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विकास कार्यों में जिले को मिली प्रदेश में 16वीं रैंक
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विकास कार्यों में जिले को मिली प्रदेश में 16वीं रैंक
बुलंदशहर। शासन स्तर से जिले में कराए जा रहे विकास कार्यों की रैंक जारी कर दी गई है। जुलाई माह में जिले को प्रदेश में 16वीं रैंक प्राप्त हुई। जबकि जून माह में जिले को प्रदेश में 18वीं रैंक मिली थी। इस तरह से अब जिले दो पायदान रैंक बढ़ गई है। फिसड्डी रहने वाले विभागों की सीडीओ द्वारा समीक्षा की जा रही है। लापरवाह विभागों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
शासन की ओर से जिले की रैंक जारी करने से पहले जिले के सरकारी विभागों की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यों का आकलन किया जाता है। उसके बाद प्रत्येक विभाग की ओर से होने वाले कार्यों के लिए अंक दिए जाते हैं। अलग-अलग विकास कार्यों के लिए अंक निर्धारित हैं। इस बार रैंक जारी करने के लिए जिले में संचालित 52 लागू कार्यक्रमों को शामिल किया गया। सभी कार्यों का आकलन के बाद 260 अंक दिए गए। इसके आधार पर ही जिले को 16वीं रैंक मिली है। इन सभी कार्यक्रमों से संबंधित ग्राम विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, वैकल्पिक ऊर्जा, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, एनआरएलएम और मनरेगा आदि विभाग शामिल हैं।
शासन की ओर से जारी की गई इस रैंक में जिला मेरठ मंडल में पहले स्थान पर है। जबकि जून माह की रैंक में बुलंदशहर जिला दूसरे नंबर पर था और गाजियाबाद पहले नंबर पर था। इस बार गाजियाबाद को 22वीं रैंक मिली है। हापुड़ को 31वीं, बागपत को 47वीं, मेरठ को 58वीं, गौतमबुद्धनगर को 63वीं रैंक मिली है।
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शासन स्तर से जुलाई माह में होने वाले विकास कार्यों की रैंक जारी की गई है। इसमें जिले को 16वीं रैंक मिली है। इस रैंक में जिला मेरठ मंडल में प्रथम स्थान पर है। विभागों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। कार्यों में लापरवाही बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। - अभिषेक पांडे, मुख्य विकास अधिकारी
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बुलंदशहर। शासन स्तर से जिले में कराए जा रहे विकास कार्यों की रैंक जारी कर दी गई है। जुलाई माह में जिले को प्रदेश में 16वीं रैंक प्राप्त हुई। जबकि जून माह में जिले को प्रदेश में 18वीं रैंक मिली थी। इस तरह से अब जिले दो पायदान रैंक बढ़ गई है। फिसड्डी रहने वाले विभागों की सीडीओ द्वारा समीक्षा की जा रही है। लापरवाह विभागों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
शासन की ओर से जिले की रैंक जारी करने से पहले जिले के सरकारी विभागों की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यों का आकलन किया जाता है। उसके बाद प्रत्येक विभाग की ओर से होने वाले कार्यों के लिए अंक दिए जाते हैं। अलग-अलग विकास कार्यों के लिए अंक निर्धारित हैं। इस बार रैंक जारी करने के लिए जिले में संचालित 52 लागू कार्यक्रमों को शामिल किया गया। सभी कार्यों का आकलन के बाद 260 अंक दिए गए। इसके आधार पर ही जिले को 16वीं रैंक मिली है। इन सभी कार्यक्रमों से संबंधित ग्राम विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, वैकल्पिक ऊर्जा, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, एनआरएलएम और मनरेगा आदि विभाग शामिल हैं।
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शासन की ओर से जारी की गई इस रैंक में जिला मेरठ मंडल में पहले स्थान पर है। जबकि जून माह की रैंक में बुलंदशहर जिला दूसरे नंबर पर था और गाजियाबाद पहले नंबर पर था। इस बार गाजियाबाद को 22वीं रैंक मिली है। हापुड़ को 31वीं, बागपत को 47वीं, मेरठ को 58वीं, गौतमबुद्धनगर को 63वीं रैंक मिली है।
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शासन स्तर से जुलाई माह में होने वाले विकास कार्यों की रैंक जारी की गई है। इसमें जिले को 16वीं रैंक मिली है। इस रैंक में जिला मेरठ मंडल में प्रथम स्थान पर है। विभागों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। कार्यों में लापरवाही बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। - अभिषेक पांडे, मुख्य विकास अधिकारी