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Bulandshahar News: रिश्वत देकर किए भर्ती, छह माह में कर दिए बाहर
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बुलंदशहर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में करीब 80 गार्ड की आउट सोर्सिंग से भर्ती हुई। इसमें अधिकांश ने रुपये देकर भर्ती किए जाने का आरोप लगाया हैं। छह माह ड्यूटी देने के बाद अधिकांश गार्ड को हटाए जाने पर पीड़ित शिकायत करने डीएम और सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। रिश्वत देकर भर्ती किए जाने के मामले में डीएम ने सीएमओ से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में करीब छह माह पूर्व गार्ड के पद पर आउट सोर्सिंग पर भर्ती हुई। इसमें 60 गार्ड विभाग की रेफरल यूनिट और 22 गार्ड खुर्जा में रखे गए। बेरोजगारों ने रोजगार मिलने की आस में नौकरी की। लेकिन कुछ माह बाद अधिकांश गार्डों को हटा दिया गया। नौकरी जाने पर गार्ड फरियाद लेकर डीएम और सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि छह माह पूर्व गार्ड के पद पर भर्ती हुए। भर्ती करने के नाम पर एक से डेढ़ लाख रुपये लिए गए। भर्ती करते समय उनको उम्मीद थी कि नौकरी मिलने से परिवार चल सकेगा और जल्द ही परमानेंट हो जाएंगे, लेकिन छह माह बाद उनको हटा दिया गया। अब वह दोबारा तैनाती या दिए गए रुपये वापस दिलाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेकर सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
जिस को टेंडर दिया गया उसका अनुबंध समाप्त होने वाला है। अब भूतपूर्व सैनिकों को गार्ड के लिए तैनात किया जाएगा। रुपये लेकर तैनाती मामले में कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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जिले के स्वास्थ्य विभाग में करीब छह माह पूर्व गार्ड के पद पर आउट सोर्सिंग पर भर्ती हुई। इसमें 60 गार्ड विभाग की रेफरल यूनिट और 22 गार्ड खुर्जा में रखे गए। बेरोजगारों ने रोजगार मिलने की आस में नौकरी की। लेकिन कुछ माह बाद अधिकांश गार्डों को हटा दिया गया। नौकरी जाने पर गार्ड फरियाद लेकर डीएम और सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि छह माह पूर्व गार्ड के पद पर भर्ती हुए। भर्ती करने के नाम पर एक से डेढ़ लाख रुपये लिए गए। भर्ती करते समय उनको उम्मीद थी कि नौकरी मिलने से परिवार चल सकेगा और जल्द ही परमानेंट हो जाएंगे, लेकिन छह माह बाद उनको हटा दिया गया। अब वह दोबारा तैनाती या दिए गए रुपये वापस दिलाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेकर सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
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जिस को टेंडर दिया गया उसका अनुबंध समाप्त होने वाला है। अब भूतपूर्व सैनिकों को गार्ड के लिए तैनात किया जाएगा। रुपये लेकर तैनाती मामले में कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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