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Bulandshahar News: साहब, हमें भी है बिजली कनेक्शन की दरकार
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बिजली वाली खबर के साथ हमसीरा ।
बुलंदशहर/अनूपशहर। साहब, हमें भी रुपयों के अभाव में अभी तक कनेक्शन नहीं मिल सका है। घर में रात के समय सोलर टॉर्च या डिबिया से उजाला करने के लिए मजबूर हैं।
अनूपशहर क्षेत्र के गांव शेरपुर की मढैया निवासी 60 वर्षीय विधवा हमशीरा ने बताया कि उनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। करीब 18 साल पहले पति अंधे हो गए थे और दो साल पहले उनकी मौत हो गई। उनके पति ने झोपड़ी में बिजली कनेक्शन के लिए कई बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। हमशीरा ने बताया कि अब अधिकारी बिना रुपये जमा कराए कनेक्शन देने के लिए तैयार नहीं हैं। कमाई का जरिया न होने के चलते रुपये जमा करना संभव नहीं है। हमशीरा ने बताया कि वह अकेले ही रहती हैं। लोगों ने उन्हें एक सोलर टॉर्च दी थी, जिसकी मदद से वह रात में घर में उजाला करती हैं।
सौभाग्य योजना में नहीं मिला कनेक्शन
देहात क्षेत्र के गांव हात्माबाद निवासी आसिफ मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। आसिफ ने बताया कि बिजली निगम की सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नहीं मिला। आरोप लगाया कि बिना रिश्वत के विभागीय कर्मचारी काम करने के लिए तैयार नहीं थे और रिश्वत देने के लिए रुपये न होने के चलते वह रिश्वत दे नहीं पाए।
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सौभाग्य योजना में अधिकतर लोगों को कनेक्शन दिए गए थे। योजना के तहत धनराशि को किश्तों में जमा करने की छूट है, लेकिन फ्री बिजली कनेक्शन की कोई योजना नहीं है। जो भी आवेदन प्राप्त होता है, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। - वीके मिश्रा, चीफ इंजीनियर, विद्युत निगम
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अनूपशहर क्षेत्र के गांव शेरपुर की मढैया निवासी 60 वर्षीय विधवा हमशीरा ने बताया कि उनके घर में कोई कमाने वाला नहीं है। करीब 18 साल पहले पति अंधे हो गए थे और दो साल पहले उनकी मौत हो गई। उनके पति ने झोपड़ी में बिजली कनेक्शन के लिए कई बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। हमशीरा ने बताया कि अब अधिकारी बिना रुपये जमा कराए कनेक्शन देने के लिए तैयार नहीं हैं। कमाई का जरिया न होने के चलते रुपये जमा करना संभव नहीं है। हमशीरा ने बताया कि वह अकेले ही रहती हैं। लोगों ने उन्हें एक सोलर टॉर्च दी थी, जिसकी मदद से वह रात में घर में उजाला करती हैं।
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सौभाग्य योजना में नहीं मिला कनेक्शन
देहात क्षेत्र के गांव हात्माबाद निवासी आसिफ मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। आसिफ ने बताया कि बिजली निगम की सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नहीं मिला। आरोप लगाया कि बिना रिश्वत के विभागीय कर्मचारी काम करने के लिए तैयार नहीं थे और रिश्वत देने के लिए रुपये न होने के चलते वह रिश्वत दे नहीं पाए।
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सौभाग्य योजना में अधिकतर लोगों को कनेक्शन दिए गए थे। योजना के तहत धनराशि को किश्तों में जमा करने की छूट है, लेकिन फ्री बिजली कनेक्शन की कोई योजना नहीं है। जो भी आवेदन प्राप्त होता है, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। - वीके मिश्रा, चीफ इंजीनियर, विद्युत निगम