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Bulandshahar News: डॉक्टर साहब सहपाठी ने काट लिया, एआरवी लगा दो
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बुलंदशहर। कुत्ता-बंदर व अन्य जंगली जानवरों के बाद अब इंसान के काटने के बाद लोग रैबीज फैलने को लेकर डरने लगे हैं। ऐसा ही मामला जिला चिकित्सालय में देखने को मिला। इस अजीबो-गरीब मामले को लेकर चिकित्सालय में चर्चाएं होती रही।
जिला चिकित्सालय में बुधवार को पहुंचे युवक ने बताया कि उसे उसके सहपाठी ने काट लिया है। उसने अनुरोध किया कि एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा दीजिए, लेकिन चिकित्सक ने एआरवी लगाने से इनकार कर दिया। नगर के राधानगर निवासी 31 वर्षीय हितेश कुमार ने बताया कि काॅलोनी में सहपाठी के साथ खड़ा था। अचानक उसने हमला कर उल्टे हाथ की हथेली पर काट लिया। युवक के काटने से कहीं रैबीज न हो जाएं, इसलिए जिला चिकित्सालय आकर एआरवी लगवाने की मांग की। लेकिन चिकित्सकों ने युवक के काटने पर एआरवी न लगाने की बात कही। इसके बाद घर आ गया। काटने वाले स्थान पर दवा लगाई है। जिससे जख्म सूख जाएं।
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इंसानों के काटने से नहीं फैलता रैबीज
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि रैबीज कुत्ता, बंदर, बिल्ली व अन्य जंगली जानवरों के काटने से फैलता है। साथ ही रैबीज से संक्रमित युवक के संपर्क में आने पर संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। यदि कोई सामान्य इंसान किसी को काट ले तो सामने वाले इंसान को रैबीज होने का खतरा नहीं रहता है। यदि काटने वाला व्यक्ति रैबीज से संक्रमित है या संक्रमित जानवर के संपर्क में आया है तो एहतियात जख्मी युवक को एआरवी लगवा दी जाती है।
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जिला चिकित्सालय में बुधवार को पहुंचे युवक ने बताया कि उसे उसके सहपाठी ने काट लिया है। उसने अनुरोध किया कि एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा दीजिए, लेकिन चिकित्सक ने एआरवी लगाने से इनकार कर दिया। नगर के राधानगर निवासी 31 वर्षीय हितेश कुमार ने बताया कि काॅलोनी में सहपाठी के साथ खड़ा था। अचानक उसने हमला कर उल्टे हाथ की हथेली पर काट लिया। युवक के काटने से कहीं रैबीज न हो जाएं, इसलिए जिला चिकित्सालय आकर एआरवी लगवाने की मांग की। लेकिन चिकित्सकों ने युवक के काटने पर एआरवी न लगाने की बात कही। इसके बाद घर आ गया। काटने वाले स्थान पर दवा लगाई है। जिससे जख्म सूख जाएं।
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इंसानों के काटने से नहीं फैलता रैबीज
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि रैबीज कुत्ता, बंदर, बिल्ली व अन्य जंगली जानवरों के काटने से फैलता है। साथ ही रैबीज से संक्रमित युवक के संपर्क में आने पर संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। यदि कोई सामान्य इंसान किसी को काट ले तो सामने वाले इंसान को रैबीज होने का खतरा नहीं रहता है। यदि काटने वाला व्यक्ति रैबीज से संक्रमित है या संक्रमित जानवर के संपर्क में आया है तो एहतियात जख्मी युवक को एआरवी लगवा दी जाती है।
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