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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   If you come to the hospital, bring a fan with you

Bulandshahar News: अस्पताल आएं तो पंखा साथ लाएं, नहीं हैं पर्याप्त संसाधन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 May 2023 10:25 PM IST
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बुलंदशहर। अगर आपको जिला अस्पताल में भर्ती होना है या परिवार के किसी सदस्य को भर्ती कराना है तो हाथ का पंखा साथ लेकर जाएं, वहां पर अधिकतर पंखे काम नहीं कर रहे हैं। भीषण गर्मी में भर्ती मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में गर्मी बढ़ने के समय इससे बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं हैं। ऐसे में वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार गमछे या पंखे से हवा झलने का मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल में अफसर और खास चिकित्सकों की सुविधा का भले ही पूर्ण ध्यान रखा जाता हो, लेकिन मरीजों की सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ओपीडी में चिकित्सकों का इंतजार करते मरीजों को गर्मी का दंश झेलना पड़ रहा है। क्योंकि अस्पताल की ओपीडी में लगे अधिकांश पंखे और कूलर खराब पड़े हुए हैं।
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मेडिकल वार्ड में गमछे से कर रहे हवा
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मौसमगढ़ निवासी मरीज रवि के बेड के ऊपर पंखा नहीं है और न उस ओर कूलर लगा है। ऐसे में गर्मी लगने पर उसके भाई रामवीर ने गमछे से हवा की। जिससे गर्मी से बचाव हो सके। तीमारदार रामवीर ने बताया कि बेड ऐसी जगह पर है जहां पर किसी भी पंखे की हवा नहीं आ रही। यहीं, हाल दूसरे बेड पर लेते मरीज चंदपाल का रहा। शिकारपुर निवासी चंदपाल तीन दिन से वार्ड में भर्ती है। चंदपाल ने बताया कि पंखा काफी मंदा चलता है, कभी-कभी अपने आप बंद हो जाता है। ऐसे में हाथ के पंखे से हवा करनी पड़ती है।
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बेड के ऊपर से गायब पंखा, नीचे मरीज भर्ती
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक बेड पर भर्ती अनूपशहर निवासी मरीज राजपाल कश्यप के बेड के ऊपर पंखे की लाइन तो है लेकिन उस पर कोई पंखा नहीं लगा हुआ है। वार्ड में मरीज और तीमारदार अधिक होने से गर्मी लगने पर साथ आए परिजनों को समय-समय पर हाथ के पंखे से हवा करनी पड़ रही है। तीमारदार रमेश चंद्र ने बताया कि वार्ड में 18 घंटे से भर्ती है, लेकिन बेड के पास न तो कूलर है और न पंखा। ऐसे में बारी-बारी से हाथ से हवाकर गर्मी से बचाव कर रहे हैं। एक मरीज के लिए परिजन घर से ही पंखा लेकर आए। जिससे उसे गर्मी न लगे। सोमवार को मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे लेकर जाते समय एंबुलेंस में पंखा भी साथ लेकर गए। जिससे वहां गर्मी लगे तो पंखा लगाकर बचाव किया जा सके।


वित्तीय अधिकार न होने की वजह से समस्या बनी है। पिछले दिनों 10 पंखे सही करवाए गए। अब अस्पताल में 16 पंखे और खराब पड़े हैं, कुछ कूलर भी खराब है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को पत्र भेजा है। जल्द ही समस्या के समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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