फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Locks on 200 Dairy Development Committees

200 दुग्ध विकास समितियों पर ताले

Wed, 17 Aug 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहनवाज चौधरी
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहनवाज चौधरी Updated Wed, 17 Aug 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
Locks on 200 Dairy Development Committees
दुग्ध उत्पादन की आर्थिकी - फोटो : अमर उजाला

‘बाउल ऑफ मिल्क’ के नाम से मशहूर बुलंदशहर में दूध का उत्पादन निचले पायदान पर पहुंच गया है। दूध का उत्पादन दिन पर दिन घटने से 200 दुग्ध सहकारी समितियों को बंद कर दिया गया है। दुग्ध विकास समितियों में ताला लटकने से पशुपालक बेचैन हैं। किसानों ने दूध प्राइवेट कंपनियों को बेचना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


बुलंदशहर सहित खुर्जा, सिकंदराबाद, बुगरासी, गुलावठी, अनूपशहर, शिकारपुर, अरनिया, औरंगाबाद, जहांगीराबाद, अगौता, गुलावठी, ककोड़ समेत 16 विकास खंड़ों में 305 दुग्ध समितियों के माध्यम से पराग दूध की खरीद करता था। पांच माह पूर्व पराग का उत्पादन 20 से 22 हजार लीटर दूध प्रतिदिन था। 
विज्ञापन


यह अब घटकर मात्र 7000 लीटर रह गया है। पर्याप्त मात्रा में दूध का कलेक्शन नहीं होने से 200 दुग्ध विकास समितिया को बंद करना पड़ गया है। समितियों के बंद होने से पशुपालक निजी दुग्ध कंपनियों का रुख करने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 पशुचिकित्सा अधिकारी डा. केपी वार्ष्णेय ने बताया कि अधिक तापमान में पशुओं में दूध की ग्रंथियां सूख जाती हैं। नतीजतन, दूध का उत्पादन गर्मी में गिर जाता है। कुछ गाय और भैंसाें की विशेष किस्मों में गर्मी सहन करने की शक्ति  नहीं होती।

दूध खरीद के दामों में पिछड़ रहा पराग
बुलंदशहर। जनपद में दुग्ध कारोबारियों के बीच खरीद मूल्यों को प्रतिस्पर्धा छिड़ गई है। निजी कंपनियों का दूध का खरीद मूल्य 40-41 रुपये प्रति लीटर होने से पराग की नींद उड़  गई है। पराग 37 रुपये के हिसाब से दूध की खरीद कर रहा है। इससे दुग्ध उत्पादक पराग को सप्लाई देने से कतरा रहे हैं।

जनपद में आधा दर्जन से अधिक निजी कंपनियां व्यवसायिक स्तर पर दूध की खरीदारी करती हैं। कई कंपनियाें की ओर से दूध की खरीदारी कर प्रदेश भर में सप्लाई की जाती है। कई कंपनी दूध की प्रोसेसिंग के बाद दुग्ध उत्पाद दूसरे जनपदों में सप्लाई करती हैं।

इसी के चलते निजी कंपनियों ने बुलंदशहर में दूध का खरीद रेट 38-39 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 40-41 रुपये कर दिया है, ताकि निजीचिलिंग सेंटरों पर अधिक दूध पहुंचे। वहीं, वजूद की खातिर पराग ने खरीद रेट में एक रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर बाजार में बने रहने का खाका खींच लिया है।

पराग अब 37 रुपये के हिसाब के हिसाब दूध खरीद रहा है। अफसरों का कहना है कि स्पर्धा के चलते पराग का दूध उत्पादन बढ़ने के बजाय घट गया है। पराग का मौजूदा दूध उत्पादन सात हजार लीटर पर सिमट गया है। स्पर्धा छिड़ने से पशुपालकों की चांदी कट रही है। इन दिनों में पशुपालकों को 30-32 रुपये लीटर का रेट मिलता था अब रेट 40-41 रुपये पहुंच गया है।

कर्ज देकर सस्ती दर पर दूध खरीदते हैं दूधिया
सरकारी ऋण योजनाओं की पेचीदगी के चलते पशुपालकों को सरकारी बैंकों से कम ऋण मिलता है। इसी का लाभ उठाकर दूधिया पशुपालकों को एवज के रूप में पशुपालकों को एडवांस देकर बाजार रेट से कम पर दूध खरीदता है।  दूधियों का खरीद रेट 36 रुपये से 40 रुपये प्रति लीटर के बीच है।

प्रबंधक पराग वीएस तेवतिया ने बताया कि प्राइवेट कंपनियों के दाम पराग से 3.50-4.50 रुपये लीटर अधिक हैं। इस लिए पराग का दुग्ध कलेक्शन नहीं बढ़ पा रहा है। नेचुरल फिनोमिना से दुग्ध उत्पादन घट रहा है। दूध की कमी के चलते करीब 200 दुग्ध समितियों को बंद करना पड़ा है।

जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए शासन से फंड मांगा गया है। बंद समितियों को शुरू करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।-वीएस तेवतिया प्रबंधक, पराग


जनपद में 12.26 लाख दुधारू पशु
जनपद में दुधारू पशुओं की संख्या 12.26 लाख है। इनमें 2.34 लाख गाय और 9.92 लाख भैंस हैं। गाय का औसत दूध उत्पादन  तीन लीटर प्रतिदिन और भैंस का चार लीटर प्रतिदिन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed