फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Empty canals, irrigation crisis deepens

नहरें खाली, गहराया सिंचाई का संकट

Tue, 10 May 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Tue, 10 May 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
Empty canals, irrigation crisis deepens
Irrigation - फोटो : अमर उजाला

मौसम की बेरुखी, सूखे का संकट, बिजली संकट और ऊपर से नहरें भी खाली। किसानों पर हर तरफ से फसलों की सिंचाई का संकट गहरा गया है। नहरों में पानी न आने से फसलें सूखने का डर है। जबकि भूजल स्तर गिर जाने से भी नलकूप जवाब दे चुके हैं।

विज्ञापन


पानी की कमी के कारण टिहरी डेम से यूपी को पानी रोके जाने और सिल्ट सफाई के कारण नहरें सूखी पड़ी हुई हैं। जनपद के बड़े कृषि हिस्से की सिंचाई नहरों से होती है। जनपद का कुल सिंचाई का क्षेत्रफल 300399 हैक्टेयर है।
विज्ञापन


इसमें नलकूप के माध्यम से 267558 हैक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई होती है। इसके अलावा नहरों से 26117 हैक्टेयर कृषि क्षेत्रफल और कुऐं से 6615 हैक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस समय अधिकांश फसलों को पानी की जरूरत है, लेकिन मौसम की बेरुखी और बढ़ते बिजली संकट के बीच नहरों के सूख जाने से किसान पर दोहरी मार पड़ रही है। फसलों के सूखने का खतरा बढ़ गया है।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक है नहरों से सिंचाईः वैसे तो जनपद के अधिकांश हिस्सों में नहरों से सिंचाई की जाती है, लेकिन सबसे अधिक सिकंदराबाद, बुलंदशहर, जहांगीराबाद, खुर्जा, अरनिया, पहासू, डिबाई और अनूपशहर का क्षेत्र है।


सिकंदराबाद में 2470 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2600 हैक्टेयर, खुर्जा में 2442 हैक्टेयर, जहांगीराबाद में 2223 हैक्टेयर, अरनिया में 3462 हैक्टेयर, पहासू में 2784 हैक्टेयर, डिबाई में 4421 और अनूपशहर में 2529 हैक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई नहरों से होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed