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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Martyr's wife shout for rights.

हक की खातिर दो साल से दर-दर भटक रही शहीद की पत्नी

Wed, 19 Oct 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 19 Oct 2016 11:20 PM IST
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Martyr's wife shout for rights.
अंशू यादव, शहीद की विधवा - फोटो : ब्यूरो

दो साल पहले बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए आरक्षी एकांत यादव की पत्नी अभी भी हक के दर-दर भटक रही है। अफसरों ने अपनी कमी छिपाने के लिए सीएम के हाथो सम्मानित होने वाले शहीदों की सूची से उसका नाम समारोह से ऐन पहले हटा दिया।

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  इस कारण न तो शहीद के परिवार को सम्मान मिला और न ही मृतक आश्रित के कोटे में नौकरी। बुधवार को शहीद आरक्षी की पत्नी डीएम और एडीएम से मिली और अपना दुखड़ा सुनाया। अफसरों ने उसे हक दिलाने का आश्वासन दिया है।
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सिकंदराबाद के गांव कैथला निवासी एकांत यादव दो दिसंबर 2014 को पुलिस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली से शहीद हो गए थे। 21 अक्तूबर 2015 को स्मृति परेड लखनऊ में शहीद एकांत यादव की पत्नी अंशू यादव का सम्मान होना था।
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बाकायदा विभाग की ओर से अंशू को फोन किया गया मगर सम्मान दिवस से एक दिन पूर्व अचानक अंशू को लखनऊ नहीं आने की सूचना दी गई। बाद में पता चला कि शहीद के परिवार के डयूज का भुगतान पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने नहीं करवाया था।

अंशू मुख्यमंत्री को कहीं यह बात न बता दे,  इसलिए अफसरों ने समारोह से ऐन पहले अंशू को लखनऊ जाने से रोक दिया। अफसरों ने हवाला सूची में नाम न होने का दिया था। शहीद की विधवा को अब तक न तो सम्मान मिला और न ही नौकरी मिली। ऐसे में शहीद की पत्नी दो साल से अफसरों की चौखट नापने को मजबूर है।

शहीद की पत्नी बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंची और डीएम एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र से मिली। एडीएम ने महिला को न्याय का भरोसा दिला और पुलिस विभाग के आला अफसरों से फोन पर बात की।


पति की शहादत के बाद सरकार पर परिवार के ड्यूज थे। हम सीएम साहब को सच न बता दें, इसलिए सरकारी अफसरों ने सम्मानित होने वाली महिलाआें की सूची से उनका नाम काट दिया।   - अंशू यादव, शहीद की विधवा

शहीद एकांत की पत्नी की शिकायत मिली है। आला अफसरों से बात की गई है। उनका नाम सम्मान सूची में शामिल किया जाएगा।
 - अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
शहीद की पत्नी को नौकरी न मिलने का मामला मेरे संज्ञान में है। मामले की जांच करवाई जाएगी। महिला का नाम सूची में जुड़वाया जाएगा।
- आंजनेय कुमार सिंह, डीएम   बुलंदशहर
 

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