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Bulandshahar News: प्रभारी ईओ की अनुपस्थिति में बोर्ड बैठक में ड्रामा, निरस्त
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खुर्जा के जलकल विभाग में आयोजित बोर्ड बैठक में मौजूद सभासद । संवाद
खुर्जा। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में सोमवार को फिर से ड्रामा देखने को मिला। एसडीएम व प्रभारी अधिशासी अधिकारी की गैर मौजूदगी में कर निर्धारण अधिकारी को ईओ बनाते हुए बोर्ड बैठक आयोजित की गई, लेकिन कर निर्धारण अधिकारी ने बोर्ड बैठक में पास किए गए प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक को निरस्त कर दिया। आठ माह में यह चौथी बार है जब नगर पालिका बोर्ड बैठक को निरस्त किया गया है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का तबादला होने के बाद से यह पद खाली है। जिसके चलते एसडीएम को प्रभारी बनाया गया है। सोमवार को जलकल विभाग कार्यालय में बोर्ड बैठक का आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। नगर पालिका अध्यक्ष, अधिकारी व कुछ सभासद मौके पर पहुंच गए। जबकि व्यस्त होने के चलते एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे। जिसके बाद सभासदों ने सर्वसम्मति से कर निर्धारण अधिकारी को प्रभारी ईओ बनाया। 31 सभासदों में से 16 सभासद और नगर पालिका अध्यक्ष मौके पर थीं इसलिए बहुमत दर्शाते हुए बोर्ड बैठक शुरू कराई। इस दौरान करीब आधा घंटे चली बोर्ड बैठक में 95 करोड़ रुपये के 30 प्रस्तावों पर सभासदों ने स्वीकृति दी। बैठक संपन्न होने के बाद जब सदन की कार्रवाई पर हस्ताक्षर करने की बात कही तो प्रभारी ईओ बनाए गए कर निर्धारण अधिकारी ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते नगर पालिका अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक को निरस्त कर दिया।
बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे 14 सभासद
नगर पालिका बोर्ड बैठक में एक साथ 14 सभासद अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सभासदों में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रति नाराजगी है। जिसके चलते कई बार सभासदों ने एकजुट होकर इसका सांकेतिक विरोध भी किया है। सोमवार को बोर्ड बैठक से दूरी बनाए रखना भी इसका हिस्सा माना जा रहा है।
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सभासद के पति ने लगाया जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
वार्ड 15 की सभासद शीला सैनी के पति चंद्र प्रकाश सैनी ने नगर पालिका कर्मचारियों पर जबरन हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बोर्ड बैठक के रजिस्टर पर में मौजूदगी दिखाने के लिए सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी घर पहुंचे और उनकी प्रसूता पत्नी के जबरन हस्ताक्षर करा लाए। बताया कि पिछले सप्ताह ही उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई है, जिसके चलते बोर्ड बैठक में नहीं पहुंच पाईं थीं। प्रकरण में चंद्रप्रकाश सैनी ने एसडीएम से शिकायत की है।
कार्यालय में व्यस्तता के कारण एसडीएम बोर्ड बैठक में नहीं आए थे। इसके बाद कर निर्धारण अधिकारी की मौजूदगी में बोर्ड बैठक हुई, लेकिन उन्होंने स्वीकृत प्रस्तावों पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। इसलिए बैठक निरस्त कर दी गई है। जल्द ही दोबारा बैठक की जाएगी। - अंजना भगवान दास सिंघल, नगर पालिका अध्यक्ष
सोमवार को कार्यालय में व्यस्तता थी, इसलिए नगर पालिका अध्यक्ष से बोर्ड बैठक स्थगित के लिए कहा गया, मगर उन्होंने नहीं की। बोर्ड बैठक किस प्रकार हो गई और कैसे प्रस्ताव पास हो गए, जानकारी नहीं है। - दुर्गेश सिंह, एसडीएम व कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का तबादला होने के बाद से यह पद खाली है। जिसके चलते एसडीएम को प्रभारी बनाया गया है। सोमवार को जलकल विभाग कार्यालय में बोर्ड बैठक का आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। नगर पालिका अध्यक्ष, अधिकारी व कुछ सभासद मौके पर पहुंच गए। जबकि व्यस्त होने के चलते एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे। जिसके बाद सभासदों ने सर्वसम्मति से कर निर्धारण अधिकारी को प्रभारी ईओ बनाया। 31 सभासदों में से 16 सभासद और नगर पालिका अध्यक्ष मौके पर थीं इसलिए बहुमत दर्शाते हुए बोर्ड बैठक शुरू कराई। इस दौरान करीब आधा घंटे चली बोर्ड बैठक में 95 करोड़ रुपये के 30 प्रस्तावों पर सभासदों ने स्वीकृति दी। बैठक संपन्न होने के बाद जब सदन की कार्रवाई पर हस्ताक्षर करने की बात कही तो प्रभारी ईओ बनाए गए कर निर्धारण अधिकारी ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते नगर पालिका अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक को निरस्त कर दिया।
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बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे 14 सभासद
नगर पालिका बोर्ड बैठक में एक साथ 14 सभासद अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सभासदों में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रति नाराजगी है। जिसके चलते कई बार सभासदों ने एकजुट होकर इसका सांकेतिक विरोध भी किया है। सोमवार को बोर्ड बैठक से दूरी बनाए रखना भी इसका हिस्सा माना जा रहा है।
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सभासद के पति ने लगाया जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
वार्ड 15 की सभासद शीला सैनी के पति चंद्र प्रकाश सैनी ने नगर पालिका कर्मचारियों पर जबरन हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बोर्ड बैठक के रजिस्टर पर में मौजूदगी दिखाने के लिए सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी घर पहुंचे और उनकी प्रसूता पत्नी के जबरन हस्ताक्षर करा लाए। बताया कि पिछले सप्ताह ही उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई है, जिसके चलते बोर्ड बैठक में नहीं पहुंच पाईं थीं। प्रकरण में चंद्रप्रकाश सैनी ने एसडीएम से शिकायत की है।
कार्यालय में व्यस्तता के कारण एसडीएम बोर्ड बैठक में नहीं आए थे। इसके बाद कर निर्धारण अधिकारी की मौजूदगी में बोर्ड बैठक हुई, लेकिन उन्होंने स्वीकृत प्रस्तावों पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया। इसलिए बैठक निरस्त कर दी गई है। जल्द ही दोबारा बैठक की जाएगी। - अंजना भगवान दास सिंघल, नगर पालिका अध्यक्ष
सोमवार को कार्यालय में व्यस्तता थी, इसलिए नगर पालिका अध्यक्ष से बोर्ड बैठक स्थगित के लिए कहा गया, मगर उन्होंने नहीं की। बोर्ड बैठक किस प्रकार हो गई और कैसे प्रस्ताव पास हो गए, जानकारी नहीं है। - दुर्गेश सिंह, एसडीएम व कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका