{"_id":"68ffa5be6271523ca10be3e9","slug":"the-sun-rose-on-the-banana-leaf-and-looked-down-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-142672-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके...
विज्ञापन
खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद
बुलंदशहर/नरौरा/अहार/अनूपशहर। गंग नहर वलीपुरा घाट पर सोमवार को व्रती महिलाएं अपने परिवार के पूरी तैयारी के साथ पहुंचीं। इस दौरान पहिले पहिल हम कइनी, छठी मइया बरत तोहार, करिहा क्षमा छठी मइया, भूल-चूक गलती हमार, कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए और केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय सरीखे भक्ति गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। घाट पर पहुंचीं महिलाओं ने सुन जी अरजिया हमार हे छठ मइया.. का गीत गाते हुए अस्तालचागामी सूर्य का अर्घ्य दिया।
चार दिवसीय छठ पर्व की शुरूआत शनिवार नहाय-खाय के साथ हुई। रविवार को खरना रहा। तीसरे दिन सोमवार छठ के महापर्व पर सुबह से ही महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा था। घरों में पूजन की तैयारी दिनभर होती रही। शाम को बांस की टोकरी में पूजन सामग्री रखकर महिलाएं घरों से निकलीं। शाम होने से पहले ही गंग नहर पर बने घाट पर परिवार संग पूरी तैयारी के साथ पहुंची।
व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। महिलाओं ने छठ माता को गन्ना, फल, फूल व मिष्ठान आदि अर्पित कर पुत्रों के लंबी उम्र की कामना की। निर्जला व्रत के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर श्रद्धा व उत्साह दिखा। इस दौरान छठ मैया माता के गीतों की गूंज रही। बाद में आरती के साथ दीपदान किया गया। नहर के घाट पर इस दौरान मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। व्रती महिलाओं ने यहां से घर लौटने पर कोसी भरने की रस्म निभाई।
विज्ञापन
गन्ने के बनाए घरौंदे के बीच मिट्टी के हाथी के ऊपर चौमुखा दीपक जलाकर पारंपरिक पकवान और फल छठी माता को अर्पित किए। पूजा की इस रस्म में कुछ परिवारों के पुरुषों ने व्रत रखा हुआ है। मंगलवार को भोर में उगते सूर्य को अर्घ्य देने पुनः घाट पर पहुंचेंगी। महिलाएं जल ग्रहण कर उपवास तोड़ेंगी। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। सूर्योपासना महापर्व छठ पूजा न्यास के संरक्षक डॉ. विवेकराज, अध्यक्ष कुशेश्वर यादव, महामंत्री अरुण कुमार चौबे, कोषाध्यक्ष एस कांत श्रीवास्तव व्यवस्था में बृजेंद्र त्रिपाठी, डाॅ. बीके प्रसाद, अजय पासवान, डाॅ. एसपी ओझा, विनीत झा और प्रवीन कुमार सिन्हा आदि पूरा दिन लगे रहे।
दूसरी ओर अनूपशहर में छठ पूजा पर्व धूमधाम से मनाया गया। घाटों पर श्रद्धालु उमड़े पहुंचे और इनमें दुबई से आए लोग भी शामिल रहे। शिक्षक अभय सिन्हा ने बताया कि उनके सबसे छोटे भाई दीपक इस पर्व को मनाने के लिए दुबई से विशेष रूप से अनूपशहर पहुंचे हैं। अहार में भी छठ पर्व का पूजन किया गया। वहीं, नरौरा के नरवर गंगा घाट क्षतिग्रस्त होने के कारण छठ पर्व बासी घाट पर मनाया गया। अनुविहार कॉलोनी निवासी एवम नगर में रह रहे पूर्वांचल वासियों ने अस्ताचलमागी सूर्य को बासी घाट पर अर्घ्य दिया और छट मैया के गीत गाए। इस मौके पर छठ पूजा आयोजन समिति के संजय कुमार, अनिल सिंह, संजय गुप्ता, शंभूनाथ वर्नवाल, रविंद्र गुप्ता, दीपक कुमार, रोहित कुमार, अखिलेश यादव व एपी सिंह का व्यवस्था में सहयोग रहा। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक गंगा प्रसाद राजपूत के नेतृत्व पुलिस बल मौजूद रहा।
-
बोली व्रती महिलाएं
छठ मैया करेगी सब बेड़ा पार
अंजलि ने बताया कि छठ पर्व का यह महत्वपूर्ण व्रत है। इसका व्रत रखने से जहां परिवार को सुख-शांति मिलती है। श्रद्धाभाव से की गई पूजा से मैया बेड़ा पार कर देती है। वह हर साल व्रत रखती हैं और मनोकामना भी पूरी होती हैं।
-
परिवार की खुशहाली को रखा व्रत
बबीता ने बताया कि पहली बार जब व्रत रखा तो काफी कठिन लगा लेकिन अब व्रत रखकर मन को खुशी व शांति मिलती है। वह हर बार परिवार की खुशहाली लिए छठ मैया का व्रत पूरे विधि-विधान से रखकर पूरा करती हैं।
-
छठ मैया करती हैं मनोकामना पूरी
छठ पर्व का व्रत रखने वाली महिला निधि पांडे कहती हैं कि व्रत रखने से मैया सभी मनोकामना पूरी करती हैं। उन्होंने जब भी व्रत रखा और जो मनोकामना मांग वह पूरी हुई। इसलिए अब हर साल छह पर्व के आने का और व्रत रखने का इंतजार रहता है।
विज्ञापन
चार दिवसीय छठ पर्व की शुरूआत शनिवार नहाय-खाय के साथ हुई। रविवार को खरना रहा। तीसरे दिन सोमवार छठ के महापर्व पर सुबह से ही महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा था। घरों में पूजन की तैयारी दिनभर होती रही। शाम को बांस की टोकरी में पूजन सामग्री रखकर महिलाएं घरों से निकलीं। शाम होने से पहले ही गंग नहर पर बने घाट पर परिवार संग पूरी तैयारी के साथ पहुंची।
विज्ञापन
व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। महिलाओं ने छठ माता को गन्ना, फल, फूल व मिष्ठान आदि अर्पित कर पुत्रों के लंबी उम्र की कामना की। निर्जला व्रत के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर श्रद्धा व उत्साह दिखा। इस दौरान छठ मैया माता के गीतों की गूंज रही। बाद में आरती के साथ दीपदान किया गया। नहर के घाट पर इस दौरान मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। व्रती महिलाओं ने यहां से घर लौटने पर कोसी भरने की रस्म निभाई।
विज्ञापन
गन्ने के बनाए घरौंदे के बीच मिट्टी के हाथी के ऊपर चौमुखा दीपक जलाकर पारंपरिक पकवान और फल छठी माता को अर्पित किए। पूजा की इस रस्म में कुछ परिवारों के पुरुषों ने व्रत रखा हुआ है। मंगलवार को भोर में उगते सूर्य को अर्घ्य देने पुनः घाट पर पहुंचेंगी। महिलाएं जल ग्रहण कर उपवास तोड़ेंगी। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। सूर्योपासना महापर्व छठ पूजा न्यास के संरक्षक डॉ. विवेकराज, अध्यक्ष कुशेश्वर यादव, महामंत्री अरुण कुमार चौबे, कोषाध्यक्ष एस कांत श्रीवास्तव व्यवस्था में बृजेंद्र त्रिपाठी, डाॅ. बीके प्रसाद, अजय पासवान, डाॅ. एसपी ओझा, विनीत झा और प्रवीन कुमार सिन्हा आदि पूरा दिन लगे रहे।
दूसरी ओर अनूपशहर में छठ पूजा पर्व धूमधाम से मनाया गया। घाटों पर श्रद्धालु उमड़े पहुंचे और इनमें दुबई से आए लोग भी शामिल रहे। शिक्षक अभय सिन्हा ने बताया कि उनके सबसे छोटे भाई दीपक इस पर्व को मनाने के लिए दुबई से विशेष रूप से अनूपशहर पहुंचे हैं। अहार में भी छठ पर्व का पूजन किया गया। वहीं, नरौरा के नरवर गंगा घाट क्षतिग्रस्त होने के कारण छठ पर्व बासी घाट पर मनाया गया। अनुविहार कॉलोनी निवासी एवम नगर में रह रहे पूर्वांचल वासियों ने अस्ताचलमागी सूर्य को बासी घाट पर अर्घ्य दिया और छट मैया के गीत गाए। इस मौके पर छठ पूजा आयोजन समिति के संजय कुमार, अनिल सिंह, संजय गुप्ता, शंभूनाथ वर्नवाल, रविंद्र गुप्ता, दीपक कुमार, रोहित कुमार, अखिलेश यादव व एपी सिंह का व्यवस्था में सहयोग रहा। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक गंगा प्रसाद राजपूत के नेतृत्व पुलिस बल मौजूद रहा।
-
बोली व्रती महिलाएं
छठ मैया करेगी सब बेड़ा पार
अंजलि ने बताया कि छठ पर्व का यह महत्वपूर्ण व्रत है। इसका व्रत रखने से जहां परिवार को सुख-शांति मिलती है। श्रद्धाभाव से की गई पूजा से मैया बेड़ा पार कर देती है। वह हर साल व्रत रखती हैं और मनोकामना भी पूरी होती हैं।
-
परिवार की खुशहाली को रखा व्रत
बबीता ने बताया कि पहली बार जब व्रत रखा तो काफी कठिन लगा लेकिन अब व्रत रखकर मन को खुशी व शांति मिलती है। वह हर बार परिवार की खुशहाली लिए छठ मैया का व्रत पूरे विधि-विधान से रखकर पूरा करती हैं।
-
छठ मैया करती हैं मनोकामना पूरी
छठ पर्व का व्रत रखने वाली महिला निधि पांडे कहती हैं कि व्रत रखने से मैया सभी मनोकामना पूरी करती हैं। उन्होंने जब भी व्रत रखा और जो मनोकामना मांग वह पूरी हुई। इसलिए अब हर साल छह पर्व के आने का और व्रत रखने का इंतजार रहता है।

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद

खुर्जा के मुंडाखेड़ा घाट पर छठ के अवसर पर सूर्यास्त के दौरान पूजा करती महिलाएं । संवाद