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अस्पताल बदलने में थम गईं शीला की सांसें
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:28 PM IST
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का्रइम
- फोटो : अमर उजाला
गुलावठी-सिकंदराबाद मार्ग पर 24 मार्च को होली के दिन हुए हादसे में घायल शीला (40) की रविवार को मौत हो गई। घायल शीला का परिवार इलाज का खर्चा नहीं उठा सका जिससे शीला के बच्चे अनाथ हो गए।
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शीला के पति मांगेराम की इसी हादसे में पहले ही मौत हो चुकी है। प्रशासनिक अफसरों और कुछ बड़े नेताओं के लाख दावों के बावजूद पैसे के आभाव में छह बच्चों के माता-पिता का साया उनके सिर से उठ गया।
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बता दें कि 24 मार्च को गुलावठी-सिकंदराबाद मार्ग पर ग्राम पीरबियवानी के निकट ट्रक व मैजिक की भिड़ंत में मैजिक सवार नौ लोगों की मौत हो गई थी तथा 15 लोग घायल हो गए थे। ये लोग पचौता के होली मेले में भाग लेकर लौट रहे थे।
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घायलों में शीला भी शामिल थी। मृतकों में सात कुरली के निवासी थे तथा सभी घायल भी कुरली के निवासी थी। रविवार को शीला का शव जैसे ही गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। उसके छह बच्चे तथा परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े। शीला का मेरठ के मंगलम अस्पताल में इलाज चल रहा था।
शीला के भाई मुकेश कुमार ने बताया कि वह निजी अस्पताल का खर्चा नहीं बर्दाश्त कर सके। कर्जा लेकर वह अस्पताल में रुपया जमा रहे थे, इलाज के दौरान एक भैंस भी बिक चुकी थी। सस्ते इलाज के लिए शीला को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के लिए मंगलम से ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। शीला के छह बच्चों भूपेंद्र (20), कृष्ण (17), प्रियंका (18), दीपक (13), स्वाति (11), प्राची (8) का रो रोकर बुरा हाल था।