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दूसरे दिन भी दो घंटे हड़ताल पर रहे डॉक्टर, बिना इलाज लौटे मरीज
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जिला अस्पताल में धरना दे रहे चिकित्सक और कर्मचारी।
- फोटो : BULANDSHAHR
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दूसरे दिन भी दो घंटे हड़ताल पर रहे डॉक्टर, बिना इलाज लौटे मरीज
बुलंदशहर। पुलिसकर्मी और भाकियू नेता पर कार्रवाई न होने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला अस्पताल की ओपीडी गेट पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सकों ने दो घंटे कार्य से विरत रहकर विरोध जताया। दो घंटे ओपीडी बंद रहने से मरीजों को दिक्कत हुई। काफी मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल समेत जिले के समस्त सरकारी चिकित्सालय में ओपीडी सेवा सुबह आठ बजे से 10 बजे तक ठप रही। धरना दे रहे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों को समझाने के लिए एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार और एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। फिलहाल प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार को 943 मरीजों ने ओपीडी के लिए पंजीकरण कराया।
जिलेभर के सरकारी चिकित्सालयों में हुआ विरोध
जिला अस्पताल में 22 जुलाई को अल्ट्रासाउंड कराने आए कोतवाली नगर में तैनात आरक्षी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने और 19 अगस्त को मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ से एक किसान नेता द्वारा शराब पीकर अभद्रता और मारपीट और सरकारी दस्तावेज फाड़े जाने के बाद कार्रवाई न होने के विरोध में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद, राजकीय महिला चिकित्सालय खुर्जा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनी, दानपुर, अगौता, गुलावठी, स्याना समेत अन्य सीएचसी-पीएचसी पर विरोध जताया गया। कुछ स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक धरने में शामिल नहीं हुए। उन्होंने सेवा करना उचित समझा।
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बोले मरीज
स्वास्थ्य सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में रखा गया है। लेकिन जिले में चिकित्सकों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य अफसर कभी भी कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठ जाते हैं। - रजनीश चौधरी
स्वास्थ्यकर्मी कभी भी हड़ताल या कार्य बहिष्कार कर देते हैं। इससे उपचार कराने के लिए आने वाले सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- अरुण सक्सेना
एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने आश्वासन दिया है। कार्रवाई न होने पर कार्य का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। - डॉ. आशीष प्रकाश, अध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। ओपीडी सेवा बंद रहने के दौरान इमरजेंसी सेवा को चालू रखा गया है।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
होगी कार्रवाई
जिला अस्पताल में धरनारत स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सकों को आश्वासन दिया है। धरना समाप्त कर कार्य पर वापस लौटने के निर्देश दिए हैं। अगर शुक्रवार को स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक कार्य से विरत रहकर धरना देते हैं तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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बुलंदशहर। पुलिसकर्मी और भाकियू नेता पर कार्रवाई न होने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला अस्पताल की ओपीडी गेट पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सकों ने दो घंटे कार्य से विरत रहकर विरोध जताया। दो घंटे ओपीडी बंद रहने से मरीजों को दिक्कत हुई। काफी मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल समेत जिले के समस्त सरकारी चिकित्सालय में ओपीडी सेवा सुबह आठ बजे से 10 बजे तक ठप रही। धरना दे रहे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों को समझाने के लिए एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार और एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। फिलहाल प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार को 943 मरीजों ने ओपीडी के लिए पंजीकरण कराया।
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जिलेभर के सरकारी चिकित्सालयों में हुआ विरोध
जिला अस्पताल में 22 जुलाई को अल्ट्रासाउंड कराने आए कोतवाली नगर में तैनात आरक्षी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने और 19 अगस्त को मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ से एक किसान नेता द्वारा शराब पीकर अभद्रता और मारपीट और सरकारी दस्तावेज फाड़े जाने के बाद कार्रवाई न होने के विरोध में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद, राजकीय महिला चिकित्सालय खुर्जा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनी, दानपुर, अगौता, गुलावठी, स्याना समेत अन्य सीएचसी-पीएचसी पर विरोध जताया गया। कुछ स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक धरने में शामिल नहीं हुए। उन्होंने सेवा करना उचित समझा।
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बोले मरीज
स्वास्थ्य सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में रखा गया है। लेकिन जिले में चिकित्सकों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य अफसर कभी भी कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठ जाते हैं। - रजनीश चौधरी
स्वास्थ्यकर्मी कभी भी हड़ताल या कार्य बहिष्कार कर देते हैं। इससे उपचार कराने के लिए आने वाले सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- अरुण सक्सेना
एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने आश्वासन दिया है। कार्रवाई न होने पर कार्य का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। - डॉ. आशीष प्रकाश, अध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। ओपीडी सेवा बंद रहने के दौरान इमरजेंसी सेवा को चालू रखा गया है।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
होगी कार्रवाई
जिला अस्पताल में धरनारत स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सकों को आश्वासन दिया है। धरना समाप्त कर कार्य पर वापस लौटने के निर्देश दिए हैं। अगर शुक्रवार को स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक कार्य से विरत रहकर धरना देते हैं तो शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन