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Bulandshahar News: पारा 43 डिग्री पार...अस्पताल में 100 से अधिक पहुंचे ड्रिहाडेशन और हीट स्ट्रोक के मरीज
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जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज।
बुलंदशहर। सोमवार को सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख रहे। दोपहर में गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को परेशान कर दिया। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के 100 से अधिक मरीज पहुंचे। बाजारों से लेकर मुख्य मार्ग सूनसान रहे। दोपहर के समय कम संख्या में लोग घरों से निकले। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में हीटस्ट्रोक के 58 और डिहाइड्रेशन के 42 मरीज पहुंचे।
न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा और आर्द्रता 21 फीसदी दर्ज की गई। सुबह से ही धूप ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर में लोग अपने घरों से नहीं निकले। तापमान लगातार बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के 100 से अधिक मरीज आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक सीएचसी पर पांच-पांच बेड हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए आरक्षित रखने को कहा है। जिससे हीट स्ट्रोक के मरीज आने पर संबंधित का उपचार किया जा सके। वहीं, लोगों से खानपान पर विशेष ध्यान देने के साथ पानी अधिक मात्रा में पीने की सलाह दी है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि तापमान बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खानपान पर ध्यान न देने के कारण समस्या हो रही है। कम पानी पीना भी सेहत के लिए हानिकारक है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. रामानंद पटेल ने बताया कि मौसम में बदलाव की संभावना है। बादल छाने के साथ आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बन रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री डिग्री कम होकर 41 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने की संभावना है।
12 से तीन बजे के बीच न निकलें बाहर
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलना काफी नुकसानदायक होता है। इस समय बाहर निकलने से बचे। खाली पेट बाहर न निकलें और अधिक समय तक धूप में न रहें। पानी पीते रहें। शरीर को ढक कर रखें व सूती और ढीले कपड़े पहनें। सोमवार को ओपीडी में हीट स्ट्रोक के 58 और डिहाइड्रेशन के 42 मरीज इलाज कराने के लिए आए। अस्पताल में आने वाले हीट स्ट्रोक के मरीजों को बचाव की सलाह दी जा रही है।
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गर्मी बढ़ने पर खानपान पर विशेष ध्यान दें। पानी कम पीने से बच्चे और बुजुर्ग अधिक चपेट में आ रहे हैं। इसको लेकर सभी सरकारी चिकित्सालयों पर ओआरएस के घोल रखवा दिए हैं। साथ ही समस्त सीएचसी पर हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए पांच-पांच बेड आरक्षित कर दिए हैं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान
बुलंदशहर। तापमान बढ़ने के साथ ही शहर से लेकर देहात क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती बढ़ गई है। कहीं पर लो वोल्टेज तो कहीं पर फाल्ट की समस्या से उपभोक्ता जूझते नजर आ रहे हैं। शहर में 16 घंटे तो देहात क्षेत्र में महज 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसमें जो बिजली मिल भी रहीं है, उसमें आने-जाने का सिलसिला लगा रहता है। ट्रिपिंग की मुख्य वजह उपकेंद्र में लगे जर्जर उपकरण हैं। लाइनों के तार ढीले हैं। लेकिन इस ओर बिजली निगम के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील क्षेत्र में 22 और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली मिलने के आदेश हैं। मौजूदा समय में गर्मी बढ़ने पर शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आने-जाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी उपकेंद्र में लगे उपकरण खराब हो जाते हैं, तो कभी जर्जर तार टपकते हैं। भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्र में अनुरक्षण के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। उपभोक्ता सूर्या शर्मा ने बताया कि अधिकांश बिजली लाइनें जर्जर हैं। न तो उन्हें बदला जा रहा है न कसवाया जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा और आर्द्रता 21 फीसदी दर्ज की गई। सुबह से ही धूप ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर में लोग अपने घरों से नहीं निकले। तापमान लगातार बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के 100 से अधिक मरीज आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक सीएचसी पर पांच-पांच बेड हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए आरक्षित रखने को कहा है। जिससे हीट स्ट्रोक के मरीज आने पर संबंधित का उपचार किया जा सके। वहीं, लोगों से खानपान पर विशेष ध्यान देने के साथ पानी अधिक मात्रा में पीने की सलाह दी है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि तापमान बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खानपान पर ध्यान न देने के कारण समस्या हो रही है। कम पानी पीना भी सेहत के लिए हानिकारक है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. रामानंद पटेल ने बताया कि मौसम में बदलाव की संभावना है। बादल छाने के साथ आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बन रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री डिग्री कम होकर 41 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने की संभावना है।
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12 से तीन बजे के बीच न निकलें बाहर
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलना काफी नुकसानदायक होता है। इस समय बाहर निकलने से बचे। खाली पेट बाहर न निकलें और अधिक समय तक धूप में न रहें। पानी पीते रहें। शरीर को ढक कर रखें व सूती और ढीले कपड़े पहनें। सोमवार को ओपीडी में हीट स्ट्रोक के 58 और डिहाइड्रेशन के 42 मरीज इलाज कराने के लिए आए। अस्पताल में आने वाले हीट स्ट्रोक के मरीजों को बचाव की सलाह दी जा रही है।
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गर्मी बढ़ने पर खानपान पर विशेष ध्यान दें। पानी कम पीने से बच्चे और बुजुर्ग अधिक चपेट में आ रहे हैं। इसको लेकर सभी सरकारी चिकित्सालयों पर ओआरएस के घोल रखवा दिए हैं। साथ ही समस्त सीएचसी पर हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए पांच-पांच बेड आरक्षित कर दिए हैं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान
बुलंदशहर। तापमान बढ़ने के साथ ही शहर से लेकर देहात क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती बढ़ गई है। कहीं पर लो वोल्टेज तो कहीं पर फाल्ट की समस्या से उपभोक्ता जूझते नजर आ रहे हैं। शहर में 16 घंटे तो देहात क्षेत्र में महज 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसमें जो बिजली मिल भी रहीं है, उसमें आने-जाने का सिलसिला लगा रहता है। ट्रिपिंग की मुख्य वजह उपकेंद्र में लगे जर्जर उपकरण हैं। लाइनों के तार ढीले हैं। लेकिन इस ओर बिजली निगम के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील क्षेत्र में 22 और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली मिलने के आदेश हैं। मौजूदा समय में गर्मी बढ़ने पर शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आने-जाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। कभी उपकेंद्र में लगे उपकरण खराब हो जाते हैं, तो कभी जर्जर तार टपकते हैं। भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्र में अनुरक्षण के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। उपभोक्ता सूर्या शर्मा ने बताया कि अधिकांश बिजली लाइनें जर्जर हैं। न तो उन्हें बदला जा रहा है न कसवाया जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।