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आज होगा अनूपशहर शुगर मिल पर फैसला
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:49 PM IST
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अनूपशहर शुगर मिल के भविष्य पर एनजीटी में सोमवार को सुनवाई होगी। एनजीटी में मिल प्रबंधन और केंद्रीय व स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी रिपोर्ट पेश करेंगे।
इसके बाद शुगर मिल का भविष्य तय होगा। वहीं, एनजीटी के फैसले पर जिले के करीब 50 हजार किसानों की नजर टिकी हुई है।
हालांकि, मिल प्रबंधन इस बात से आश्वस्त है कि प्रदूषण बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद एनजीटी का फैसला उनके पक्ष में आएगा।
बता दें कि, एनजीटी ने अनूपशहर शुगर मिल को नोटिस जारी कर प्रदूषण रोकने के मानकों को पूरा कराने का आदेश दिया था। मिल को प्रदेश और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की हरी झंडी मिल चुकी है।
18 अक्तूबर को मिल में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट को बोर्ड के अफसर सोमवार को एनजीटी के समक्ष पेश करेंगे। एनजीटी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद नतीजे पर पहुंचेगी।
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अनूपशहर शुगर मिल प्रबंधन और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं, मिल के मुख्य प्रबंधक एसकेएस चौहान का कहना है कि सोमवार को एनजीटी का फैसला आएगा।
मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र की सभी तैयारिया पूरी कर ली हैं। गन्ना खरीद के लिए इंडेंट भी जारी कर दिया गया है। एनजीटी का आदेश मिलते ही गन्ने की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि मिल से करीब 50 हजार किसानों का सीधा सरोकार है। एनजीटी का आदेश फेवर में नहीं आया तो किसानों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
अफसर विदेश यात्रा में मस्त, नहीं मिला कर्ज
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल के अफसरों के विदेश की सैर में मशगूल होने से मिल को केंद्र के विशेष पैकेज का फायदा नहीं मिला।
केंद्र सरकार ने शुगर लॉबी को घाटे से उबारने के लिए ब्याज रहित ऋण देने की व्यवस्था की थी। ऋण के लिए केंद्र का नुमाइंदा वेव की चौखट तक पहुंचा, लेकिन साहब के विदेश में होने से ऋण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इससे वेव शुगर मिल को केंद्र से मिलने वाला चार करोड़ रुपये कर्ज नहीं मिला।
जिससे बकाया भुगतान की आस देख रहे हजारों किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि जनपद की तीन शुगर मिलों को केंद्र के विशेष पैकेज का लाभ मिल गया है।
वेव शुगर मिल को कर्ज नहीं मिला है। वेव प्रबंधन की ओर से बताया गया था कि मिल के अफसरों के विदेश में होने के कारण कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी।
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इसके बाद शुगर मिल का भविष्य तय होगा। वहीं, एनजीटी के फैसले पर जिले के करीब 50 हजार किसानों की नजर टिकी हुई है।
हालांकि, मिल प्रबंधन इस बात से आश्वस्त है कि प्रदूषण बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद एनजीटी का फैसला उनके पक्ष में आएगा।
बता दें कि, एनजीटी ने अनूपशहर शुगर मिल को नोटिस जारी कर प्रदूषण रोकने के मानकों को पूरा कराने का आदेश दिया था। मिल को प्रदेश और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की हरी झंडी मिल चुकी है।
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18 अक्तूबर को मिल में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट को बोर्ड के अफसर सोमवार को एनजीटी के समक्ष पेश करेंगे। एनजीटी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद नतीजे पर पहुंचेगी।
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अनूपशहर शुगर मिल प्रबंधन और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं, मिल के मुख्य प्रबंधक एसकेएस चौहान का कहना है कि सोमवार को एनजीटी का फैसला आएगा।
मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र की सभी तैयारिया पूरी कर ली हैं। गन्ना खरीद के लिए इंडेंट भी जारी कर दिया गया है। एनजीटी का आदेश मिलते ही गन्ने की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि मिल से करीब 50 हजार किसानों का सीधा सरोकार है। एनजीटी का आदेश फेवर में नहीं आया तो किसानों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
अफसर विदेश यात्रा में मस्त, नहीं मिला कर्ज
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल के अफसरों के विदेश की सैर में मशगूल होने से मिल को केंद्र के विशेष पैकेज का फायदा नहीं मिला।
केंद्र सरकार ने शुगर लॉबी को घाटे से उबारने के लिए ब्याज रहित ऋण देने की व्यवस्था की थी। ऋण के लिए केंद्र का नुमाइंदा वेव की चौखट तक पहुंचा, लेकिन साहब के विदेश में होने से ऋण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इससे वेव शुगर मिल को केंद्र से मिलने वाला चार करोड़ रुपये कर्ज नहीं मिला।
जिससे बकाया भुगतान की आस देख रहे हजारों किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि जनपद की तीन शुगर मिलों को केंद्र के विशेष पैकेज का लाभ मिल गया है।
वेव शुगर मिल को कर्ज नहीं मिला है। वेव प्रबंधन की ओर से बताया गया था कि मिल के अफसरों के विदेश में होने के कारण कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी।