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भ्रूण हत्यारों को पकड़वाइए, मिलेंगे दो लाख
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:27 AM IST
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मुगलसराय। प्रदेश में घटते लिंगानुपात और अवैध रूप से संचालित होने वाले लिंग परीक्षण केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मसौदा तैयार कर लिया गया है। शासन द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट कर दिया है कि एक जुलाई से जनपद में डिक्वाय आपरेशन का गठन करके ऐसे लोगों और संस्थाओं पर कड़ी कार्यवाही करें। डिक्वाय आपरेशन के तहत मुखबिर के अलावा एक महिला और उसका सहायक कार्य करेगा। आपरेशन सफल होने पर मुखबिर को एक लाख, महिला को साठ हजार और सहायक को चालीस हजार नकद देने का प्रावधान है।
प्रमुख सचिव प्रशांत द्विवेदी द्वारा विगत 26 जून को महानिदेशक परिवार कल्याण और प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भ्रूण हत्या रोकने के लिए डिक्वाय आपरेशन चलाने का निर्देश दिया गया है। डीएम कमेटी के अध्यक्ष होंगे और सीएमओ सचिव तथा एक नोडल अधिकारी को सदस्य व सलाहकार समिति से भी एक सदस्य नामित होगा। अवैध रूप से संचालित होने वाले ऐसे केंद्रों और संस्थाओं की पोल खोलने से पूर्व मुखबिर को कमेटी के किसी एक सदस्य से संपर्क करके अपनी योजना बताकर अपने बाकी दो सदस्यों का नामांकन कराना होगा। कमेटी द्वारा उन्हें एक गुप्त कोड आवंटित किया जाएगा। इस दौरान कमेटी उनकी पहचान को पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाएगा और स्टिंग करने के लिए उन्हें एक सीरीज का नोट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान स्टिंग करने वाले सदस्यों में गर्भवती को ही नामित किया जाएगा और उसके सहायक के रूप में उसके परिवार का सदस्य ही रहेगा। स्टिंग आपरेशन सफल होने पर डिक्वाय कमेटी द्वारा आवंटित किए गए कोड के माध्यम से इनाम की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी। डिक्वाय कमेटी की बैठक प्रत्येक तीन माह बाद होगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी पीके मिश्रा ने बताया कि डिक्वाय कमेटी के गठन के लिए शासन से निर्देश मिल चुका है। जल्द ही कमेटी का गठन किया जाएगा।
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प्रमुख सचिव प्रशांत द्विवेदी द्वारा विगत 26 जून को महानिदेशक परिवार कल्याण और प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भ्रूण हत्या रोकने के लिए डिक्वाय आपरेशन चलाने का निर्देश दिया गया है। डीएम कमेटी के अध्यक्ष होंगे और सीएमओ सचिव तथा एक नोडल अधिकारी को सदस्य व सलाहकार समिति से भी एक सदस्य नामित होगा। अवैध रूप से संचालित होने वाले ऐसे केंद्रों और संस्थाओं की पोल खोलने से पूर्व मुखबिर को कमेटी के किसी एक सदस्य से संपर्क करके अपनी योजना बताकर अपने बाकी दो सदस्यों का नामांकन कराना होगा। कमेटी द्वारा उन्हें एक गुप्त कोड आवंटित किया जाएगा। इस दौरान कमेटी उनकी पहचान को पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाएगा और स्टिंग करने के लिए उन्हें एक सीरीज का नोट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान स्टिंग करने वाले सदस्यों में गर्भवती को ही नामित किया जाएगा और उसके सहायक के रूप में उसके परिवार का सदस्य ही रहेगा। स्टिंग आपरेशन सफल होने पर डिक्वाय कमेटी द्वारा आवंटित किए गए कोड के माध्यम से इनाम की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी। डिक्वाय कमेटी की बैठक प्रत्येक तीन माह बाद होगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी पीके मिश्रा ने बताया कि डिक्वाय कमेटी के गठन के लिए शासन से निर्देश मिल चुका है। जल्द ही कमेटी का गठन किया जाएगा।
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