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मीनार तोड़ने पहुंचे मजदूरों को महिलाओं ने दौड़ाया
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:25 PM IST
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मीनार तोड़ने पहुंचे मजदूरों को महिलाओं ने दौड़ाया
ऊंचागांव। कस्बा अमरगढ स्थित एक धार्मिक स्थल की मीनार की ऊंचाई को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को बवाल होते-होते बचा। बीते दिनों पुलिस प्रसाशन की मौजूदगी में हुए समझौते के बाद सोमवार को मीनार की ऊंचाई कम करने के लिए मजदूर पहुंचे थे। इस दौरान समुदाय की औरतों ने मजदूरों को मौके से खदेड़ दिया। एक पक्ष का आरोप है कि प्रशासन मामले में उन पर मीनार की ऊंचाई कम करने का दबाव बना रहा है।
बता दें कि अमरगढ़ में धार्मिक स्थल की मीनार की ऊंचाई अस्सी फीट से अधिक होने पर विवाद हो गया था। दूसरे पक्ष का आरोप था कि मीनार भूकंप रोधी नहीं है और मीनार में तीस से अधिक खिड़कियां होने पर भी विवाद था। बीते दिनों विवाद को लेकर प्रशासन ने मीनार की ऊंचाई कम करने के लिये मुस्लिम समुदाय के चार लोगों को कोतवाली बुलाकर मीनार की ऊंचाई कम करने के एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराये थे और समझौता की एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी के एक सदस्य ने सोमवार को मीनार की ऊंचाई कम करने के लिये मजदूरों को लगाया था। जिससे एक पक्ष के लोगों में आक्रोश पनप गया तथा सैकड़ों महिलाओं ने एकत्रित होकर मजदूरों को भगा दिया। इसके बाद सभी महिलाएं मीनार का घेराव कर वहीं बैठ गईं।
गांव निवासी एक पक्ष के कुछ लोगों का आरोेप है कि प्रशासन ने दबाव बनाकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराए हैं। जबकि, मीनार का निर्माण दूसरे पक्ष की सहमति से कराया गया था। मामला उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण लखनऊ में विचारधीन है। जिसमें 12 नवंबर का समय दिया गया है। उपजिलाधिकारी स्याना का कहना है कि दीपावली के बाद दोनो पक्षों को बैठाकर वार्ता की जाएगी।
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ऊंचागांव। कस्बा अमरगढ स्थित एक धार्मिक स्थल की मीनार की ऊंचाई को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को बवाल होते-होते बचा। बीते दिनों पुलिस प्रसाशन की मौजूदगी में हुए समझौते के बाद सोमवार को मीनार की ऊंचाई कम करने के लिए मजदूर पहुंचे थे। इस दौरान समुदाय की औरतों ने मजदूरों को मौके से खदेड़ दिया। एक पक्ष का आरोप है कि प्रशासन मामले में उन पर मीनार की ऊंचाई कम करने का दबाव बना रहा है।
बता दें कि अमरगढ़ में धार्मिक स्थल की मीनार की ऊंचाई अस्सी फीट से अधिक होने पर विवाद हो गया था। दूसरे पक्ष का आरोप था कि मीनार भूकंप रोधी नहीं है और मीनार में तीस से अधिक खिड़कियां होने पर भी विवाद था। बीते दिनों विवाद को लेकर प्रशासन ने मीनार की ऊंचाई कम करने के लिये मुस्लिम समुदाय के चार लोगों को कोतवाली बुलाकर मीनार की ऊंचाई कम करने के एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराये थे और समझौता की एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी के एक सदस्य ने सोमवार को मीनार की ऊंचाई कम करने के लिये मजदूरों को लगाया था। जिससे एक पक्ष के लोगों में आक्रोश पनप गया तथा सैकड़ों महिलाओं ने एकत्रित होकर मजदूरों को भगा दिया। इसके बाद सभी महिलाएं मीनार का घेराव कर वहीं बैठ गईं।
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गांव निवासी एक पक्ष के कुछ लोगों का आरोेप है कि प्रशासन ने दबाव बनाकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराए हैं। जबकि, मीनार का निर्माण दूसरे पक्ष की सहमति से कराया गया था। मामला उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण लखनऊ में विचारधीन है। जिसमें 12 नवंबर का समय दिया गया है। उपजिलाधिकारी स्याना का कहना है कि दीपावली के बाद दोनो पक्षों को बैठाकर वार्ता की जाएगी।
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