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फोटो देखते ही चीखी बिटिया-यही हैं दरिंदे

Sun, 31 Jul 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Sun, 31 Jul 2016 11:44 PM IST
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I screamed and saw that the daughter-Drinde
गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला

हाईवे पर हुए मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने घटनास्थल से पांच किमी के दायरे से डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने पीड़ित मां-बेटी को 200 से अधिक अपराधियों के फोटो दिखाए। इनमें से बेटी ने दो फोटो में दरिंदों की शिनाख्त की। पकड़े गए तीन आरोपियों में से दो वही हैं जिनकी शिनाख्त बिटिया ने की थी।

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पुलिस हिरासत में आए संदिग्धों में चार लोग सलेमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने 17-18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पीड़ित मां-बेटी को 200 से अधिक अपराधियों के फोटो दिखाए। गिरफ्तार दो आरोपी वही हैं, जिनकी शिनाख्त बिटिया ने की।
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डीआईजी ने बताया कि दोनों राजस्थान में स्थित डेरों में रहने वाले हैं।  डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धों में चार सलेमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। कुछ घटना स्थल से आसपास के गांव के रहने वाले हैं। साथ ही वारदात के बाद से दोस्तपुर में रहने वाले कुछ संदिग्ध युवक घर से लापता हैं।
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उनके लापता रहने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। शनिवार रात हाईवे के किनारे बने ढाबों पर पुलिस ने पूछताछ कर संदिग्धों को हिरासत में लेकर छोड़ा। साथ ही हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

एक बदमाश ने किया था दरिंदगी का विरोध
नेशनल हाईवे 91 पर परिजनों को बंधक बनाकर मां-बेटी से गैंगरेप से पहले एक बदमाश ने अपने साथियों को ऐसा करने से रोका था। उसके रोकने पर सभी बदमाश 10-12 कदम आगे चले लेकिन फिर लौट आए और अगले चार घंटों तक मां-बेटी पर हैवानियत की सारी हदें लांघ दीं।

डीआईजी लक्ष्मी सिंह को आपबीती सुनाते वक्त दरिंदगी की शिकार मां-बेटी रह-रह कर कांपती रहीं। पीड़ित मां-बेटी ने डीआईजी को बताया कि उन्हें लूटने के बाद बदमाश उनकी कार को हाईवे किनारे एक खेत में ले गए। सभी बदमाश उसके और उसकी बेटी के साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम देने लगे तो एक बदमाश ने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कहा।

उस बदमाश के कहने पर सभी हैवान करीब 10 से 12 कदम आगे चले और फिर आपस में कुछ बात करने लगे। इसके बाद सभी हैवान लौटे और हैवानियत को भी शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दे दिया। पीड़ित मां-बेटी इतने सदमे में हैं कि वह कुछ ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं। पीड़ित मां-बेटी ने बताया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि कभी उन्हें इस भयानक सच से भी सामना करना पड़ेगा। पीड़ित मां-बेटी डीआईजी को आपबीती सुनाते-सुनाते कई बार सुबक पड़ी।

फोन करते रहे पीड़ित, नहीं मिली ‘पुलिस हेल्पलाइन’
बुलंदशहर। पीड़ितों ने वारदात के बाद 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की लेकिन चार बार में फोन नहीं मिला।  डीजीपी जावीद अहमद और डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आरोपी बंधक बने परिवार को शनिवार सुबह करीब 4 बजे छोड़कर भाग गए। करीब 40 से 45 मिनट तक परिवार डरा सहमा रहा।


किसी तरह एक ने बंधनमुक्त होकर एक-एककर सभी को बंधन मुक्त कराया। कार के नीचे पड़े मोबाइल से पीड़ित ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की। चार बार फोन मिलाया, लेकिन फोन नहीं मिला।

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