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जर्जर दीवार और छत पर लदा था 500 क्विंटल का वजन
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जर्जर दीवार और छत पर लदा था 500 क्विंटल का वजन
खुर्जा। महाशक्ति पॉटरी इंसुलेटर फैक्टरी की दीवार और छत पूरी तरह जर्जर पड़ी हुई थी। इसमें लगभग 500 कुंतल का वजन लदा था। फैक्टरी के अंदर अंधेरा होने और रास्ता नहीं मिलने के कारण एनडीआरएफ की टीम को राहत कार्य शुरू करने में दो घंटे का वक्त लग गया। टीम दोपहर 12:15 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई थी, करीब सवा दो बजे राहत कार्य शुरू हो सका।
फैक्टरी शुरुआत में केवल एक मंजिला इमारत पर चल रही थी। धीरे-धीरे फैक्टरी में दो मंजिल और बना ली गई। इसमें मानक का ख्याल नहीं रखा गया। दीवार कच्ची बनाई गई और गर्डर में पटिया रखकर छत बना दी गई। दीवार खराब होने के कारण एनडीआरएफ की टीम को सही रेस्क्यू के लिए उचित जगह नहीं मिल सकी। फैक्टरी के अंदर अंधेरा था। अंदर जाने के लिए रास्ता भी नहीं था। छत की ओर से जाने पर फैक्टरी गिरने का डर था। ऐसे में लगभग दो घंटे तक मशक्कत चलती रही। अंत में पीछे की ओर से दूसरी फैक्टरी की दीवार तोड़कर एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य शुरू कर सकी।
ओवरलोड होने पर गर्डर और पटिया टूटकर
फैक्टरी में भूतल की छत गर्डर और पटिया की बनी हुई थी। इसके ऊपर दो मंजिला गोदाम था। उसमें 30-40 किलो के इंसुलेटर के कट्टे, मशीन और अन्य उपकरण रखे थे। लगभग 500 कुंतल का वजन छत पर था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड होने के कारण गर्डर और पटिया टूटकर गिर गए, जिससे हादसा हुआ है।
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जर्जर थी फैक्टरी की दीवार
फैक्टरी की दीवार बहुत खराब सामग्री से बनाई गई थी। जब एनडीआरएफ की टीम ने जैसे ही ड्रिल मशीन चलाई, पूरी छत हिलने लगी थी।
30 मिनट में खाली कर दी दूसरी फैक्टरी
रेस्क्यू के लिए घटनास्थल के पीछे जय टेराकोटा फैक्टरी को 30 मिनट में खाली करा दिया गया। इस टेराकोटा फैक्टरी से चाय के कुल्हड़ और बर्तन बनते हैं।
प्रत्याशियों में घटनास्थल पर पहुंचने की रही होड़
घटनास्थल पर पूरे दिन जनप्रतिनिधियों और प्रत्याशियों का तांता लगा रहा। मजदूरों के बीच पहुंचकर उनकी मांग शासन और प्रशासन में करने का आश्वासन दिया गया। सबसे पहले सुबह करीब दस बजे बसपा प्रत्याशी पहुंचे। करीब 11 बजे भाजपा प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचीं। दोपहर बाद करीब तीन बजे से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राहुल यादव सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ फैक्टरी पहुंचे।
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खुर्जा। महाशक्ति पॉटरी इंसुलेटर फैक्टरी की दीवार और छत पूरी तरह जर्जर पड़ी हुई थी। इसमें लगभग 500 कुंतल का वजन लदा था। फैक्टरी के अंदर अंधेरा होने और रास्ता नहीं मिलने के कारण एनडीआरएफ की टीम को राहत कार्य शुरू करने में दो घंटे का वक्त लग गया। टीम दोपहर 12:15 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई थी, करीब सवा दो बजे राहत कार्य शुरू हो सका।
फैक्टरी शुरुआत में केवल एक मंजिला इमारत पर चल रही थी। धीरे-धीरे फैक्टरी में दो मंजिल और बना ली गई। इसमें मानक का ख्याल नहीं रखा गया। दीवार कच्ची बनाई गई और गर्डर में पटिया रखकर छत बना दी गई। दीवार खराब होने के कारण एनडीआरएफ की टीम को सही रेस्क्यू के लिए उचित जगह नहीं मिल सकी। फैक्टरी के अंदर अंधेरा था। अंदर जाने के लिए रास्ता भी नहीं था। छत की ओर से जाने पर फैक्टरी गिरने का डर था। ऐसे में लगभग दो घंटे तक मशक्कत चलती रही। अंत में पीछे की ओर से दूसरी फैक्टरी की दीवार तोड़कर एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य शुरू कर सकी।
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ओवरलोड होने पर गर्डर और पटिया टूटकर
फैक्टरी में भूतल की छत गर्डर और पटिया की बनी हुई थी। इसके ऊपर दो मंजिला गोदाम था। उसमें 30-40 किलो के इंसुलेटर के कट्टे, मशीन और अन्य उपकरण रखे थे। लगभग 500 कुंतल का वजन छत पर था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड होने के कारण गर्डर और पटिया टूटकर गिर गए, जिससे हादसा हुआ है।
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जर्जर थी फैक्टरी की दीवार
फैक्टरी की दीवार बहुत खराब सामग्री से बनाई गई थी। जब एनडीआरएफ की टीम ने जैसे ही ड्रिल मशीन चलाई, पूरी छत हिलने लगी थी।
30 मिनट में खाली कर दी दूसरी फैक्टरी
रेस्क्यू के लिए घटनास्थल के पीछे जय टेराकोटा फैक्टरी को 30 मिनट में खाली करा दिया गया। इस टेराकोटा फैक्टरी से चाय के कुल्हड़ और बर्तन बनते हैं।
प्रत्याशियों में घटनास्थल पर पहुंचने की रही होड़
घटनास्थल पर पूरे दिन जनप्रतिनिधियों और प्रत्याशियों का तांता लगा रहा। मजदूरों के बीच पहुंचकर उनकी मांग शासन और प्रशासन में करने का आश्वासन दिया गया। सबसे पहले सुबह करीब दस बजे बसपा प्रत्याशी पहुंचे। करीब 11 बजे भाजपा प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचीं। दोपहर बाद करीब तीन बजे से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राहुल यादव सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ फैक्टरी पहुंचे।