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सतीश की जीत पर गुरुओं ने जताई खुशी
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सतीश के बॉक्सिंग मुकाबला जीतने के बाद उसके कॉलेज में मुकाबले को लेकर चर्चा करते शिक्षक।
- फोटो : SIKANDRABAD
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सतीश की जीत पर गुरुओं ने जताई खुशी
सिकंदराबाद। सतीश के टोक्यो ओलंपिक में मैंस सुपर हैवी वेट बॉक्सिंग का मुकाबला जीतने पर उनके गुरुओं ने भी खुशी का इजहार किया। साथ ही प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने का आशीर्वाद दिया।
पचौता स्थित पचौता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विजयपाल सैनी ने बताया कि सतीश यादव ने कक्षा छह से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2005 तक पचौता इंटर कॉलेज से ही पूरी की है। वह काफी होनहार और अनुशासित हैं। उनकी प्रतिभा को देखकर शुरू से ही लगता था कि एक ना एक दिन वह देश का नाम रोशन करेंगे।
शिक्षा के समय से ही खेलों में रुचि लेते थे। उस समय विद्यालय में आयोजित होने वाली सभी खेलकूद प्रतियोगिता में वह बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।
- विजयपाल सैनी प्रधानाचार्य
सतीश काफी अनुशासित रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह खेल में भी अव्वल हैं। जीवन में अनुशासन के कारण ही आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
- शिक्षिका रामेश्वरी यादव
सतीश उनके कॉलेज के छात्र रहे हैं। ओलंपिक में अपने कॉलेज के छात्र की जीत को लेकर उन्हें खुशी है। और कामना करते है कि सतीश गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन करें।
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- शिक्षक राकेश कुमार गुप्ता
मजबूत कद काठी का होने के बावजूद भी सतीश काफी शांत स्वभाव का हैं। अपनी शक्ति का उन्होंने कभी गलत प्रयोग नहीं किया। शक्ति को सही दिशा में लगाने के कारण आज वह ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह देश और देशवासियों के लिए गर्व की बात है।
- शिक्षक जय प्रकाश यादव
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सिकंदराबाद। सतीश के टोक्यो ओलंपिक में मैंस सुपर हैवी वेट बॉक्सिंग का मुकाबला जीतने पर उनके गुरुओं ने भी खुशी का इजहार किया। साथ ही प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने का आशीर्वाद दिया।
पचौता स्थित पचौता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विजयपाल सैनी ने बताया कि सतीश यादव ने कक्षा छह से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2005 तक पचौता इंटर कॉलेज से ही पूरी की है। वह काफी होनहार और अनुशासित हैं। उनकी प्रतिभा को देखकर शुरू से ही लगता था कि एक ना एक दिन वह देश का नाम रोशन करेंगे।
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शिक्षा के समय से ही खेलों में रुचि लेते थे। उस समय विद्यालय में आयोजित होने वाली सभी खेलकूद प्रतियोगिता में वह बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।
- विजयपाल सैनी प्रधानाचार्य
सतीश काफी अनुशासित रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह खेल में भी अव्वल हैं। जीवन में अनुशासन के कारण ही आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
- शिक्षिका रामेश्वरी यादव
सतीश उनके कॉलेज के छात्र रहे हैं। ओलंपिक में अपने कॉलेज के छात्र की जीत को लेकर उन्हें खुशी है। और कामना करते है कि सतीश गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन करें।
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- शिक्षक राकेश कुमार गुप्ता
मजबूत कद काठी का होने के बावजूद भी सतीश काफी शांत स्वभाव का हैं। अपनी शक्ति का उन्होंने कभी गलत प्रयोग नहीं किया। शक्ति को सही दिशा में लगाने के कारण आज वह ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह देश और देशवासियों के लिए गर्व की बात है।
- शिक्षक जय प्रकाश यादव