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पुलिस ने बंद करवाया लाउड स्पीकर, विधायक ने चलवाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 08 Sep 2016 10:36 PM IST
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फ्रेट कॉरीडोर
- फोटो : अमर उजाला
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फ्रेट कॉरीडोर के लिए हुए भूमि अधिग्रहण के बाद कब्जे के लिए खड़ी फसल ढहाने के खिलाफ मैना मौजपुर गांव में दूसरे दिन भी किसान धरने पर डटे रहे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने धरना स्थल पर लगा लाउड स्पीकर बंद करवा दिया लेकिन बाद में पहुंची विधायक विमला सोलंकी ने लाउड स्पीकर चालू करवा दिया। वहीं भाजपा समेत अन्य दलों ने धरने का समर्थन किया।
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फ्रेट कॉरीडोर में अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे और दो दिन पूर्व कंपनी के अधिकारियों ने फसलों पर जेसीबी चलाने की कोशिश की थी। इसके विरोध में मैना मौजपुर गांव में हंगामा कर काम रुकवा दिया था। साथ ही कब्जे के विरोध में बेमियादी धरना शुरू किया था।
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किसानों ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को जंक्शन चौकी इंचार्ज अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और धारा 144 का हवाला देते हुए किसानों को धरने उठने को कहा। पुलिस ने चेतावनी भी दी कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप है कि पुलिस ने धरना स्थल पर लगा लाउडस्पीकर भी बंद करवा दिया। धरना स्थल पर पहुंची सिकंदराबाद विधायक ने लाउडस्पीकर चालू करवाया। विधायक ने कहा कि किसानों का जिला जज के यहां मुकदमा चल रहा है। जबतक कोई फैसला नहीं आता तब तक किसानों की फसल को तहस-नहस नहीं किया जा सकता। अगर किसानों पर अत्याचार हुआ तो स्थित बिगड़ सकती है।
किसान नेता सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि 14 महीनों में किसानों ने किसी भी सरकारी-गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया। फिर भी किसानों की फसल नष्ट कर उसके साथ प्रशासन निर्दयता से पेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उचित मुआवजा नही मिलता उनका आंदोलन चलता रहेगा। नवल सिंह, प्रेमपाल सोलंकी, बब्बन चौधरी, सौरभ, उदयवीर, महेन्द्र, धर्मवीर, सुरेश, भुल्लन सिंह, ताहिर आदि रहे।
क्या है मामला
कोलकाता-मुंबई फ्रेट कॉरीडोर के लिए रेलवे ने खुर्जा के 11 गांवों की 100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। इस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए मंगलवार को निर्माण कंपनी के अधिकारी पहुंचे तो वहां फसल खड़ी मिली। फसल ढहाकर कब्जा करने का ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध किया औ्र बुधवार से अधिग्रहण के खिलाफ बेमियादी धरने पर बैठ गए।
क्या है मामला
कोलकाता-मुंबई फ्रेट कॉरीडोर के लिए रेलवे ने खुर्जा के 11 गांवों की 100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। इस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए मंगलवार को निर्माण कंपनी के अधिकारी पहुंचे तो वहां फसल खड़ी मिली। फसल ढहाकर कब्जा करने का ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध किया औ्र बुधवार से अधिग्रहण के खिलाफ बेमियादी धरने पर बैठ गए।