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‘पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी’
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:17 PM IST
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परमवीर चक्र विजेता सूबेदार योगेंद्र यादव।
- फोटो : ब्यूरो
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उड़ी में सेना के बेस कैंप में आतंकी हमले से पूरे देश में आक्रोश में है। हमले में शहीद हुए सैनिकों की शहादत पर पूरे देश की आंखें नम हैं। वहीं, 14 ग्रेनेडियर दिल्ली में तैनात परमवीर चक्र (पीवीसी) विजेता सूबेदार योगेंद्र यादव ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत करते हुए बताया कि भारत पाकिस्तान को सबक सिखाने में में सक्षम है और उसे अब सबक सिखाना जरूरी भी हो गया है।
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उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए गुलावठी क्षेत्र के ग्राम औरंगाबाद अहीर निवासी पीवीसी सूबेदार योगेंद्र यादव ने बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 1965, 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध में करारी शिकस्त दी। अभी भी पाकिस्तान भारत से सीधे मुकाबले की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह घुसपैठ कराकर भारत से छद्म युद्ध कर रहा है।
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कारगिल युद्ध में अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव का कहना है कि पाकिस्तान जैसा दुश्मन कभी दोस्त नहीं हो सकता। जब जब भारत की तरफ से दोस्ताना रवैया अपनाया गया है, तब-तब पाकिस्तान ने भरत की पीठ पर खंजर भोंका है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने जवानों की शहादत का बदला लेना चाहिए।
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बता दें कि सूबेदार योगेंद्र यादव ने कारगिल युद्ध में अपने शरीर पर 19 गोलियां खाकर टाइगर हिल्स पर तिरंगा फहराया था। वहीं, शौर्य चक्र विजेता रिटायर्ड सैनिक स्वरूप सिंह का कहना है कि भारत सरकार को सीमा पार आतंकवादियों शिविरों को नष्ट कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पठानकोट के बाद उड़ी में आतंकी हमले पाकिस्तान की नापाक हरकतों का सबूत है। ग्राम भटौना निवासी रिटायर्ड सूबेदार रामचंद्र सिंह का कहना है कि पाकिस्तान से आरपार की लड़ाई होनी चाहिए। जो देश 68 साल में नहीं सुधरा, वह अब क्या सुधरेगा। भविष्य में पाकिस्तान से बातचीत का कोई अर्थ नहीं है।