{"_id":"67aa2ed8b66a280927052e8a","slug":"troubled-by-monkeys-in-the-district-hospital-bulandshahr-news-c-133-1-bul1004-129382-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: जिला अस्पताल में तीमारदार बंदरों से परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: जिला अस्पताल में तीमारदार बंदरों से परेशान
विज्ञापन
जिला अस्पताल की इमरजेंसी के पास खाद्य पदार्थ खाते बंदर। संवाद
बुलंदशहर। जिला अस्पताल में तीमारदार और अस्पताल के लोग बंदरों से परेशान हैं। बंदर अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले मरीज एवं तीमारदारों के हाथों से खाने-पीने की वस्तुएं छीन कर ले जाते हैं। न देने पर हमला कर देते हैं। अस्पताल प्रशासन कई बार नगर पालिका के अधिकारियों को पत्र लिखकर बंदरों से निजात दिलाने की मांग कर चुका है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।
नगर समेत जिलेभर में बंदर-कुत्ता का आतंक फैला हुआ। पिछले कई महीनों से 100 से अधिक बंदरों का झुंड जिला अस्पताल और शर्मा इंटर कॉलेज के पास सुबह से शाम तक बैठा रहता है। इससे मरीजों एवं तीमारदारों में भय का माहौल बना रहता है। बंदर आने-जाने वालों के हाथों से मरीज को लाने वाले फल या बच्चों के हाथों से खाने-पीने का सामान छीनकर ले जाते हैं।
तीमारदार सुरेश ने बताया कि मरीज के लिए फल लाया था, बंदर अचानक आए और छीनकर ले गए। कासिम ने बताया कि बच्चों के हाथों में बिस्कुट थे, जिन्हें बंदर छीनकर ले गए। आशू ने बताया कि बंदरों का झुंड सुबह से रात तक अस्पताल परिसर में मंडराता रहता है। इन्हें पकड़ने के लिए कोई प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
201 लोगों ने लगवाई एआरवी
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बंदर, कुत्ता, बिल्ली आदि काटने के 120 से 150 लोग एआरवी लगवाने आते रहते हैं। सोमवार को ओपीडी में 201 लोगों को एआरवी लगाई गई। जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि प्रतिदिन एआरवी लगवाने के लिए 150 के करीब लोग आते हैं। सोमवार को इनकी संख्या दो सौ के पार कर गई। 201 लोगों ने एआरवी लगवाई। बताया कि समय-समय पर अस्पताल परिसर में बंदर के हमले के लोग भी आकर एआरवी लगवाते रहते हैं।
कुत्ता-बंदर को पकड़ने के लिए कई बार पालिका अफसरों को पत्र भेजकर मांग की जा चुकी है। बंदरों की समस्या बढ़ गई है। एक बार और पालिका अफसरों को पत्र भेजा जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
नगर समेत जिलेभर में बंदर-कुत्ता का आतंक फैला हुआ। पिछले कई महीनों से 100 से अधिक बंदरों का झुंड जिला अस्पताल और शर्मा इंटर कॉलेज के पास सुबह से शाम तक बैठा रहता है। इससे मरीजों एवं तीमारदारों में भय का माहौल बना रहता है। बंदर आने-जाने वालों के हाथों से मरीज को लाने वाले फल या बच्चों के हाथों से खाने-पीने का सामान छीनकर ले जाते हैं।
विज्ञापन
तीमारदार सुरेश ने बताया कि मरीज के लिए फल लाया था, बंदर अचानक आए और छीनकर ले गए। कासिम ने बताया कि बच्चों के हाथों में बिस्कुट थे, जिन्हें बंदर छीनकर ले गए। आशू ने बताया कि बंदरों का झुंड सुबह से रात तक अस्पताल परिसर में मंडराता रहता है। इन्हें पकड़ने के लिए कोई प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
201 लोगों ने लगवाई एआरवी
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बंदर, कुत्ता, बिल्ली आदि काटने के 120 से 150 लोग एआरवी लगवाने आते रहते हैं। सोमवार को ओपीडी में 201 लोगों को एआरवी लगाई गई। जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि प्रतिदिन एआरवी लगवाने के लिए 150 के करीब लोग आते हैं। सोमवार को इनकी संख्या दो सौ के पार कर गई। 201 लोगों ने एआरवी लगवाई। बताया कि समय-समय पर अस्पताल परिसर में बंदर के हमले के लोग भी आकर एआरवी लगवाते रहते हैं।
कुत्ता-बंदर को पकड़ने के लिए कई बार पालिका अफसरों को पत्र भेजकर मांग की जा चुकी है। बंदरों की समस्या बढ़ गई है। एक बार और पालिका अफसरों को पत्र भेजा जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल