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गंगा होने लगी निर्मल, घटे हानिकारक तत्व
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 02 May 2016 10:25 PM IST
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गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं और बुलंदशहर में गंगा निर्मल होने लगी है। गंगा की डाउन स्ट्रीम में बायो-केमिकल डिमांड (बीओडी) की मात्री घटकर 1.8 मिग्रा. प्रति लीटर रह गई है। बता दें कि पानी में बीओडी की मात्रा जितनी कम होगी, पानी उतना ही पाक साफ होगा। शून्य मिलीग्राम प्रति लीटर बीओडी वाला पानी पीने योग्य माना गया है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बदायूं के कचला घाट और हसनपुर से गंगाजल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इसकी रिपोर्ट बोर्ड ने अब सार्वजनिक की है। गंगा की अप स्ट्रीम में बीओडी की मात्रा 7.8 और डाउन स्ट्रीम में 1.8 मिग्रा प्रति लीटर रह गई है।
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ऑक्सीजन डिमांड (डीओ) की मात्रा कम से कम दो मिग्रा./लीटर होनी चाहिए। अप स्ट्रीम में डीओ की मात्रा दो से कहीं अधिक 9.6 मिग्रा है। डाउन स्ट्रीम में ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा अप-स्ट्रीम से भी अधिक पहुंच गई है। मतलब डाउन स्ट्रीम में अप स्ट्रीम से भी साफ पानी बह रहा है। हालांकि डाउन स्ट्रीम के मुकाबले अप स्ट्रीम का पानी अभी भी दूषित है। ये पानी नहाने लायक भी नहीं है।
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जागरुकता का है असर
गंगा का प्रदूषण कम होने का कारण लोगों का जागरूक होना बताया जा रहा है। स्याना क्षेत्र के गई गांवों में गंगा में अस्थियां विसर्जित नहीं की जाती हैं। गंगा किनारे बसे 30 गांवों में करीब 12 हजार शौचालय बनाए जा रहे हैं।
कुछ शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं। कुछों का निर्माण होना बाकी है। पंचायत राज विभाग इन गांवों में जागरुकता अभियान भी चला रहा है। इसी का यह असर माना जा रहा है कि गंगा की डाउन स्ट्रीम का पानी नहाने योग्य हो गया है।
नरौरा के रहने वाले लोग गंगा का दूषित कर रहे हैं। कस्बे का पानी बिना ट्रीट किए गंगा में छोड़ा जा रहा है। अनूपशहर का पानी एसटीपी से ट्रीट कर गंगा में डाला जाता है। अनूपशहर शुगर मिल, स्याना की गोपालजी डेयरी का पानी भी गंगा में गिरने से रोक दिया गया है। नरौरा परमाणु केंद्र का गंगा पानी भी एसटीपी द्वारा ट्रीट कर गंगा में छोड़ा जाता है। - गोविंद शंकर श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
गंगा किनारे वाले गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इन गांवों को शत प्रतिशत शौचालय से संतृप्त किए जा रहा है। लोग भी जागरुक हुए हैं। यही कारण है गंगा लगातार साफ हो रही है। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम