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तीन साल से गायब है जिले के सात गांव
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:07 AM IST
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चंदौली। जिले के सात गांव आवास योजना के ऐप से गायब है। जिसके चलते यहां के पांच हजार लोगों तीन साल से आवास के लिए यहां वहां भटक रहे है। लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी परेशानियों को सुनने के बजाय मामले को दबाने में लगे हैं। जबकि पूर्व में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने छूटे गांवों को अपलोड करने का निर्देश दिया था, लेकिन तीन साल बाद भी प्रमुख सचिव के निर्देश का पालन नहीं किया गया। इसको लेकर ग्रामीणों में जिले के अधिकारियों के खिलाफ गहरी नाराजगी व्याप्त है।
लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए तीन वर्ष पूर्व शासन की ओर से प्लान प्लस ऐप लांच किया गया था। इस एप्प पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को अपलोड करना था। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते शहाबगंज के तीन, चकिया के एक, धानापुर के दो व चहनियां के गांव को आज तक अपडेट नहीं किया गया। इसके चलते इन सात गांवों के करीब पांच हजार से अधिक आबादी पीएम आवास योजना से वंचित है। संबंधित गांवों के ग्राम प्रधान व ग्रामीण आएदिन जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम से लगायत अन्य अधिकारियों को पत्र देकर आवास योजना का लाभ देने की गुहार लगाते रहे है। वहीं प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास व नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव को भी पूर्व में संबंधित गांवों एप्प से जोड़ने का निर्देष दिया था। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। इसकी वजह से लोगों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। विभगीय उपेक्षा त्रस्त ग्रामीण सड़क पर भी उतने की चेतावनी दे चुके है। लेकिन जिम्मेदार अभी मौन साधे हुए है।
कोट.......
प्रधानमंत्री आवास योजना से लोगों को लाभान्वित करने के लिए शासन की ओर से प्लान प्लस एप्लिकेशन लांच किया गया था। लेकिन तकनीकि गड़बड़ी के चलते जिले सात गांव एप्प पर अपलोड नहीं हो पाए है। जिसके चलते यहां के लोगों को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। छूटे गांवों को एप्प से जोड़ने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। सुशील कुमार, परियोजना निदेशक,
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तकनीकी गड़बड़ी के चलते ग्राम पंचायतें आवास एप पर अपलोड नहीं हो सका है। इसकी वजह से उक्त गांवों में आवास योजना के लिए पात्रों का चयन नहीं किया जा सका है। ग्राम पंचायतों को शीघ्र आवास एप में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद पात्रों का चयन कर योजना का लाभ दिलाया जाएगा। ........ सुशील कुमार, पीडी।
लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए तीन वर्ष पूर्व शासन की ओर से प्लान प्लस ऐप लांच किया गया था। इस एप्प पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को अपलोड करना था। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते शहाबगंज के तीन, चकिया के एक, धानापुर के दो व चहनियां के गांव को आज तक अपडेट नहीं किया गया। इसके चलते इन सात गांवों के करीब पांच हजार से अधिक आबादी पीएम आवास योजना से वंचित है। संबंधित गांवों के ग्राम प्रधान व ग्रामीण आएदिन जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम से लगायत अन्य अधिकारियों को पत्र देकर आवास योजना का लाभ देने की गुहार लगाते रहे है। वहीं प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास व नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव को भी पूर्व में संबंधित गांवों एप्प से जोड़ने का निर्देष दिया था। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। इसकी वजह से लोगों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। विभगीय उपेक्षा त्रस्त ग्रामीण सड़क पर भी उतने की चेतावनी दे चुके है। लेकिन जिम्मेदार अभी मौन साधे हुए है।
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कोट.......
प्रधानमंत्री आवास योजना से लोगों को लाभान्वित करने के लिए शासन की ओर से प्लान प्लस एप्लिकेशन लांच किया गया था। लेकिन तकनीकि गड़बड़ी के चलते जिले सात गांव एप्प पर अपलोड नहीं हो पाए है। जिसके चलते यहां के लोगों को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। छूटे गांवों को एप्प से जोड़ने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। सुशील कुमार, परियोजना निदेशक,
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तकनीकी गड़बड़ी के चलते ग्राम पंचायतें आवास एप पर अपलोड नहीं हो सका है। इसकी वजह से उक्त गांवों में आवास योजना के लिए पात्रों का चयन नहीं किया जा सका है। ग्राम पंचायतों को शीघ्र आवास एप में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद पात्रों का चयन कर योजना का लाभ दिलाया जाएगा। ........ सुशील कुमार, पीडी।