाज समर हसन हुसैनी ने तकरीर की। यहां से जुलूस जीटी रोड होता हुआ दुलहीपुर कर्बला पर समाप्त हुआ।
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जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोतवाल शिवानंद मिश्रा के निर्देशन में चौकी प्रभारी दुलहीपुर एडी खान अपने हमराहियों संग मौजूद रहे। जुलूस में अशफाक हैदर जाफरी, कासिम जाफरी, फ़ैजी जाफरी, मक़सूद हसन, शौकत हुसैन, कल्बे अब्बास जाफरी, लईक जाफरी, रहत हुसैन, हैदर रजा जाफरी, अजहर, मुज्जम्मिल, शम्स हैदर, फरहान जाफरी शामिल रहे।
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