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‘अवैध गन्ना केंद्रों में बाधक था लोकेंद्र’

Wed, 02 Dec 2015 10:27 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Wed, 02 Dec 2015 10:27 PM IST
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historysheeter killed lokendra
त्रिवेणी शुगर मिल साबितगढ़ के डिप्टी केन मैनेजर लोकेंद्र सिंह की हत्या अवैध गन्ना तोल केंद्र लगाने में बाधक बनने पर गन्ना माफियाओं ने कराई थी।
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बुधवार को पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए 15 हजार के इनामी मुकेश हजरतपुरिया, उसके पिता और चार अन्य इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ।

इनके पास से तीन तमंचे और एक रिवाल्वर समेत 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि 29 अक्टूबर की  जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव नंगला फत्तापुर के निकट नहर की पटरी पर लाश मिली थी।

उसकी शिनाख्त त्रिवेणी शुगर मिल साबितगढ़ के डिप्टी केन मैनेजर लोकेंद्र सिंह निवासी गांव मडौना थाना बीबीनगर के रूप में हुई। हत्या अहमदगढ़ थाने के हिस्ट्रीशीटर मुकेश हजरतपुरिया ने अपने साथियों संग मिलकर की है।
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बुधवार सुबह पांच हथियारबंद बदमाशों को चांदौक रोड से मय हथियार के दबोच लिया। पूछताछ में पांचों की पहचान हरेंद्र फौजी पुत्र तेज सिंह निवासी कुतुबपुर श्यामवीर पुत्र धर्मवीर निवासी कादराबाद दोनों थाना शिकारपुर, यशपाल पुत्र चंद्रवीर निवासी रहमापुर स्यावली थाना सलेमपुर, बादल पुत्र संतराम निवासी जौली थाना सिकंद्राबाद और मुकेश के पिता यशपाल पुत्र कुंदन सिंह निवासी गांव हजरतपुर थाना अहमदगढ़ के रूप में हुई।
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पांचों के पास से तीन तमंचे और एक रिवाल्वर समेत 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 

केन इंस्पेक्टर ने छिपाया था सच

एसएसपी अनंत देव ने बताया कि लोकेंद्र घटना से करीब डेढ़ माह पहले ही कानपुर से ट्रांसफर होकर साबितगढ़ शुगर मिल आया था।

29 अक्टूबर को लोकेंद्र केन इंस्पेक्टर अमित सिरोहा के साथ बाइक पर बैठकर साबितगढ़ से मीटिंग के लिए शिकारपुर स्थित जोनल कार्यालय आया था।

जहां से अमित सिरोहा उसे बाइक पर गांव पापड़ी लेकर पहुंचा। जहां पहले से मुकेश, हरेंद्र फौजी, यशपाल, श्यामवीर, बादल और गज्जू मौजूद थे।

मुकेश ने अमित के मोबाइल की बैट्री निकाल ली और उसे वापस लौटा दिया। इसके बाद मुकेश ने लोकेंद्र का अपहरण कर लिया। वह उसे अपनी बाइक पर बीच में बैठाकर नहर की पटरी पर ले गए।


जहां मुकेश और उसके साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

मुकेश की संपत्ति होगी जब्त
मुकेश अहमदगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और डकैती के करीब दो दर्जन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

सूचना मिली है कि उसके पास करीब 300 बीघा जमीन और अन्य संपत्ति है। जल्द ही इसकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

एसएसपी अनंत देव ने बताया कि मुकेश के गैंग में पकड़े गए लोगों के अलावा गुंजन पुत्र चंद्रपाल निवासी सिखेड़ा थाना कोतवाली देहात, बबली उर्फ भूरा पुत्र गूदड़ निवासी गांव जौली थाना सिकंदराबाद, कपिल कुमार निवासी गुड़गांव, अमित निवासी हजरतपुर थाना अहमदगढ़ और विनोद कर्मचारी किनौरी मिल बागपत आदि लोग शामिल हैं।

50 हजार का इनामी होगा मुकेश
एसएसपी ने बताया कि फरार चल रहे मुकेश हजरतपुरिया पर फिलहाल 15 हजार का इनाम घोषित है। 50 हजार का इनाम घोषित करने के लिए शासन में संस्तुति की है।

शासन से अनुमति मिलने के बाद 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया जाएगा।



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