UP: छोटी-सी गलती की इतनी बड़ी सजा, दो मजदूरों को आयकर विभाग ने थमाया 13.64 करोड़ का टैक्स रिकवरी का नोटिस
पीड़ित ने बताया कि अब आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस अंग्रेजी में होने के चलते पड़ोस के लोगों से नोटिस के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उसके दस्तावेजों पर एक बैंक खाता खोला गया और उससे 8.64 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।
विस्तार
मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले दो मजदूरों के दस्तावेजों पर कंपनी बनाकर दक्षिण अफ्रीका में माल एक्सपोर्ट किया गया। अब जब आयकर विभाग ने मजदूरों से 13.64 करोड़ की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है तो मजदूर को इसकी भनक लगी। नोटिस लेकर पीड़ित ने सोमवार को एसएसपी से मुलाकात करते हुए उसके दस्तावेजों पर फर्जीवाड़ा कर कंपनी खोलने का आरोप लगाया।
गुलावठी क्षेत्र के गांव बराल निवासी अंकुर कुमार ने एसएसपी को शिकायत देकर बताया कि वह मजदूरी कर अपना परिवार का पालन पोषण करता है। वर्ष 2017 में उसने हाईस्कूल की परीक्षा पास की और फिर नौकरी की तलाश में लग गया। करीब दो साल बाद गांव के ही रिश्ते के दामाद से एक युवक ने उसकी मुलाकात कराई और नौकरी लगवाने की बात कही।
इसके बाद आरोपी ने उससे शैक्षिक दस्तावेज व अन्य प्रमाण पत्र ले लिए थे। साथ ही आरोपी ने कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए थे। कई साल बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उसने युवक से उक्त दस्तावेजों के बारे में पूछा। इस पर आरोपी ने कोई ठोस जबाव नहीं दिया। इसके बाद उसने भी न तो दस्तावेजों के बारे में पूछा और न ही कहीं पर नौकरी लगी। जिसके चलते वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने लगा।
पीड़ित ने बताया कि अब आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस अंग्रेजी में होने के चलते पड़ोस के लोगों से नोटिस के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उसके दस्तावेजों पर एक बैंक खाता खोला गया और उससे 8.64 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। जबकि उसने न तो कोई बैंक खाता खुलवाया और न ही कोई व्यापार किया है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पांच साल पहले दिए गए दस्तावेजों का ही आरोपी ने फर्जी तरीके से प्रयोग कर बैंक खाता खोला और दुरुपयोग किया है। जबकि गांव निवासी दिनेश कुमार के नाम पर भी इसी प्रकार फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का व्यापार किया गया है। पीड़ित ने मामले में एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के साथ सुनील तोमर, रामभूल सिंह, राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, अजय शर्मा, धर्मवीर तोमर, सतीश मौजूद रहे।
दक्षिण अफ्रीका में माल किया एक्सपोर्ट
बराल गांव निवासी मजदूर अंकुर के नाम से बनाई गई कंपनी में दिल्ली का पता दिया गया है। इस फर्म के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में माल एक्सपोर्ट किया गया। जिसके बाद अधिकारियों की फर्म पर नजर आई। दिल्ली आयकर विभाग की ओर से एक चालान जारी करते हुए फर्म पर करीब 8.64 करोड़ की टैक्स रिकवरी के लिए आयकर विभाग बुलंदशहर को पत्र लिखा। इस पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने गांव बराल निवासी अंकुर को नोटिस जारी करते हुए टैक्स जमा न करने पर जबाव मांगा है। बताया जा रहा है कि गांव निवासी एक अन्य युवक दिनेश के नाम पर भी इसी प्रकार कंपनी का संचालन किया गया है, जिसे आयकर विभाग ने पांच करोड़ की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है।
अनजान व्यक्ति को हस्ताक्षर करके न दें दस्तावेज
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि कई बार लोगों द्वारा दिए गए दस्तावेजों का ठप फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि अज्ञात व्यक्ति को किसी भी हाल में हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज न दें और यदि दस्तावेज दिए जाने आवश्यक है कि तो ऐसी स्थिति में उक्त दस्तावेजों पर संबंधित कार्य के लिए ही प्रयुक्त लिखा जाए, ताकि उन दस्तावेजों का किसी भी हाल में दुरुपयोग न हो।
प्रकरण में सीओ सिकंदराबाद को जांच के आदेश दिए हैं। यदि मजदूर के दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो इस संबंध में जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - श्लोक कुमार, एसएसपी
गांव निवासी दो युवकों के नाम पर बनाई गई फर्मों पर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया है। जिसके चलते दोनों को करीब 14 करोड़ की रिकवरी के लिए नोटिस दिया गया है। उक्त लोगों ने इस संबंध में जानकारी होने और किसी फर्म के संचालन से इनकार किया है। आगे की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - चतर सिंह पाल, आयकर अधिकारी