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यूपी बोर्ड : छात्राओं को मिलेगी स्वकेंद्र प्रणाली, बोर्ड ने मांगा डाटा
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बुलंदशहर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर जिले में तैयारियों तेज हो गई हैं। फरवरी 2026 माह में परीक्षाएं होंगी। छात्राओं को बोर्ड से स्वकेंद्र प्रणाली का लाभ मिलेगा। जबकि प्राइवेट से फार्म भरने वाली छात्राओं के सेंटर दूसरे केंद्रों में जाएंगे। बोर्ड ने विगत पांच वर्षों में स्वकेंद्र रहे कॉलेजों का ब्यौरा मांगा है। इसमें देखा जाएगा कि किसी केंद्र पर कोई विवाद तो नहीं रहा है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रस्तावित हैं और इसके लिए बोर्ड में तेजी से कार्य चल रहा है। केंद्र निर्धारण नीति आने के बाद जिले में परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाए जा रहे हैं। पिछले वर्षों से छात्राओं के केंद्र दूसरे कॉलेजों में जा रहे हैं, लेकिन संस्थागत छात्राओं के लिए प्रत्येक वर्ष स्वकेंद्र प्रणाली रहती है।
परीक्षाओं में नकल को देखते हुए अब बोर्ड ने स्वकेंद्र प्रणाली पर भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बोर्ड ने अब विगत पांच वर्षों का स्वकेंद्र प्रणाली के केंद्रों का डाटा मांगा है। पिछली परीक्षाओं में प्रदेश के कुछ जिलों में स्वकेंद्र प्रणाली में नकल होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं तो इसमें बदलाव होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी बोर्ड ने केवल स्वकेंद्र प्रणाली में रहने वाली छात्राओं की संख्या, केंद्रों की संख्या और परीक्षा के दौरान कोई घटना तो नहीं घटी है इसका पूरा ब्यौरा मांगा है।
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जिले में करीब 30-40 कॉलेज स्वकेंद्र प्रणाली में रहते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि केंद्र निर्धारण के दौरान स्वकेंद्र प्रणाली में अलग से छात्राओं के लिए केंद्र बनेंगे। बोर्ड ने इसका डाटा मांगा है जिसे जल्द भेज दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रस्तावित हैं और इसके लिए बोर्ड में तेजी से कार्य चल रहा है। केंद्र निर्धारण नीति आने के बाद जिले में परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाए जा रहे हैं। पिछले वर्षों से छात्राओं के केंद्र दूसरे कॉलेजों में जा रहे हैं, लेकिन संस्थागत छात्राओं के लिए प्रत्येक वर्ष स्वकेंद्र प्रणाली रहती है।
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परीक्षाओं में नकल को देखते हुए अब बोर्ड ने स्वकेंद्र प्रणाली पर भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बोर्ड ने अब विगत पांच वर्षों का स्वकेंद्र प्रणाली के केंद्रों का डाटा मांगा है। पिछली परीक्षाओं में प्रदेश के कुछ जिलों में स्वकेंद्र प्रणाली में नकल होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं तो इसमें बदलाव होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी बोर्ड ने केवल स्वकेंद्र प्रणाली में रहने वाली छात्राओं की संख्या, केंद्रों की संख्या और परीक्षा के दौरान कोई घटना तो नहीं घटी है इसका पूरा ब्यौरा मांगा है।
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जिले में करीब 30-40 कॉलेज स्वकेंद्र प्रणाली में रहते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि केंद्र निर्धारण के दौरान स्वकेंद्र प्रणाली में अलग से छात्राओं के लिए केंद्र बनेंगे। बोर्ड ने इसका डाटा मांगा है जिसे जल्द भेज दिया जाएगा।