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Bulandshahar News: क्योली खुर्द गांव में बुखार से किशोर की मौत, अब तक छह की गई जान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 10:13 PM IST
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Teenager dies of fever in Kyoli Khurd village, six killed so far
गांव क्योली खुर्द में बुखार से हुई सुमित की मौत के बाद घर के बाहर खड़े ग्रामीण। - फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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खुर्जा। अरनिया क्षेत्र के क्योली खुर्द गांव में बुखार से 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। गांव में अब तक बुखार से छह लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार दवाओं का छिड़काव और जांच शिविर लगाया जा रहा है। इसके बावजूद बुखार पर नियंत्रण नहीं हो रहा है।
गांव में जुलाई माह से बुखार का प्रकोप है। पिछले दो महीने से गांव में ढाई हजार से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। गांव निवासी हरिशंकर ने बताया कि उनका बेटा सुमित (17) पिछले 15 दिनों से बुखार से पीड़ित था। पहले स्वास्थ्य विभाग के जांच शिविर में उसको दवा दिलाई गई लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उसको अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर बुखार के साथ पीलिया की पुष्टि हुई।
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वहां से मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां रविवार रात उसने उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। इससे पहले गांव में 16 वर्षीय शालू, सत्यवती, बूधा देवी, रविता और एक अन्य की मौत हो चुकी है। पिछले 40 दिनों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से निरंतर जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मरीजों को दवा दी जा रही है और आवश्यक जांच भी कराई जा रही है।
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इसके अलावा मेरठ मंडल से संयुक्त निदेशक, अपर निदेशक, सर्विलांस अधिकारी समेत विभिन्न अधिकारियों ने दौरा किया। इसके बावजूद बुखार पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश के बावजूद गांव में सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत की ओर से अभी तक तालाब, पोखर और डंपिंग क्षेत्रों में सफाई नहीं कराई गई। पोखर में दवाई भी नहीं डलवाई गई है। गांव में अब भी मच्छर अधिक हैं। रात के समय बिना मच्छरदानी के सोना संभव नहीं है।

सीएमएस डॉ. टेकेंद्र सिंह ने बताया कि किशोर को बुखार था, जिसका उपचार अलीगढ़ के अस्पताल में चल रहा था। वहीं से मेडिकल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराई गई। सोमवार को आयोजित शिविर में आठ मरीज आए, जिसमें किसी भी मरीज में बुखार की पुष्टि नहीं हुई।

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