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पुत्रवधू पर गलत निगाह रखता था बीएसएफ जवान, पुत्रों ने ही हत्या कर कुएं में दफना दिया था शव
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मृतक फौजी का आरोपी पुत्र हिमांशु।
- फोटो : BULANDSHAHR
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पुत्रवधू पर गलत निगाह रखता था बीएसएफ जवान, पुत्रों ने ही हत्या कर कुएं में दफना दिया था शव
औरंगाबाद। लापता बीएसएफ जवान की उनके ही बेटों ने हत्या कर शव कुएं में दफन कर दिया था। आरोप है कि वह आपने पुत्रवधु पर गलत निगाह रखते थे। विरोध करने पर बेटों को जायदाद से बेदखल करने की धमकी देते थे। पुलिस ने आरोपी एक बेटे को गिरफ्तार कर मंगलवार को घटना का राजफाश कर दिया। बेटे की निशानदेही पर सड़ा-गला शव भी बरामद कर लिया।
अगौता थाना क्षेत्र के गांव सेगा जगतपुर निवासी बीएसएफ में तैनात हेड कांस्टेबल रामपाल सिंह होली के दिन 29 मार्च से लापता थे। उनके बड़े बेटे रोशिन्द्र ने 25 मई को अगौता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कहीं कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने मामला रफादफा कर दिया था। इसके बाद बीएसफ जवान के भाई ने अफसरों से गुहार लगाई। बीएसएफ डीजी ने आईजी मेरठ जोन व अन्य अफसरों को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा। जिस पर जनपद पुलिस हरकत में आई।
मंगलवार को एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 11 अक्तूबर को स्वाट टीम और अगौता पुलिस ने संयुक्त रूप से रामपाल के छोटे बेटे हिमांशु उर्फ आकाश और उसके चार दोस्तों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद घटना का सनसनीखेज खुलासा हुआ। हिमांशु ने बताया कि बड़े भाई रोशिन्द्र और दोस्त प्रशांत पुत्र जन्म सिंह के साथ पहले रस्सी से पिता का गला घोंटा, इसके बाद बलकटी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। शव को गांव से दो किलोमीटर दूर अपने ही कुएं में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डाल दी। पुलिस ने मंगलवार तड़के तीन बजे उसकी निशानदेही से बीएसफ जवान रामपाल का कंकालनुमा सड़ा-गला शव कुएं से बरामद कर लिया। हत्या में प्रयुक्त बलकटी भी बरामद हो गई है।
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तमंचे संग फोटो डालने में जेल जा चुका प्रशांत
एसएसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले हत्या में शामिल प्रशांत को सोशल मीडिया पर तमंचे संग खुद का फोटो वायरल करने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। हिमांशु ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता रोशिंद्र की पत्नी पर गलत नजर रखते थे। विरोध पर उन्हें जायदाद से बेदखल करने की धमकी देते थे। इसी के कारण उन्होंने पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया है, दोस्तों को अभी भी हिरासत में रखा हुआ है।
बड़े बेटे की हो रही तलाश
लापता बीएसएफ जवान की हत्या का खुलासा कर दिया गया है। जवान की हत्या उनके ही दोनो बेटों ने एक साथी के साथ मिलकर की थी। छोटे बेटे हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया है। बड़े बेटे की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
साढ़े छह माह से चक्कर काट रहे थे जवान के भाई
बीएसएफ जवान के भाई और चचेरे भाई पिछले साढे़ छह माह से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन, अगौता पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी रही। 20 सितंबर को हेड कांस्टेबल रामपाल सिंह के भाई वेद प्रकाश और चचेरे भाई जितेंद्र ने एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल से शिकायत की थी। बीएसफ अधिकारियों को भी पत्र भेजा था। दोनों भाई एडीजी के सामने रो पड़े थे। कहा था कि संपत्ति के विवाद को लेकर बेटों पर ही उन्हें शक है। पुलिस हमें ही थाने में बंद कर देती है। इसके बाद एडीजी ने एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह को निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिसके बाद एसओजी टीम को लगाया गया।
एक दिन में 60 बार की दोस्त को कॉल
जांच में सामने आया कि बीएसएफ जवान का बड़ा बेटा रोशिंद्र अपने दोस्तों को लगातार कॉल कर रहा था। एक दिन में 60 बार दोस्तों को कॉल की थी। यहीं से पुलिस का शक गहराता चला गया। पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि पिता रामपाल सिंह पचास लाख रुपये की जमीन गांव मंडोना के पास खरीदना चाहते थे। दोनों भाई जमीन खरीदने का विरोध करते थे। होली पर पिता एक दिन के लिए घर आए। उस दौरान घर में कैश रखा हुआ था, इसके बाद हत्या की प्लानिंग की गई।
पुलिस की हुई किरकिरी, सवालों में तत्कालीन इंस्पेक्टर
साढ़े छह माह बाद जब इस केस का खुलासा किया गया तो पूरे प्रकरण में अगौता पुलिस और उच्च अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले में अगौता थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर ध्रुव भूषण दुबे व सीओ सिकंदराबाद की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पूर्व इंस्पेक्टर पर मोटी रकम लेकर बेटों को बचाने का आरोप है। तीन माह पहले पुलिस ने घर की खोदाई भी कराई, लेकिन बेटों को छोड़ दिया। दुल्हैंडी पर 29 मार्च को बीएसफ जवान का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। गैरहाजिर होने के बाद बीएसएफ ने बुलंदशहर पुलिस से रिपोर्ट मांगी। लेकिन अगौता थाना पुलिस शिकायत करने वालों को ही थाने में बंद करती रही।
पत्नी और बेटी की हो चुकी है संदिग्ध मौत
बीएसफ जवान रामपाल सिंह के पिता भूरे सिंह गांव सेगा जगतपुर के पूर्व प्रधान रहे हैं। जिनकी मौत हो चुकी है। रामपाल के दूसरे भाई वेद प्रकाश बुलंदशहर में परिवार के साथ रह रहे हैं। रामपाल की राजस्थान के जैसलमेर में 57 बटालियन में पोस्टिंग थी। एक अप्रैल को विशेष कोर्स के लिए बाहर जाना था। छह साल पहले रामपाल की पत्नी और बेटी की संदिग्ध हालत में मौत हो चुकी है।
बेटों की सिफारिश कर रहे थे ग्रामीण
गत सोमवार को बीएसफ जवान के बेटों की पैरवी करने में 40-50 ग्रामीण एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। जहां गांव के लोगों ने कहा की रामपाल का भाई वेदप्रकाश और चचेरा भाई जितेंद्र उनके बेटों को बदनाम कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की पैरवी करने वाले ग्रामीणों को फटकार कर कर भगा दिया।
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औरंगाबाद। लापता बीएसएफ जवान की उनके ही बेटों ने हत्या कर शव कुएं में दफन कर दिया था। आरोप है कि वह आपने पुत्रवधु पर गलत निगाह रखते थे। विरोध करने पर बेटों को जायदाद से बेदखल करने की धमकी देते थे। पुलिस ने आरोपी एक बेटे को गिरफ्तार कर मंगलवार को घटना का राजफाश कर दिया। बेटे की निशानदेही पर सड़ा-गला शव भी बरामद कर लिया।
अगौता थाना क्षेत्र के गांव सेगा जगतपुर निवासी बीएसएफ में तैनात हेड कांस्टेबल रामपाल सिंह होली के दिन 29 मार्च से लापता थे। उनके बड़े बेटे रोशिन्द्र ने 25 मई को अगौता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कहीं कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने मामला रफादफा कर दिया था। इसके बाद बीएसफ जवान के भाई ने अफसरों से गुहार लगाई। बीएसएफ डीजी ने आईजी मेरठ जोन व अन्य अफसरों को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा। जिस पर जनपद पुलिस हरकत में आई।
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मंगलवार को एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 11 अक्तूबर को स्वाट टीम और अगौता पुलिस ने संयुक्त रूप से रामपाल के छोटे बेटे हिमांशु उर्फ आकाश और उसके चार दोस्तों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद घटना का सनसनीखेज खुलासा हुआ। हिमांशु ने बताया कि बड़े भाई रोशिन्द्र और दोस्त प्रशांत पुत्र जन्म सिंह के साथ पहले रस्सी से पिता का गला घोंटा, इसके बाद बलकटी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। शव को गांव से दो किलोमीटर दूर अपने ही कुएं में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डाल दी। पुलिस ने मंगलवार तड़के तीन बजे उसकी निशानदेही से बीएसफ जवान रामपाल का कंकालनुमा सड़ा-गला शव कुएं से बरामद कर लिया। हत्या में प्रयुक्त बलकटी भी बरामद हो गई है।
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तमंचे संग फोटो डालने में जेल जा चुका प्रशांत
एसएसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले हत्या में शामिल प्रशांत को सोशल मीडिया पर तमंचे संग खुद का फोटो वायरल करने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। हिमांशु ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता रोशिंद्र की पत्नी पर गलत नजर रखते थे। विरोध पर उन्हें जायदाद से बेदखल करने की धमकी देते थे। इसी के कारण उन्होंने पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया है, दोस्तों को अभी भी हिरासत में रखा हुआ है।
बड़े बेटे की हो रही तलाश
लापता बीएसएफ जवान की हत्या का खुलासा कर दिया गया है। जवान की हत्या उनके ही दोनो बेटों ने एक साथी के साथ मिलकर की थी। छोटे बेटे हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया है। बड़े बेटे की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
साढ़े छह माह से चक्कर काट रहे थे जवान के भाई
बीएसएफ जवान के भाई और चचेरे भाई पिछले साढे़ छह माह से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन, अगौता पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी रही। 20 सितंबर को हेड कांस्टेबल रामपाल सिंह के भाई वेद प्रकाश और चचेरे भाई जितेंद्र ने एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल से शिकायत की थी। बीएसफ अधिकारियों को भी पत्र भेजा था। दोनों भाई एडीजी के सामने रो पड़े थे। कहा था कि संपत्ति के विवाद को लेकर बेटों पर ही उन्हें शक है। पुलिस हमें ही थाने में बंद कर देती है। इसके बाद एडीजी ने एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह को निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिसके बाद एसओजी टीम को लगाया गया।
एक दिन में 60 बार की दोस्त को कॉल
जांच में सामने आया कि बीएसएफ जवान का बड़ा बेटा रोशिंद्र अपने दोस्तों को लगातार कॉल कर रहा था। एक दिन में 60 बार दोस्तों को कॉल की थी। यहीं से पुलिस का शक गहराता चला गया। पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि पिता रामपाल सिंह पचास लाख रुपये की जमीन गांव मंडोना के पास खरीदना चाहते थे। दोनों भाई जमीन खरीदने का विरोध करते थे। होली पर पिता एक दिन के लिए घर आए। उस दौरान घर में कैश रखा हुआ था, इसके बाद हत्या की प्लानिंग की गई।
पुलिस की हुई किरकिरी, सवालों में तत्कालीन इंस्पेक्टर
साढ़े छह माह बाद जब इस केस का खुलासा किया गया तो पूरे प्रकरण में अगौता पुलिस और उच्च अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले में अगौता थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर ध्रुव भूषण दुबे व सीओ सिकंदराबाद की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पूर्व इंस्पेक्टर पर मोटी रकम लेकर बेटों को बचाने का आरोप है। तीन माह पहले पुलिस ने घर की खोदाई भी कराई, लेकिन बेटों को छोड़ दिया। दुल्हैंडी पर 29 मार्च को बीएसफ जवान का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। गैरहाजिर होने के बाद बीएसएफ ने बुलंदशहर पुलिस से रिपोर्ट मांगी। लेकिन अगौता थाना पुलिस शिकायत करने वालों को ही थाने में बंद करती रही।
पत्नी और बेटी की हो चुकी है संदिग्ध मौत
बीएसफ जवान रामपाल सिंह के पिता भूरे सिंह गांव सेगा जगतपुर के पूर्व प्रधान रहे हैं। जिनकी मौत हो चुकी है। रामपाल के दूसरे भाई वेद प्रकाश बुलंदशहर में परिवार के साथ रह रहे हैं। रामपाल की राजस्थान के जैसलमेर में 57 बटालियन में पोस्टिंग थी। एक अप्रैल को विशेष कोर्स के लिए बाहर जाना था। छह साल पहले रामपाल की पत्नी और बेटी की संदिग्ध हालत में मौत हो चुकी है।
बेटों की सिफारिश कर रहे थे ग्रामीण
गत सोमवार को बीएसफ जवान के बेटों की पैरवी करने में 40-50 ग्रामीण एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। जहां गांव के लोगों ने कहा की रामपाल का भाई वेदप्रकाश और चचेरा भाई जितेंद्र उनके बेटों को बदनाम कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की पैरवी करने वाले ग्रामीणों को फटकार कर कर भगा दिया।