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एसएसपी ने किया सरेंडर, डीआईजी ने संभाली कमान

Sun, 31 Jul 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Sun, 31 Jul 2016 11:50 PM IST
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Surrender by SP, DIG took over command
गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला

मामले को दबाने में अपनी एनर्जी वेस्ट करने वाले पुलिस कप्तान मीडिया को जानकारी देने से बचते रहे। इसके चलते उनके अधीनस्थों ने भी मीडिया से दूरी बना ली है। रोजाना लूट-चोरी के मामलों की प्रेसवार्ता कर समाचार पत्रों में छपने वाले एसएसपी वैभव कृष्ण ने सरेंडर कर दिया। मीडिया और उच्चाधिकारियों को ब्रीफ करने की जिम्मेदारी डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने संभाल ली।

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शनिवार को घटना के बाद पुलिस ने गुपचुप तरीके से पीड़ित का मेडिकल कराकर उन्हें  शाहजहांपुर भेज दिया। मीडिया को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया। मीडिया को घटनास्थल के बारे में भी पुलिस दिनभर गुमराह करती रही। यही नहीं पुलिस ने घटना के समय की सही जानकारी नहीं दी। पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों में भी विरोधाभास दिखा। बता दें कि एसएसपी छोटे-छोटे मामलों की प्रेस वार्ता कर वाहवाही लूटते रहे  हैं। 
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सीओ सिटी पर बैठी जांच शासन ने तबादला भी किया
बुलंदशहर (ब्यूरो)। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने सीओ सिटी हिमांशु गौरव के खिलाफ जांच बैठा दी है। मामले की जांच एसपी क्राइम गाजियाबाद श्रवण कुमार को सौंपी है। उधर, शासन ने हिमांशु गौरव का मेरठ ट्रांसफर कर दिया।
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हालांकि उन्हें शाम को  सस्पेंड कर दिया है। साथ ही नाइट ड्यूटी पर रहे दरोगा को भी शनिवार देर रात एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी ने देहात कोतवाल रामसेन सिंह, भूड़ चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार, नाइट ड्यूटी इंचार्ज रुस्तम सिंह और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया।

वहीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने सीओ सिटी हिमांशु गौरव के खिलाफ मामले की जांच बैठाते हुए कार्रवाई की बात कही है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पूरे मामले में सीओ सिटी हिमांशु गौरव की घोर लापरवाही सामने आई है।


पीड़ित मां बेटी को 50-50 हजार की मदद
पीड़ित मां बेटी को डीएम ने उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये का चेक दिया है। डीएम आंजनेय कुमार ने बताया कि दोनों पीड़िताओं के लिए तीन तीन लाख रुपये की संस्तुति शासन को भेज दी है। प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक दो दिन के भीतर शासन की ओर से मिलने वाली रकम भी पीड़िताओं तक पहुंच जाएगी।

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