फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Martyr Prabhat Gaur's body reached his native village on Wednesday

Bulandshahar News: जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रभात गौड़ का नाम रहेगा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 10:21 PM IST
विज्ञापन
Martyr Prabhat Gaur's body reached his native village on Wednesday
शहीद प्रभात गौड के पिता एसपी गौड़ बेटी सोनिका बेटा खुशहाल को भारतीय सेना के अधिकारी तिरंगा और वर
ऊंचागांव। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए गांव पाली आनंदगढ़ी निवासी शहीद प्रभात गौड़ का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव पहुंचा। शहीद को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी, परिजन, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के अधिकारी मौजूद रहे। शहीद प्रभात गौड़ अमर रहें..., जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रभात गौड़ का नाम रहेगा, वंदे मातरम.., भारत माता की जय जैसे नारों से पूरे गांव गूंज उठा।
विज्ञापन

बुधवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे सेना के विशेष वाहन से शहीद प्रभात गौड़ का पार्थिव शरीर गांव लाया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। जब पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा उमड़ पड़े।
विज्ञापन

शहीद की पत्नी मनोरमा बार-बार अचेत हो रही थीं, जिन्हें परिवार की महिलाएं संभालतीं नजर आईं। शहीद के अंतिम संस्कार में सेना के ब्रिगेडियर अजय सिंह, डीएम श्रुति सिंह और एसएसपी दिनेश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद के पिता एसपी गौड़, पुत्र खुशहाल और बेटी सोनिका अंतिम बार अपने पिता के शव से लिपटकर रो पड़े। इस भावुक पल ने सभी को गमगीन कर दिया। पिता, पुत्र और बेटी को सेना की ओर से तिरंगा और शहीद की वर्दी सौंपी गई। सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी। शहीद के पुत्र खुशहाल ने उन्हें मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


युवाओं ने निकाली तिरंगा यात्रा...महिलाओं ने भी थामा तिरंगा
गांव के मार्ग पर महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर बैठी थीं और शहीद के वाहन के आने का इंतजार कर रही थीं। जैसे ही वाहन गांव से गुजरा, महिलाओं ने नमन करते हुए पुष्प अर्पित किए। इस दौरान वातावरण पूरी तरह देशभक्ति में रंग गया। वहीं, सेना का विशेष वाहन पर शहीद के फोटो को ऊपर लगाया गया था। वाहन के साथ सैकड़ों की संख्या में युवा बाइक व स्कूृटी पर हाथों में तिरंगा लिए जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रभात गौड़ का नाम रहेगा.. जैसे नारे लगाते हुए गांव तक पहुंचे।

जवाहर ज्योति इंटर कॉलेज में पुष्प वर्षा व जयघोष
प्रभात गौड़ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अमरगढ़ स्थित जवाहर ज्योति इंटर कॉलेज में प्राप्त की थी। उन्होंने कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई यहीं से की थी और वर्ष 1993 में दसवीं पास की थी। उसी वर्ष उनका चयन भारतीय सेना में हो गया। वर्तमान में वह श्रीनगर में बतौर जूनियर अफसर तैनात थे। जब शहीद का पार्थिव शरीर अमरगढ़ स्थित जवाहर ज्योति इंटर कॉलेज के पास से गुजरा, तो स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ‘शहीद प्रभात गौड़ अमर रहें’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

नहीं पहुंचे सांसद और विधायक, लोगों में रोष
शहीद की अंतिम यात्रा में क्षेत्रीय सांसद और विधायक नहीं पहुंचे। लोगों ने इसे दुखद बताया और जनप्रतिनिधियों के रवैये पर नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों का कहना था कि जब उनका बेटा देश की सेवा में प्राण न्योछावर कर रहा है, तो जनप्रतिनिधियों का न आना अपमानजनक है। हालांकि पूर्व विधायक शिकारपुर मुकेश शर्मा, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्यौपाल सिंह, रालोद नेता डाॅ. कुंवरवीर सिंह आदि ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की।

देश को अपने वीर सपूत पर गर्व
प्रभात गौड़ की शहादत ने क्षेत्रवासियों की आंखें भले नम कर दी हों, लेकिन हर कोई उनके साहस, समर्पण और देशभक्ति पर गर्व करता नजर आया। गांव के लोगों ने संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ियों को शहीद प्रभात गौड़ के बलिदान की गाथा सुनाएंगे, ताकि उनमें भी देशभक्ति का जज्बा बना रहे।

4 दिन पहले हुई थी बात, एक जुलाई को ही हुआ था प्रमोशन

ऊंचागांव। शहीद हुए जवान प्रभात गौड़ के बड़े भाई राजुल गौड़ ने बताया कि उनके भाई पिछले साल दीपावली पर गांव आए थे। पूरा परिवार गांव में मिला था। प्रभात 4 साल से श्रीनगर में तैनात थे। एक जुलाई को ही उनका प्रमोशन हुआ था। सभी लोगों की अक्सर फोन पर बात हुआ करती थी। घटना से चार दिन पहले भी वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। जिस पर राजुल ने कहा था कि कुछ खा पी लिया करो। तब प्रभात ने कहा था कि मैं अखरोट खा रहा हूं। उन्होंने मुझे अपना ऑफिस दिखाया। राजुल ने पूछा तुम कहां हो। तो उन्होंने कहा, मैं यह नहीं बताऊंगा। हमने पूछा क्या तुम ठीक हो, तो उन्होंने कहा-हां मैं ठीक हूं। उन्होंने बताया कि प्रभात का पुत्र भी सेना में अधिकारी बनना चाहता है। उसके साथ पूरा परिवार है।

शहीद प्रभात गौड के पिता एसपी गौड़ बेटी सोनिका बेटा खुशहाल को भारतीय सेना के अधिकारी तिरंगा और वर

शहीद प्रभात गौड के पिता एसपी गौड़ बेटी सोनिका बेटा खुशहाल को भारतीय सेना के अधिकारी तिरंगा और वर

शहीद प्रभात गौड के पिता एसपी गौड़ बेटी सोनिका बेटा खुशहाल को भारतीय सेना के अधिकारी तिरंगा और वर

शहीद प्रभात गौड के पिता एसपी गौड़ बेटी सोनिका बेटा खुशहाल को भारतीय सेना के अधिकारी तिरंगा और वर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed