{"_id":"64f218d532dc858b33006b77","slug":"transformer-broke-down-ten-times-in-two-months-yet-load-did-not-increase-bulandshahr-news-c-137-1-krj1001-804-2023-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: दो महीने में दस बार खराब हो गया ट्रांसफार्मर, फिर भी नहीं बढ़ा लोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: दो महीने में दस बार खराब हो गया ट्रांसफार्मर, फिर भी नहीं बढ़ा लोड
विज्ञापन
खुर्जा। नवदुर्गा शक्ति मंदिर कॉलोनी के गली नंबर एक के पास लगा ट्रांसफार्मर पिछले दो महीने में दस बार खराब हो गया और आठ बार बदलकर नया लग चुका है। बृहस्पतिवार रात फिर ट्रांसफार्मर में फॉल्ट हो गया। कॉलोनी में दो दिन से आपूर्ति ठप है।
नवदुर्गा शक्ति मंदिर कॉलोनी गली नंबर-1 निवासी राहुल सैनी ने बताया कि उनके घर का कनेक्शन गली के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से है। इस 130 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर पर 150 से अधिक कनेक्शन जुड़े हुए हैं। जुलाई और अगस्त माह में ही ट्रांसफार्मर में ओवरलोड से दस से 11 बार शॉर्ट-सर्किट होने पर फॉल्ट हो चुका है। एक अगस्त को ट्रांसफार्मर में तीन बार फॉल्ट हुआ था और इस दौरान दो बार ट्रांसफार्मर बदला गया था।
आरोप है कि ऊर्जा निगम के कर्मचारी ट्रांसफार्मर फॉल्ट होने के पांच से छह घंटे बाद ही जांच करने के लिए आते हैं। इसके बाद मरम्मत या बदलने में पूरे एक दिन का समय बीत जाता है। ऐसे में कॉलोनी के लोगों को बिना बिजली और पानी के रहना पड़ता है। यही आलम बृहस्पतिवार को भी रहा। शाम छह बजे ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसके बाद कर्मचारियों व अधिकारियों को सूचना दी गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह कर्मचारी देखकर चले गए। न ही फॉल्ट दूर किया गया और न ट्रांसफार्मर बदला गया। कॉलोनी निवासी लोगों का कहना है गर्मी में बिन बिजली के रहना मुश्किल हो गया है। वहीं दो दिन से पानी की किल्लत भी बनी हुई है।
विज्ञापन
कॉलोनी स्थित दुकानदार अमर चौहान का कहना है कि ओवरलोड के कारण बार-बार फॉल्ट हो जाता है। इसके बावजूद निगम की ओर से अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। अधिकारियों से मांग की तो उन्होंने कह दिया सर्दियों तक इंतजार करो, तब घरों का लोड कम हो जाएगा तो फॉल्ट नहीं होगा। उपभोक्ताओं को केवल इंतजार करने का आश्वासन दिया जाता है। बिजली घर से 100 मीटर दूरी पर ही ट्रांसफार्मर है, जिसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो सकी। जेई को फोन किया तो उन्होंने कहा कि अवकाश पर हैं।
फॉल्ट की जानकारी मिली थी। इसमें जेई से बात करके बताया जाएगा कि क्या समस्या है। इसके बाद ही ट्रांसफार्मर बदला जाएगा। - सोमदत्त सोलंकी, एसडीओ
इस तरह के फॉल्ट की जानकारी नहीं है। इसमें एसडीओ ही बता सकते हैं कि लोड क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। - अमित कुमार, एक्सईएन
विज्ञापन
नवदुर्गा शक्ति मंदिर कॉलोनी गली नंबर-1 निवासी राहुल सैनी ने बताया कि उनके घर का कनेक्शन गली के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से है। इस 130 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर पर 150 से अधिक कनेक्शन जुड़े हुए हैं। जुलाई और अगस्त माह में ही ट्रांसफार्मर में ओवरलोड से दस से 11 बार शॉर्ट-सर्किट होने पर फॉल्ट हो चुका है। एक अगस्त को ट्रांसफार्मर में तीन बार फॉल्ट हुआ था और इस दौरान दो बार ट्रांसफार्मर बदला गया था।
विज्ञापन
आरोप है कि ऊर्जा निगम के कर्मचारी ट्रांसफार्मर फॉल्ट होने के पांच से छह घंटे बाद ही जांच करने के लिए आते हैं। इसके बाद मरम्मत या बदलने में पूरे एक दिन का समय बीत जाता है। ऐसे में कॉलोनी के लोगों को बिना बिजली और पानी के रहना पड़ता है। यही आलम बृहस्पतिवार को भी रहा। शाम छह बजे ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसके बाद कर्मचारियों व अधिकारियों को सूचना दी गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह कर्मचारी देखकर चले गए। न ही फॉल्ट दूर किया गया और न ट्रांसफार्मर बदला गया। कॉलोनी निवासी लोगों का कहना है गर्मी में बिन बिजली के रहना मुश्किल हो गया है। वहीं दो दिन से पानी की किल्लत भी बनी हुई है।
विज्ञापन
कॉलोनी स्थित दुकानदार अमर चौहान का कहना है कि ओवरलोड के कारण बार-बार फॉल्ट हो जाता है। इसके बावजूद निगम की ओर से अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है। अधिकारियों से मांग की तो उन्होंने कह दिया सर्दियों तक इंतजार करो, तब घरों का लोड कम हो जाएगा तो फॉल्ट नहीं होगा। उपभोक्ताओं को केवल इंतजार करने का आश्वासन दिया जाता है। बिजली घर से 100 मीटर दूरी पर ही ट्रांसफार्मर है, जिसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो सकी। जेई को फोन किया तो उन्होंने कहा कि अवकाश पर हैं।
फॉल्ट की जानकारी मिली थी। इसमें जेई से बात करके बताया जाएगा कि क्या समस्या है। इसके बाद ही ट्रांसफार्मर बदला जाएगा। - सोमदत्त सोलंकी, एसडीओ
इस तरह के फॉल्ट की जानकारी नहीं है। इसमें एसडीओ ही बता सकते हैं कि लोड क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। - अमित कुमार, एक्सईएन