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Bulandshahar News: गंगा के जलस्तर में वृद्धि, गांव चांसी-फतहपुर मंढैया में 250 बीघा खेत व फसलें गंगा में समाई
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अहार क्षेत्र में खेतों में भरा गंगा का पानी।
अहार/नरौरा/अनूपशहर। जनपद में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिजनौर बैराज से गंगा में लगातार जल छोड़े जाने से गंगा किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी के हालात अहार क्षेत्र में बन रहे हैं। यहां पर लगातार कटान जारी है। गांव चांसी और फतहपुर मंढैया में 250 बीघा से अधिक खेत व फसलें गंगा में समा गई हैं। वहीं, खेतों में पानी भर जाने से किसानों को अपनी फसलों की चिंता सता रही है।
गांव चांसी के किसान धीरज, महेंद्र, पंकज, दिनेश और फतहपुर मंढैया के किसान प्रदीप, पन्ना, हरेंद्र और हितेश आदि ने बताया कि इस समय गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा का पानी खादर को पार कर खेतों में पहुंच गया। वहीं, उनकी गंगा किनारे बाजरा, गन्ना व ज्वार की फसल 250 बीघा गंगा में समा गई है। इससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है।
जनपद में गंगा स्याना तहसील क्षेत्र से प्रवेश करती हैं और अनूपशहर और डिबाई तहसील के नरौरा क्षेत्र से होते हुए आगे निकल जाती हैं। इस बीच में सैकड़ों गांव गंगा किनारे बसे हैं। इन गांवों में रहने वाले किसानों के खेत व सरकार से मिले पट्टे गंगा खादर इलाके में भी आते हैं।
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अनूपशहर में गंगा के जलस्तर में इजाफा होने से जाह्नवीद्वार आरतीस्थल पर भगवान शनिदेव मंदिर तक पानी बह रहा है। गंगा प्लेटफॉर्म रेलिंग को पार कर आरती स्थल पर है। खादर क्षेत्र में जंगल में पानी आने की वजह से पशुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन बढ़ते जलस्तर पर निगाह बनाए हुए है। एई ड्रैनेज अमित किशोर ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे बिजनौर बैराज से 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार व चढ़ाव की स्थिति चल रही है।
वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को 1.22 लाख क्यूसेक पानी और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया है। इसके जिले में आते ही गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान जताया जा रहा है। दूसरी ओर क्षेत्र के किसान महावीर और राजपाल ने बताया कि हर साल मानसून के दौरान गंगा में आने वाली बाढ़ से किसानों की फसल नष्ट हो हो जाती है। इस बार भी किसानों को नुकसान झेलना होगा। सबसे ज्यादा परेशानी चारे की बन रही है।
दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर जल स्तर में बीते 24 घंटे में लगभग बीस हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि के साथ बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 1,34,584 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। हाल के बैराज पर नदी का जलस्तर अभी लो फ्लड की श्रेणी में ही बना हुआ है। गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,34,584 से पानी की निकासी की जा रही है। जो कि गत 24 घंटे से स्थिर बना हुआ है। जबकि बैराज से निकली जो कि एलसीसी नहर में 8099 और पीएलजीसी नहर में 6133 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अहार में गंगा स्नान पर लगाया गया प्रतिबंध, गंगा घाट मार्ग पर पुलिस तैनात
अहार। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए क्षेत्र में गंगा स्नान करने पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही गंगा मार्ग पर पुलिस तैनात कर दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि गंगा घाट मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस टीम तैनात कर दी गई है। अवंतिका देवी और सिद्धबाबा घाट पर दुकानें बंद करवा दी गई हैं। चांसी से सिद्ध बाबा गंगा घाट क्षेत्र में गंगा किनारे लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई। पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
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गांव चांसी के किसान धीरज, महेंद्र, पंकज, दिनेश और फतहपुर मंढैया के किसान प्रदीप, पन्ना, हरेंद्र और हितेश आदि ने बताया कि इस समय गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा का पानी खादर को पार कर खेतों में पहुंच गया। वहीं, उनकी गंगा किनारे बाजरा, गन्ना व ज्वार की फसल 250 बीघा गंगा में समा गई है। इससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है।
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जनपद में गंगा स्याना तहसील क्षेत्र से प्रवेश करती हैं और अनूपशहर और डिबाई तहसील के नरौरा क्षेत्र से होते हुए आगे निकल जाती हैं। इस बीच में सैकड़ों गांव गंगा किनारे बसे हैं। इन गांवों में रहने वाले किसानों के खेत व सरकार से मिले पट्टे गंगा खादर इलाके में भी आते हैं।
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अनूपशहर में गंगा के जलस्तर में इजाफा होने से जाह्नवीद्वार आरतीस्थल पर भगवान शनिदेव मंदिर तक पानी बह रहा है। गंगा प्लेटफॉर्म रेलिंग को पार कर आरती स्थल पर है। खादर क्षेत्र में जंगल में पानी आने की वजह से पशुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन बढ़ते जलस्तर पर निगाह बनाए हुए है। एई ड्रैनेज अमित किशोर ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे बिजनौर बैराज से 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार व चढ़ाव की स्थिति चल रही है।
वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को 1.22 लाख क्यूसेक पानी और बिजनौर बैराज से छोड़ा गया है। इसके जिले में आते ही गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान जताया जा रहा है। दूसरी ओर क्षेत्र के किसान महावीर और राजपाल ने बताया कि हर साल मानसून के दौरान गंगा में आने वाली बाढ़ से किसानों की फसल नष्ट हो हो जाती है। इस बार भी किसानों को नुकसान झेलना होगा। सबसे ज्यादा परेशानी चारे की बन रही है।
दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर जल स्तर में बीते 24 घंटे में लगभग बीस हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि के साथ बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 1,34,584 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। हाल के बैराज पर नदी का जलस्तर अभी लो फ्लड की श्रेणी में ही बना हुआ है। गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,34,584 से पानी की निकासी की जा रही है। जो कि गत 24 घंटे से स्थिर बना हुआ है। जबकि बैराज से निकली जो कि एलसीसी नहर में 8099 और पीएलजीसी नहर में 6133 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अहार में गंगा स्नान पर लगाया गया प्रतिबंध, गंगा घाट मार्ग पर पुलिस तैनात
अहार। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए क्षेत्र में गंगा स्नान करने पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही गंगा मार्ग पर पुलिस तैनात कर दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि गंगा घाट मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस टीम तैनात कर दी गई है। अवंतिका देवी और सिद्धबाबा घाट पर दुकानें बंद करवा दी गई हैं। चांसी से सिद्ध बाबा गंगा घाट क्षेत्र में गंगा किनारे लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई। पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।