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Bulandshahar News: ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा युवक, सात लाख की साइबर ठगी
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बुलंदशहर। खुर्जा के चंद्रलोक कॉलोनी निवासी एक युवक को घर बैठे ऑनलाइन गेमिंग के जरिए मोटी कमाई का सपना दिखाकर ठगों ने 7.11 लाख रुपये की चपत लगा दी।
ठगों ने अलग-अलग टास्क पूरे करने के नाम पर युवक से ठगी की। एसएसपी के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खुर्जा निवासी अंकुश सोलंकी ने एसएसपी को तहरीर दी। बताया कि 21 नवंबर 2025 को वह मोस्टबेट नामक एक वेबसाइट के संपर्क में आए। शुरुआती दौर में उन्हें गेमिंग के जरिए पैसे कमाने का लालच दिया गया।
विश्वास जीतने के लिए ठगों ने शुरुआत में कुछ छोटी रकम निवेश कराई। जब अंकुश ने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उन्हें तकनीकी अड़चनों का हवाला देकर नए-नए टास्क दिए जाने लगे।
पीड़ित अंकुश ने बताया कि वह अपने फंसे हुए पैसे वापस पाने की उम्मीद में ठगों के निर्देशानुसार यूपीआई के माध्यम से पैसे जमा करते चले गए। पीड़ित ने अपने पीएनबी खाते से करीब 3.90 लाख रुपये, एचडीएफसी बैंक से 89 हजार रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा से 1.60 लाख रुपये, येस बैंक से 50 हजार रुपये, आईसीआईसीआई बैंक से 22 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
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जब कुल रकम 7 लाख के पार पहुंच गई और ठगों ने जवाब देना बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना बुलंदशहर ने एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की है।
सावधानी ही बचाव है : पुलिस प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी अनजान वेबसाइट, गेमिंग ऐप या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर आने वाले लुभावने संदेशों पर भरोसा न करें। बिना पुष्टि किए किसी भी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
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ठगों ने अलग-अलग टास्क पूरे करने के नाम पर युवक से ठगी की। एसएसपी के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खुर्जा निवासी अंकुश सोलंकी ने एसएसपी को तहरीर दी। बताया कि 21 नवंबर 2025 को वह मोस्टबेट नामक एक वेबसाइट के संपर्क में आए। शुरुआती दौर में उन्हें गेमिंग के जरिए पैसे कमाने का लालच दिया गया।
विश्वास जीतने के लिए ठगों ने शुरुआत में कुछ छोटी रकम निवेश कराई। जब अंकुश ने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उन्हें तकनीकी अड़चनों का हवाला देकर नए-नए टास्क दिए जाने लगे।
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पीड़ित अंकुश ने बताया कि वह अपने फंसे हुए पैसे वापस पाने की उम्मीद में ठगों के निर्देशानुसार यूपीआई के माध्यम से पैसे जमा करते चले गए। पीड़ित ने अपने पीएनबी खाते से करीब 3.90 लाख रुपये, एचडीएफसी बैंक से 89 हजार रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा से 1.60 लाख रुपये, येस बैंक से 50 हजार रुपये, आईसीआईसीआई बैंक से 22 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
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जब कुल रकम 7 लाख के पार पहुंच गई और ठगों ने जवाब देना बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना बुलंदशहर ने एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की है।
सावधानी ही बचाव है : पुलिस प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी अनजान वेबसाइट, गेमिंग ऐप या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर आने वाले लुभावने संदेशों पर भरोसा न करें। बिना पुष्टि किए किसी भी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।