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Bulandshahar News: दहेज हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
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बुलंदशहर। दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 22,500-22,500 का अर्थदंड भी लगाया है।
गाजियाबाद के गांव शाहपुर बम्हेटा निवासी जयवीर यादव ने 24 जुलाई 2015 को पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उन्होंने अपनी बहन मीना की शादी गांव पचौता निवासी सुभाष के साथ 7 मई 2004 को की थी। आरोप लगाया था की शादी के बाद से आरोपी लगातार उनकी बहन को दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। कई बार उन्होंने अपनी बहन को समझाया था कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन 24 जुलाई 2015 को उनके भाई लोकेश को मीना ने फोन किया और बताया कि उसकी ननद व नंदोई गांव आए हुए हैं। उक्त लोग सास व पति के साथ मिलकर उन्हें दहेज के लिए पीट रहे हैं। साथ ही आशंका जताई थी कि आज आरोपी उनकी हत्या कर सकते हैं। जब वह बहन की ससुराल गांव पचौता पहुंचे तो मौके पर कोई नहीं मिला।
जानकारी करने पर पता चला कि उक्त लोगों ने उनकी बहन को नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जब अस्पताल में पहुंचे तो आरोपी पति, सास, ननद व नंदोई मौके पर मौजूद मिले और मीना की हत्या को लेकर माफी मांगने लगे। मरने से पहले मीना ने बताया कि जब वह रसोई में काम कर रही थी तो पीछे से आकर उनकी ननद व नन्दोई ने उनके हाथ पकड़ लिए जबकि उनकी सास व पति ने केरोसिन डालते हुए आग लगा दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अब अपर सत्र न्यायाधीश शिवानंद की कोर्ट ने आरोपी पति सुभाष और सास सिंधारी उर्फ सिंगारी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और 22500- 22500 रुपये का अर्थ दंड लगाया है।
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गाजियाबाद के गांव शाहपुर बम्हेटा निवासी जयवीर यादव ने 24 जुलाई 2015 को पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उन्होंने अपनी बहन मीना की शादी गांव पचौता निवासी सुभाष के साथ 7 मई 2004 को की थी। आरोप लगाया था की शादी के बाद से आरोपी लगातार उनकी बहन को दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। कई बार उन्होंने अपनी बहन को समझाया था कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन 24 जुलाई 2015 को उनके भाई लोकेश को मीना ने फोन किया और बताया कि उसकी ननद व नंदोई गांव आए हुए हैं। उक्त लोग सास व पति के साथ मिलकर उन्हें दहेज के लिए पीट रहे हैं। साथ ही आशंका जताई थी कि आज आरोपी उनकी हत्या कर सकते हैं। जब वह बहन की ससुराल गांव पचौता पहुंचे तो मौके पर कोई नहीं मिला।
जानकारी करने पर पता चला कि उक्त लोगों ने उनकी बहन को नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जब अस्पताल में पहुंचे तो आरोपी पति, सास, ननद व नंदोई मौके पर मौजूद मिले और मीना की हत्या को लेकर माफी मांगने लगे। मरने से पहले मीना ने बताया कि जब वह रसोई में काम कर रही थी तो पीछे से आकर उनकी ननद व नन्दोई ने उनके हाथ पकड़ लिए जबकि उनकी सास व पति ने केरोसिन डालते हुए आग लगा दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अब अपर सत्र न्यायाधीश शिवानंद की कोर्ट ने आरोपी पति सुभाष और सास सिंधारी उर्फ सिंगारी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और 22500- 22500 रुपये का अर्थ दंड लगाया है।
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