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सभी युगों में मिलती है आदिवासियों की मौजूदगी

Mon, 10 Dec 2018 01:07 AM IST
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:07 AM IST
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सभी युगों में मिलती है आदिवासियों की मौजूदगी

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नौगढ़। सभी युगों में आदिवासियों की मौजूदगी मिलता है। ललुआ, बुधवा का समाज शिक्षित होगा तभी देश तरक्की करेगा। भाजपा सरकार ने एक आदिवासी को आयोग का वाइस चेयरमैन बनाकर आदिवासियों का सम्मान किया है।

उक्त विचार मझगांवा, नई बस्ती के प्राथमिक विद्यालय में रविवार को आयोजित आदिवासी एकता अधिकार सम्मेलन में बतौर विशिष्ट अतिथि एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष व राज्य मंत्री मनीराम कोल ने कहीं। कहा कि एससी-एसटी वर्ग के लोग किसी प्रलोभन के चक्कर में फर्जी मुकदमा दर्ज ना कराएं लेकिन अत्याचार को बर्दाश्त भी न करें। अत्याचार करने वालों को सजा दिलाने के लिए सरकार गंभीर है। पीड़ित चाहे तो उनके व्यक्तिगत मोबाइल पर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने चेरो जाति का अभिलेखों में मेरो दर्ज होने को भूल मानते हुए शीघ्र ही चेरो दर्ज कराने का भरोसा दिया। कोल जाति को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में लाने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात करने का आश्वासन दिया। कहा कि वर्ष 2019 तक कोल जाति को जनजाति का दर्जा दिला दिया जाएगा। मुख्य अतिथि दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने कहा कि आदिवासी समाज को विरासत में राजनीति नहीं मिली है। सांसद शिबू सोरेन व पीए संगमा लोकसभा अध्यक्ष आदिवासी समाज से थे। कहा कि आदिवासियों का अधिकार वन भूमि पर है। कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी से बताया गया है कि वन विभाग के लोग चंदौली और सोनभद्र में आदिवासियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसे रोका नहीं गया तो समाज के लोग विधानसभा से लेकर संसद तक सड़क जाम कर देंगे। अपना दल के राष्ट्रीय महासचिव व सोनभद्र के पूर्व सांसद पकौड़ी कोल ने कहा कि आदिवासियों की दशा नहीं बदल रही है। अब जंगल में महुआ बीनने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ रही है। हालत यह है कि जब आदिवासी समाज बैठक करता है तो लोग इसे नक्सलियों की बैठक बताते हैं। पूर्व विधायक भाई लाल कोल ने कहा कि वनाधिकार कानून और आवेदन देने से कुछ नहीं होने वाला है। इसके लिए संघर्ष करना होगा। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत ब्लॉक प्रमुख बासमती कोल को श्रद्धांजलि दी गई। मंच पर जेल से छूट कर जमानत पर चल रही नक्सली पुष्पा कोल भी मौजूद थी। कार्यक्रम को राष्ट्रीय लोक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय शंकर कोल, अखिल भारती आदिवासी सेवा समिति के अध्यक्ष रामधनी कोल व मिर्जापुर के पूर्व सांसद लालचंद कोल ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता विमलेश कोल, संचालन वासुदेव कोल व आगंतुकों का स्वागत ईश्वर खरवार ने किया।
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