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Bulandshahar News: गांव खानपुर में दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर बनेगा अंडरपास
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चोला। क्षेत्र के गांव खानपुर के बाहर से होकर गुजर रहे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर अंडरपास बनेगा। इसको लेकर मंगलवार को रेलवे के अफसरों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। अंडरपास के नहीं होने से रेलवे ट्रैक को पार करते समय लोग ट्रेन की चपेट में आने से हादसे का शिकार हो जाते थे।
बता दें कि फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के दौरान दो अतिरिक्त ट्रैक बिछाए गए थे। दोनों ट्रैक के लिए फ्रेट कॉरिडोर निर्माण कंपनी ने अंडरपास बना दिया था। मगर पुराने तीन ट्रैक के लिए अंडरपास नहीं होने से फ्रेट कॉरिडोर द्वारा बनाया गया अंडरपास भी प्रयोग में नहीं आ रहा था। इसके चलते लोग रेलवे ट्रैक को पार कर इधर-उधर आते जाते थे। ट्रैक को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से वह हादसे का शिकार हो जाते थे। पिछले छह माह में ही ट्रैक को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से करीब छह लोगों की मौत हो चुकी है। शेष अंडरपास को बनवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग लंबे समय से मांग करते चले आ रहे थे। इसको लेकर उन्होंने करीब एक वर्ष तक धरना भी दिया था। वहीं जनप्रनिधियों, रेलवे अफसरों, रेल मंत्रालय से भी पत्राचार करते रहते थे। निरीक्षण के लिए टीम के साथ पहुंचे सहायक मंडल अभियंता रेलवे अलीगढ़ विकास झा ने बताया कि अंडरपास के निर्माण के लिए टेंडर पास हो चुका है। निर्माण के लिए सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक वर्ष में अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कृषि कार्य के लिए जाना पड़ता है ट्रैक के दूसरी ओर
चोला। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश किसानों की भूमि ट्रैक के दूसरी ओर है। खेतों में कार्य करने के लिए उन्हें रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर जाना होता है। रेलवे ट्रैक को पार करने के दौरान पिछले दस सालों में ट्रेन की चपेट में आने से गांव के 72 लोगों की मौत हो चुकी है।
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बता दें कि फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के दौरान दो अतिरिक्त ट्रैक बिछाए गए थे। दोनों ट्रैक के लिए फ्रेट कॉरिडोर निर्माण कंपनी ने अंडरपास बना दिया था। मगर पुराने तीन ट्रैक के लिए अंडरपास नहीं होने से फ्रेट कॉरिडोर द्वारा बनाया गया अंडरपास भी प्रयोग में नहीं आ रहा था। इसके चलते लोग रेलवे ट्रैक को पार कर इधर-उधर आते जाते थे। ट्रैक को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से वह हादसे का शिकार हो जाते थे। पिछले छह माह में ही ट्रैक को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से करीब छह लोगों की मौत हो चुकी है। शेष अंडरपास को बनवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग लंबे समय से मांग करते चले आ रहे थे। इसको लेकर उन्होंने करीब एक वर्ष तक धरना भी दिया था। वहीं जनप्रनिधियों, रेलवे अफसरों, रेल मंत्रालय से भी पत्राचार करते रहते थे। निरीक्षण के लिए टीम के साथ पहुंचे सहायक मंडल अभियंता रेलवे अलीगढ़ विकास झा ने बताया कि अंडरपास के निर्माण के लिए टेंडर पास हो चुका है। निर्माण के लिए सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक वर्ष में अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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कृषि कार्य के लिए जाना पड़ता है ट्रैक के दूसरी ओर
चोला। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश किसानों की भूमि ट्रैक के दूसरी ओर है। खेतों में कार्य करने के लिए उन्हें रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर जाना होता है। रेलवे ट्रैक को पार करने के दौरान पिछले दस सालों में ट्रेन की चपेट में आने से गांव के 72 लोगों की मौत हो चुकी है।
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