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Bulandshahar News: पिता की मौत के दो घंटे बाद ही पुत्र ने तोड़ा दम
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जहांगीराबाद के मोहल्ला जटियान में पिता-पुत्र की मौत पर विलाप करते परिजन। संवाद
जहांगीराबाद। मोहल्ला जटियान निवासी 60 वर्षीय राजेंद्र प्रजापति की शनिवार रात बीमारी से मौत हो गई। घर में मातम पसरा हुआ था। इसी बीच पिता की मौत से गमजदा 26 वर्षीय पुत्र पंकज ने भी दम तोड़ दिया। चंद घंटों में ही दो लोगों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर से एक साथ बाप-बेटे की अर्थी उठी तो पूरा इलाका गम में डूब गया।
मोहल्ला जटियान निवासी राजेंद्र प्रजापति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। पिछले कुछ दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे। शनिवार रात परिवार के लोग उनके निधन की खबर बेटे पंकज प्रजापति से छिपाते रहे क्योंकि पंकज खुद भी करीब एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहे थे। पंकज को जब पिता की मौत की भनक लगी तो वह गहरे सदमे में चले गए।
देखते ही देखते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन उन्हें सरकारी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंकज की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पंकज का मासूम बेटा और गर्भवती पत्नी उनकी मौत की खबर सुनकर और बेहाल हो गए। दोनों का गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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बार-बार बेसुध हो रहीं कमलेश : राजेंद्र की पत्नी कमलेश देवी ने एक ही रात में अपने पति और बेटे दोनों को खो दिया। पति और पुत्र की मौत से बेहाल कमलेश बार-बार बेसुध हो रही थीं। मोहल्ले के लोग उन्हें ढांढस बंधाने पहुंचे तो वह फफक पड़ीं। बार-बार बस यही बोल रही थीं कि अब किसके लिए जीना है...पति और बेटा दोनों को खो दिया। राजेंद्र के तीन बेटे और दो बेटियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे बबलू और धर्मेंद्र भी मेहनत-मजदूरी करते हैं।
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मोहल्ला जटियान निवासी राजेंद्र प्रजापति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। पिछले कुछ दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे। शनिवार रात परिवार के लोग उनके निधन की खबर बेटे पंकज प्रजापति से छिपाते रहे क्योंकि पंकज खुद भी करीब एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहे थे। पंकज को जब पिता की मौत की भनक लगी तो वह गहरे सदमे में चले गए।
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देखते ही देखते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन उन्हें सरकारी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंकज की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पंकज का मासूम बेटा और गर्भवती पत्नी उनकी मौत की खबर सुनकर और बेहाल हो गए। दोनों का गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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बार-बार बेसुध हो रहीं कमलेश : राजेंद्र की पत्नी कमलेश देवी ने एक ही रात में अपने पति और बेटे दोनों को खो दिया। पति और पुत्र की मौत से बेहाल कमलेश बार-बार बेसुध हो रही थीं। मोहल्ले के लोग उन्हें ढांढस बंधाने पहुंचे तो वह फफक पड़ीं। बार-बार बस यही बोल रही थीं कि अब किसके लिए जीना है...पति और बेटा दोनों को खो दिया। राजेंद्र के तीन बेटे और दो बेटियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे बबलू और धर्मेंद्र भी मेहनत-मजदूरी करते हैं।