{"_id":"69a5c007d08e868b9e08079f","slug":"shia-community-mourns-khameneis-death-holds-candlelight-vigil-bulandshahr-news-c-133-1-bul1001-149593-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: खामनेई के निधन पर शोक की लहर, शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: खामनेई के निधन पर शोक की लहर, शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च
विज्ञापन
शहर काजी शिया समुदाय के नेतृत्व में विरोध जताते शिया समुदाय के लोग। स्रोत: वायरल वीडियो का स्क्
बुलंदशहर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के निधन की खबर से नगर के शिया समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। सोमवार शाम बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग इमामबाड़े में एकत्रित हुए और नम आंखों से अपने रहबर को याद किया। इस दौरान लोगों ने इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
हाथों में मोमबत्तियां और खामनेई की तस्वीरें लेकर शिया समुदाय के लोगों ने शहर की विभिन्न मस्जिदों में शोक प्रकट किया। इमामबाड़े में आयोजित सभा में शहर काजी शिया समुदाय मौलाना हसन अब्बास ने कहा कि खामनेई का जाना पूरे इस्लामिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने खामनेई को मजलूमों की आवाज बताया।
ऊपर कोट स्थित जामा मस्जिद में शहर काजी हाजी मोहम्मद ओसामा के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें इस्राइल और अमेरिका द्वारा किए जा रहे युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की गई। कहा कि वैश्विक शांति के लिए साम्राज्यवादी ताकतों का विरोध जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल विरोधी नारे लगाए और वैश्विक मंच पर उनके हस्तक्षेप को युद्ध का मुख्य कारण बताया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मुस्तैद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथों में मोमबत्तियां और खामनेई की तस्वीरें लेकर शिया समुदाय के लोगों ने शहर की विभिन्न मस्जिदों में शोक प्रकट किया। इमामबाड़े में आयोजित सभा में शहर काजी शिया समुदाय मौलाना हसन अब्बास ने कहा कि खामनेई का जाना पूरे इस्लामिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने खामनेई को मजलूमों की आवाज बताया।
विज्ञापन
ऊपर कोट स्थित जामा मस्जिद में शहर काजी हाजी मोहम्मद ओसामा के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें इस्राइल और अमेरिका द्वारा किए जा रहे युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की गई। कहा कि वैश्विक शांति के लिए साम्राज्यवादी ताकतों का विरोध जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल विरोधी नारे लगाए और वैश्विक मंच पर उनके हस्तक्षेप को युद्ध का मुख्य कारण बताया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मुस्तैद रहा।
विज्ञापन