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फिलहाल नहीं ढहाई जाएंगे मॉल के सामने बनीं दुकानें
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 12 May 2016 09:49 PM IST
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फिलहाल नहीं ढहाई जाएंगे मॉल के सामने बनीं दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
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मॉल और मल्टीप्लेक्स के सामने दुकानें फिलहाल नहीं ढहाई जाएंगी। हाईकोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश को अवैध बताते हुए जिला पंचायत परिषद परिषद की रिट खारिज कर दी। हालांकि हाईकोर्ट ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जिला पंचायत परिषद के लिए उच्च न्यायालय का विकल्प खोल रखा है।
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मामला काला आम चौराहे पर 28 करोड़ की लागत से बन रहे बहुमंजिला शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स का है, जिसका निर्माण जिला पंचायत परिषद करवा रहा है। 75 फीसदी निर्माण हो चुका है। मॉल की जद में करीब 340 दुकानें, होटल और शोरूम आ रहे हैं जिनका ध्वस्तीकरण प्रस्तावित है।
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जिला पंचायत परिषद की ओर से ध्वस्तीकरण की बाबत सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के हवाले से दुकान संचालकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। नोटिस मिलने के बाद कई दुकानदार, शोरुम और होटल संचालकहाईकोर्ट गए। वहां से ब्योरा तलब किए जाने पर जिला पंचायत ने रिट दायर कर इस मामले के पूववर्ती नोटिफिकेशन पेश किए।
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इस पर हाईकोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को मान्य बताते हुए उसे कोर्ट के अंतिम आदेश में निहित किया जाना बताया। इस पर किराएदारों ने भी कोर्ट में नोटिफिकेशन पेश कर जिला पंचायत की रिट खारिज करने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को अवैध करार देते हुए जिला पंचायत की रिट खारिज कर दी है।
हालांकि अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि कोर्ट के सामने अंतिम नोटिफिकेशन नहीं रखा गया। अंतिम नोटिफिकेशन वर्ष 2004 में राजस्व परिषद ने जारी किया था। हाईकोर्ट में वर्ष-2000 से पूर्व के नोटिफिकेशन रखे गए। अब जिला पंचायत अंतिम नोटिफिकेशन के साथ उच्च न्यायालय का रुख करेगा।
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माननीय हाईकोर्ट के समक्ष राजस्व परिषद का अंतिम नोटिफिकेशन नहीं रखा गया। अंतिम नोटिफिकेशन वर्ष 2004 में जारी किया गया था। वर्ष 2000 से पूर्व के नोटिफिकेशन कोर्ट में पेश किए गए हैं।
कोर्ट का आदेश मिल चुका है। जिला पंचायत परिषद दस्तावेजों के साथ अगली कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। किराएदारों को जिला पंचायत की प्रापर्टी से कब्जा छोड़ना होगा। -प्रदीप कुमार, एएमए, जिला पंचायत