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पुलिस भर्ती : सात ने लगाए फर्जी प्रमाणपत्र, रिपोर्ट दर्ज
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बुलंदशहर। आरक्षी नागरिक पुलिस के 60 हजार से अधिक पदों पर हुई सीधी भर्ती प्रक्रिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। जनपद के सात चयनित अभ्यर्थियों की ओर से फर्जी और कूटरचित प्रमाणपत्र संलग्न करने की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसएसपी कार्यालय के प्रधान लिपिक की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
एसएसपी कार्यालय के प्रधान लिपिक जितेंद्र कुमार ने तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती के संबंध में सूचना जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया में बुलंदशहर से 2093 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। चिकित्सा एवं चरित्र सत्यापन व दस्तावेजों की जांच के दौरान कुल 58 अभ्यर्थियों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के प्रमाणपत्र संलग्न पाए गए थे। इनमें से सात के प्रमाण पत्र संदिग्ध थे।
इन अभ्यर्थियों की सूची जिलाधिकारी बुलंदशहर को सत्यापन के लिए भेजी गई थी। 12 जून 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट में सुशांत सिंह निवासी गांव धनौरा सिकंदराबाद, सौरभ डागुर निवासी रामा एंक्लेव भूड़ कोतवाली नगर, रोहित सिंह निवासी रसूलपुर सलेमपुर, मुकेश निवासी रोनी सलोनी ककोड़, सुमित चौधरी निवासी हजरतपुर पूठरी खुर्जा देहात, गोलू सिंह निवासी गांव समनपुर शिकारपुर और रोहित कुमार निवासी छपना जहांगीराबाद के प्रमाणपत्र जिलाधिकारी कार्यालय बुलंदशहर से जारी न होने की जानकारी मिली। ऐसे में इनकी प्रक्रिया रोक दी गई।
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दो जुलाई 2025 को एसपी देहात से जांच कराई गई, जिसमें सभी सात अभ्यर्थियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित होने का फर्जी व कूटरचित प्रमाणपत्र लगाकर आरक्षण का लाभ प्राप्त किए जाने का प्रयास किए जाने की पुष्टि हुई। ऐसे में मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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एसएसपी कार्यालय के प्रधान लिपिक जितेंद्र कुमार ने तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती के संबंध में सूचना जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया में बुलंदशहर से 2093 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। चिकित्सा एवं चरित्र सत्यापन व दस्तावेजों की जांच के दौरान कुल 58 अभ्यर्थियों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के प्रमाणपत्र संलग्न पाए गए थे। इनमें से सात के प्रमाण पत्र संदिग्ध थे।
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इन अभ्यर्थियों की सूची जिलाधिकारी बुलंदशहर को सत्यापन के लिए भेजी गई थी। 12 जून 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट में सुशांत सिंह निवासी गांव धनौरा सिकंदराबाद, सौरभ डागुर निवासी रामा एंक्लेव भूड़ कोतवाली नगर, रोहित सिंह निवासी रसूलपुर सलेमपुर, मुकेश निवासी रोनी सलोनी ककोड़, सुमित चौधरी निवासी हजरतपुर पूठरी खुर्जा देहात, गोलू सिंह निवासी गांव समनपुर शिकारपुर और रोहित कुमार निवासी छपना जहांगीराबाद के प्रमाणपत्र जिलाधिकारी कार्यालय बुलंदशहर से जारी न होने की जानकारी मिली। ऐसे में इनकी प्रक्रिया रोक दी गई।
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दो जुलाई 2025 को एसपी देहात से जांच कराई गई, जिसमें सभी सात अभ्यर्थियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित होने का फर्जी व कूटरचित प्रमाणपत्र लगाकर आरक्षण का लाभ प्राप्त किए जाने का प्रयास किए जाने की पुष्टि हुई। ऐसे में मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।