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Bulandshahar News: आयकर विभाग ने दो मजदूरों को थमाया 13.64 करोड़ के कर वसूली का नोटिस
Mon, 20 Mar 2023 09:58 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Updated Mon, 20 Mar 2023 09:58 PM IST
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बुलंदशहर। मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले दो मजदूरों के दस्तावेजों पर कंपनी बनाकर दक्षिण अफ्रीका में माल निर्यात किया गया। आयकर विभाग ने मजदूरों को 13.64 करोड़ के कर वसूली के लिए नोटिस जारी किया तो इसकी पोल खुली। नोटिस लेकर गुलावठी क्षेत्र के गांव बराल निवासी मजदूर अंकुर कुमार और दिनेश कुमार सोमवार को एसएसपी के पास पहुंचे और न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
अंकुर ने बताया कि 2017 में उसने हाईस्कूल की परीक्षा पास की और फिर नौकरी की तलाश में लग गया। उसी साल गांव के एक युवक ने उसकी एक व्यक्ति से मुलाकात कराई थी। उसने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसके शैक्षिक दस्तावेज व अन्य प्रमाण पत्र ले लिए। कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर भी कराए। सालभर बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने दस्तावेजों के बारे में पूछा। इस पर आरोपी ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। कहीं काम न मिलने पर इसके बाद वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने लगा।
पीड़ित अंकुर ने बताया कि अब आयकर विभाग की ओर से उसे एक नोटिस प्राप्त हुआ है। नोटिस अंग्रेजी में है। उसने पड़ोस के लोगों से पढ़वाया तो पता चला कि उसके दस्तावेजों पर एक बैंक खाता खोला गया। उससे 8.06 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। अंकुर ने बताया कि उसने कभी किसी बैंक में खाता नहीं खुलवाया न ही कोई व्यापार किया है। पांच साल पहले दिए गए दस्तावेजों का ही आरोपी ने फर्जी तरीके से प्रयोग कर बैंक खाता खोला और दुरुपयोग किया है।
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बराल गांव निवासी दिनेश कुमार के नाम पर भी फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का व्यापार किया गया है। पीड़ित ने मामले में एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के साथ सुनील तोमर, रामभूल सिंह, राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, अजय शर्मा, धर्मवीर तोमर, सतीश मौजूद रहे।
दक्षिण अफ्रीका में माल किया एक्सपोर्ट
बराल गांव निवासी मजदूर अंकुर के नाम से बनाई गई कंपनी में दिल्ली का पता दिया गया है। इस फर्म के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में माल एक्सपोर्ट किया गया है। दिल्ली आयकर विभाग की ओर से एक चालान जारी करते हुए फर्म पर करीब 8.06 करोड़ की कर देनदारी के लिए आयकर विभाग बुलंदशहर को पत्र लिखा गया। इस पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने गांव बराल निवासी अंकुर को नोटिस जारी करते हुए कर न जमा न करने का कारण पूछा है। गांव निवासी एक अन्य युवक दिनेश के नाम पर भी इसी प्रकार कंपनी का संचालन किया गया। आयकर विभाग ने उसे पांच करोड़ की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
अनजान व्यक्ति को हस्ताक्षर करके न दें दस्तावेज
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दस्तावेजों का ठग फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि अज्ञात व्यक्ति को किसी भी हाल में हस्ताक्षर करके दस्तावेज न दें। यदि दस्तावेज देना जरूरी है तो तो ऐसी स्थिति में उक्त दस्तावेजों पर संबंधित कार्य के लिए ही प्रयुक्त लिखा जाए, ताकि उन दस्तावेजों का किसी भी हाल में दुरुपयोग न हो।
प्रकरण में सीओ सिकंदराबाद को जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि मजदूर के दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो इस संबंध में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - श्लोक कुमार, एसएसपी
गांव निवासी दो युवकों के नाम पर बनी फर्मों से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। दोनों को करीब 14 करोड़ की रिकवरी का नोटिस दिया गया है। दोनाें ने इस संबंध में जानकारी होने और किसी फर्म के संचालन से इनकार किया है। मामले में आगे की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- चतर सिंह पाल, आयकर अधिकारी
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अंकुर ने बताया कि 2017 में उसने हाईस्कूल की परीक्षा पास की और फिर नौकरी की तलाश में लग गया। उसी साल गांव के एक युवक ने उसकी एक व्यक्ति से मुलाकात कराई थी। उसने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसके शैक्षिक दस्तावेज व अन्य प्रमाण पत्र ले लिए। कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर भी कराए। सालभर बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने दस्तावेजों के बारे में पूछा। इस पर आरोपी ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। कहीं काम न मिलने पर इसके बाद वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने लगा।
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पीड़ित अंकुर ने बताया कि अब आयकर विभाग की ओर से उसे एक नोटिस प्राप्त हुआ है। नोटिस अंग्रेजी में है। उसने पड़ोस के लोगों से पढ़वाया तो पता चला कि उसके दस्तावेजों पर एक बैंक खाता खोला गया। उससे 8.06 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। अंकुर ने बताया कि उसने कभी किसी बैंक में खाता नहीं खुलवाया न ही कोई व्यापार किया है। पांच साल पहले दिए गए दस्तावेजों का ही आरोपी ने फर्जी तरीके से प्रयोग कर बैंक खाता खोला और दुरुपयोग किया है।
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बराल गांव निवासी दिनेश कुमार के नाम पर भी फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का व्यापार किया गया है। पीड़ित ने मामले में एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के साथ सुनील तोमर, रामभूल सिंह, राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, अजय शर्मा, धर्मवीर तोमर, सतीश मौजूद रहे।
दक्षिण अफ्रीका में माल किया एक्सपोर्ट
बराल गांव निवासी मजदूर अंकुर के नाम से बनाई गई कंपनी में दिल्ली का पता दिया गया है। इस फर्म के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में माल एक्सपोर्ट किया गया है। दिल्ली आयकर विभाग की ओर से एक चालान जारी करते हुए फर्म पर करीब 8.06 करोड़ की कर देनदारी के लिए आयकर विभाग बुलंदशहर को पत्र लिखा गया। इस पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने गांव बराल निवासी अंकुर को नोटिस जारी करते हुए कर न जमा न करने का कारण पूछा है। गांव निवासी एक अन्य युवक दिनेश के नाम पर भी इसी प्रकार कंपनी का संचालन किया गया। आयकर विभाग ने उसे पांच करोड़ की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
अनजान व्यक्ति को हस्ताक्षर करके न दें दस्तावेज
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दस्तावेजों का ठग फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि अज्ञात व्यक्ति को किसी भी हाल में हस्ताक्षर करके दस्तावेज न दें। यदि दस्तावेज देना जरूरी है तो तो ऐसी स्थिति में उक्त दस्तावेजों पर संबंधित कार्य के लिए ही प्रयुक्त लिखा जाए, ताकि उन दस्तावेजों का किसी भी हाल में दुरुपयोग न हो।
प्रकरण में सीओ सिकंदराबाद को जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि मजदूर के दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो इस संबंध में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - श्लोक कुमार, एसएसपी
गांव निवासी दो युवकों के नाम पर बनी फर्मों से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। दोनों को करीब 14 करोड़ की रिकवरी का नोटिस दिया गया है। दोनाें ने इस संबंध में जानकारी होने और किसी फर्म के संचालन से इनकार किया है। मामले में आगे की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- चतर सिंह पाल, आयकर अधिकारी