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बिना पेयजल लाइन लगाया वाटर टैक्स, अब देना होगा 10-10 हजार जुर्माना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 10:24 PM IST
सार

नगर की एक कालोनी में बिना पेयजल लाइन बिछाए लोगों से वाटर टैक्स लेने पर नगर पालिका पर जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता आयोग के पीए शेखर वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका ने नगर की दुर्गापुरम कालोनी निवासी आशा देवी, हेमलता, देवेंद्र, रीता, रमेश चंद्र, मनोज, महेश व रेखा पंवार ने शिकायत की थी कि नगर पालिका द्वारा उन पर अवैध रूप से वाटर टैक्स लगा दिया है। प्रकरण में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने दोनों पक्षों की दलील सुनी।

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विस्तार

बिना पेयजल लाइन लगाया वाटर टैक्स, अब देना होगा 10-10 हजार जुर्माना
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बुलंदशहर। नगर की एक कालोनी में बिना पेयजल लाइन बिछाए लोगों से वाटर टैक्स लेने पर नगर पालिका पर जुर्माना लगाया गया है। उपभोक्ता आयोग ने मामले में लोगों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए नगर पालिका को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता लोगों को हर्जाना दिया जाए।

जिला उपभोक्ता आयोग के पीए शेखर वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका ने नगर की दुर्गापुरम कालोनी निवासी आशा देवी, हेमलता, देवेंद्र, रीता, रमेश चंद्र, मनोज, महेश व रेखा पंवार ने शिकायत की थी कि नगर पालिका द्वारा उन पर अवैध रूप से वाटर टैक्स लगा दिया है। जबकि कालोनी में अभी तक पेयजल लाइन भी नहीं बिछाई गई है। इसके अलावा घर-घर से कूड़ा उठान के लिए लोगों से 50-50 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। मामले में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने ईओ को नोटिस भी जारी किया, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रकरण में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने दोनों पक्षों की दलील सुनी। इसके बाद नगर पालिका के दावे को खारिज कर दिया और नगर पालिका द्वारा लोगों पर लगाए गए वाटर टैक्स को गलत बताते हुए कूड़ा उठान के लिए वसूली गई धनराशि को भी अवैध बताया। अब आयोग के अध्यक्ष ने नगर पालिका को आदेश दिए हैं कि दो माह के अंदर पांच-पांच हजार रुपये वाद व्यय और दस-दस हजार रुपये बतौर हर्जाना पीड़ित लोगों को दिए जाएं। साथ ही यदि दो माह के अंदर धनराशि का भुगतान नहीं किया गया तो छह फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
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