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ऊंचागांव के नगला मदारीपुर गांव में 80 से अधिक बीमार
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ऊंचागांव स्थित अस्पताल में इलाज के लिए लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : BULANDSHAHR
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ऊंचागांव के नगला मदारीपुर गांव में 80 से अधिक बीमार
ऊंचागांव। गांव नगला मदारीपुर में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में 80 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। वायरल का प्रकोप बढ़ने के बावजूद गांव में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया और न ही कोई शिविर लगाया गया। वहीं, सरकारी चिकित्सालय पर दवाओं का टोटा चल रहा है। बुधवार को सीएचसी में 212 मरीजों की ओपीडी हुई, जिसमें गांव नगला मदारीपुर के ही करीब 60 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
मौसम बदलने के बाद गांव में साफ-सफाई न होने और एंटी लार्वा का छिड़काव न होने से जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे गांव के निवासियों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की कमी के चलते उपचार कराने के लिए इंतजार करना पड़ जाता है, जबकि सीएचसी से क्षेत्र के 55 गांव जुड़े हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य अफसरों द्वारा अनदेखी की जा रही है और वर्षों से खाली चल रहे पद पर नियुक्ति नहीं दी गई है। साथ ही दवाएं भी लोगों को मजबूरन बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है।
सीएचसी पर सिर्फ हैं दो डॉक्टर
सीएचसी पर वर्तमान में दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है, जबकि चार चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, दो पैरामेडिकल, दो लैब टेक्नीशियन, दो स्टाफ नर्स और एक स्वीपर का पद काफी समय से रिक्त चल रहा है।
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गांव में ही चल रहा उपचार
परिवार के छह सदस्यों में से चार को बुखार है, जिनका उपचार गांव में ही चल रहा है। बुधवार को सीएचसी पर चिकित्सक को दिखाया।
- महेंद्र सिंह, निवासी नगला मदारीपुर
मच्छरों का बढ़ा है प्रकोप
सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी के चलते घंटो इंतजार करने के बाद नंबर आता है। गांव में कीटनाशक का छिड़काव के बाद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं।
- विनोद कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
नालियों की नहीं होती सफाई
गांव में तैनात सफाई कर्मी नालियों की सफाई नहीं करता है। नियमित सफाई न होने से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।
- मनीष कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
सीएचसी पर नहीं मिलती दवा
गांव में घर-घर लोग बीमार हैं और घर पर ही उपचार करा रहे हैं। सीएचसी पर दिखाने पर दवा बाहर मेडिकल से लेना पड़ता है।
- मुकेश कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
गांव में 15 दिन से बढ़ रहे मरीज
गांव में पिछले 15 दिनों से बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीएचसी पर मरीजों को दवा लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
- देवकरन सिंह, ग्राम प्रधान
गांव में दोबारा लगवाया जाएगा शिविर
आशा व ग्राम प्रधान को आदेशित किया गया है कि आपसी समन्वय बनाकर एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जाए। एक सप्ताह पूर्व शिविर लगाकर जांच की जा चुकी है। दोबारा शिविर लगवाकर लोगों का उपचार करवाया जाएगा।
- डॉ. पीयूष त्रिपाठी, सीएचसी प्रभारी ऊंचागांव
दवा की कराई जाएगी व्यवस्था
स्टाफ की कमी सभी सरकारी चिकित्सालयों पर बनी हुई है। मौजूदा स्टाफ से हर संभव उपचार कराया जा रहा है। सीएचसी पर यदि दवा नहीं है तो इसकी जानकारी ली जाएगी और दवाओं की व्यवस्था करवाई जाएगी।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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ऊंचागांव। गांव नगला मदारीपुर में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में 80 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। वायरल का प्रकोप बढ़ने के बावजूद गांव में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया और न ही कोई शिविर लगाया गया। वहीं, सरकारी चिकित्सालय पर दवाओं का टोटा चल रहा है। बुधवार को सीएचसी में 212 मरीजों की ओपीडी हुई, जिसमें गांव नगला मदारीपुर के ही करीब 60 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
मौसम बदलने के बाद गांव में साफ-सफाई न होने और एंटी लार्वा का छिड़काव न होने से जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे गांव के निवासियों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की कमी के चलते उपचार कराने के लिए इंतजार करना पड़ जाता है, जबकि सीएचसी से क्षेत्र के 55 गांव जुड़े हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य अफसरों द्वारा अनदेखी की जा रही है और वर्षों से खाली चल रहे पद पर नियुक्ति नहीं दी गई है। साथ ही दवाएं भी लोगों को मजबूरन बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है।
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सीएचसी पर सिर्फ हैं दो डॉक्टर
सीएचसी पर वर्तमान में दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है, जबकि चार चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, दो पैरामेडिकल, दो लैब टेक्नीशियन, दो स्टाफ नर्स और एक स्वीपर का पद काफी समय से रिक्त चल रहा है।
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गांव में ही चल रहा उपचार
परिवार के छह सदस्यों में से चार को बुखार है, जिनका उपचार गांव में ही चल रहा है। बुधवार को सीएचसी पर चिकित्सक को दिखाया।
- महेंद्र सिंह, निवासी नगला मदारीपुर
मच्छरों का बढ़ा है प्रकोप
सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी के चलते घंटो इंतजार करने के बाद नंबर आता है। गांव में कीटनाशक का छिड़काव के बाद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं।
- विनोद कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
नालियों की नहीं होती सफाई
गांव में तैनात सफाई कर्मी नालियों की सफाई नहीं करता है। नियमित सफाई न होने से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।
- मनीष कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
सीएचसी पर नहीं मिलती दवा
गांव में घर-घर लोग बीमार हैं और घर पर ही उपचार करा रहे हैं। सीएचसी पर दिखाने पर दवा बाहर मेडिकल से लेना पड़ता है।
- मुकेश कुमार, निवासी नगला मदारीपुर
गांव में 15 दिन से बढ़ रहे मरीज
गांव में पिछले 15 दिनों से बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीएचसी पर मरीजों को दवा लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
- देवकरन सिंह, ग्राम प्रधान
गांव में दोबारा लगवाया जाएगा शिविर
आशा व ग्राम प्रधान को आदेशित किया गया है कि आपसी समन्वय बनाकर एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जाए। एक सप्ताह पूर्व शिविर लगाकर जांच की जा चुकी है। दोबारा शिविर लगवाकर लोगों का उपचार करवाया जाएगा।
- डॉ. पीयूष त्रिपाठी, सीएचसी प्रभारी ऊंचागांव
दवा की कराई जाएगी व्यवस्था
स्टाफ की कमी सभी सरकारी चिकित्सालयों पर बनी हुई है। मौजूदा स्टाफ से हर संभव उपचार कराया जा रहा है। सीएचसी पर यदि दवा नहीं है तो इसकी जानकारी ली जाएगी और दवाओं की व्यवस्था करवाई जाएगी।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ