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Bulandshahar News: कल से फैक्टरियों में नहीं चलेंगे डीजल जेनरेटर, उत्पादन होगा प्रभावित
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संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसाइटी। संवाद
बुलंदशहर। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर कल से डीजल जेनरेटर का संचालन बंद हो जाएगा। ऐसे में सिकंदराबाद की 500 से अधिक विभिन्न फैक्टरियों में पीएनजी कनेक्शन न होने और डीजल जेनरेटर का संचालन बंद होने से उद्योग-धंधों पर विपरीत असर पड़ेगा। उद्यमियों का कहना है कि उन्होंने आयोग से पीएनजी कनेक्शन मिलने तक कुछ समय के लिए जेनरेटर संचालन के लिए अनुमति की मांग थी, लेकिन समय नहीं दिया गया है, इससे अब उत्पादन प्रभावित होगा।
सर्दियों के मौसम की शुरुआत में धुंध और विभिन्न क्षेत्रों में पराली जलाने के कारण वायु की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों में एक अक्तूबर से डीजल जेनरेटर के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उद्यमियों को निर्देशित किया था कि डीजल के बजाय पीएनजी से जेनरेटर का संचालन किया जाए। आयोग के निर्देश के आधार पर ही सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी पाइप लाइन भी बिछाई गई थी। उद्यमियों का कहना है कि पीएनजी कनेक्शन के लिए तीन माह से अधिक समय की वेटिंग चल रही है, इसके चलते उद्यमियों को अभी तक कनेक्शन भी जारी नहीं हो सके हैं। इसके चलते उद्यमियों ने आयोग को पत्र लिखते हुए मांग की थी कि पीएनजी कनेक्शन होने तक प्रतिदिन कुछ समय के लिए डीजल जेनरेटर संचालन की अनुमति दी जाए, ताकि किसी भी स्थिति में उत्पादन प्रभावित न हो और उद्यमियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्यमियों के पत्र के बाद भी आयोग ने उद्यमियों को डीजल जेनरेटर संचालन के लिए छूट नहीं दी है, इसके चलते अब फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होगा।
बोले उद्यमी
औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की लाइन तो डाली गई है, लेकिन कनेक्शन के लिए तीन से चार माह की वेटिंग चल रही है यदि उद्यमियों को नियम में छूट नहीं दी गई तो फैक्टरियां बंद हो जाएंगी, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसाइटी
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सभी औद्योगिक संगठनों ने समय सीमा को बढ़ाने अन्यथा नियमों में छूट देने की मांग की थी। आयोग की ओर से छूट नहीं दिए जाने पर औद्योगिक इकाइयों पर बंदी का खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर उद्यमियों में चिंता है। - नितिन जैन, डिविजनल सेक्रेटरी, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
नियमों में छूट नहीं दिए जाने से छोटी फैक्टरियां बंद हो जाएंगी, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती काफी अधिक होती है। फैक्टरियां बंद होने से लोग बेरोजगार हो जाएंगे तो वहीं बड़ी फैक्टरी में भी उत्पादन की चेन टूटने पर उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। - अरुण लाट, वाइस प्रेसिडेंट, कजरिया टाइल्स एवं अध्यक्ष, सिकंदराबाद उद्योग संघ
सरकार को डीजल जनरेटर संचालन पर प्रतिबंध लगाने से पूर्व वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी चाहिए थी। जब तक किसी वैकल्पिक ईंधन की सुलभ रूप से व्यवस्था न हो जाए नियमों में छूट मिलनी चाहिए। वहीं नियमों में छूट मिलने की चर्चा को लेकर भी उद्यमी भ्रम में हैं, क्योंकि उन्हें इस संबंध में अभी कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। - अमित कौशल, जीएम, श्री सीमेंट
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने डीजल जेनरेटर के संचालन पर रोक लगाई है। उद्यमियों की समस्या को देखते हुए बिजली कटौती कम से कम करने के निर्देश बिजली अधिकारियों को दिए हैं। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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सर्दियों के मौसम की शुरुआत में धुंध और विभिन्न क्षेत्रों में पराली जलाने के कारण वायु की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों में एक अक्तूबर से डीजल जेनरेटर के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उद्यमियों को निर्देशित किया था कि डीजल के बजाय पीएनजी से जेनरेटर का संचालन किया जाए। आयोग के निर्देश के आधार पर ही सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी पाइप लाइन भी बिछाई गई थी। उद्यमियों का कहना है कि पीएनजी कनेक्शन के लिए तीन माह से अधिक समय की वेटिंग चल रही है, इसके चलते उद्यमियों को अभी तक कनेक्शन भी जारी नहीं हो सके हैं। इसके चलते उद्यमियों ने आयोग को पत्र लिखते हुए मांग की थी कि पीएनजी कनेक्शन होने तक प्रतिदिन कुछ समय के लिए डीजल जेनरेटर संचालन की अनुमति दी जाए, ताकि किसी भी स्थिति में उत्पादन प्रभावित न हो और उद्यमियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्यमियों के पत्र के बाद भी आयोग ने उद्यमियों को डीजल जेनरेटर संचालन के लिए छूट नहीं दी है, इसके चलते अब फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होगा।
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बोले उद्यमी
औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की लाइन तो डाली गई है, लेकिन कनेक्शन के लिए तीन से चार माह की वेटिंग चल रही है यदि उद्यमियों को नियम में छूट नहीं दी गई तो फैक्टरियां बंद हो जाएंगी, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसाइटी
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सभी औद्योगिक संगठनों ने समय सीमा को बढ़ाने अन्यथा नियमों में छूट देने की मांग की थी। आयोग की ओर से छूट नहीं दिए जाने पर औद्योगिक इकाइयों पर बंदी का खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर उद्यमियों में चिंता है। - नितिन जैन, डिविजनल सेक्रेटरी, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
नियमों में छूट नहीं दिए जाने से छोटी फैक्टरियां बंद हो जाएंगी, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती काफी अधिक होती है। फैक्टरियां बंद होने से लोग बेरोजगार हो जाएंगे तो वहीं बड़ी फैक्टरी में भी उत्पादन की चेन टूटने पर उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। - अरुण लाट, वाइस प्रेसिडेंट, कजरिया टाइल्स एवं अध्यक्ष, सिकंदराबाद उद्योग संघ
सरकार को डीजल जनरेटर संचालन पर प्रतिबंध लगाने से पूर्व वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी चाहिए थी। जब तक किसी वैकल्पिक ईंधन की सुलभ रूप से व्यवस्था न हो जाए नियमों में छूट मिलनी चाहिए। वहीं नियमों में छूट मिलने की चर्चा को लेकर भी उद्यमी भ्रम में हैं, क्योंकि उन्हें इस संबंध में अभी कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। - अमित कौशल, जीएम, श्री सीमेंट
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने डीजल जेनरेटर के संचालन पर रोक लगाई है। उद्यमियों की समस्या को देखते हुए बिजली कटौती कम से कम करने के निर्देश बिजली अधिकारियों को दिए हैं। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन